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हाल रांची का: चार-पांच घंटे के इंतजार और हाथापाई के बाद मिलता है बाल्टी भर पानी

Updated at : 31 May 2019 7:15 AM (IST)
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हाल रांची का: चार-पांच घंटे के इंतजार और हाथापाई के बाद मिलता है बाल्टी भर पानी

रांची : पानी की किल्लत के मामले में वार्ड नंबर-28 के मधुकम इलाके की स्थिति शहर के अन्य इलाकों से अलग नहीं है. पिछले डेढ़ महीने में यहां के 1500 से ज्यादा घरों की बोरिंग पूरी तरह सूख चुकी हैं. ले-दे कर लोगों पर दो ही विकल्प बचे हैं, पहला नगर निगम द्वारा लगवाये गये […]

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रांची : पानी की किल्लत के मामले में वार्ड नंबर-28 के मधुकम इलाके की स्थिति शहर के अन्य इलाकों से अलग नहीं है. पिछले डेढ़ महीने में यहां के 1500 से ज्यादा घरों की बोरिंग पूरी तरह सूख चुकी हैं. ले-दे कर लोगों पर दो ही विकल्प बचे हैं, पहला नगर निगम द्वारा लगवाये गये एचवाइडीटी और रोजाना भेजे जानेवाले पानी के टैंकर. लेकिन, इसके लिए भी लोगों को चार से पांच घंटे तक खड़े रहना पड़ता है. तब जाकर कहीं एक बाल्टी पानी मिलता है.
जानकारी के अनुसार रांची नगर निगम ने पूरे वार्ड में तीन एचवाइडीटी और 14 मिनी एचवाइडीटी लगवाये हैं. यहां इलाके के लोग तड़के पांच बजे से लेकर रात 12 बजे तक पानी के लिए कतार लगाये नजर आते हैं. वहीं, नगर निगम की ओर से इलाके में पानी पहुंचाने के लिए तीन टैंकरों की ड्यूटी लगायी गयी है.
इसमें से भी एक टैंकर काफी दिनों से खराब है. शेष दो टैंकरों से चार-चार ट्रिप यानी कुल आठ ट्रिप पानी पहुंचाया जाता है. लेकिन, हालात ऐसे हैं कि इन जगहों से पानी लेने के दौरान लोग एक-दूसरे के साथ मारपीट पर उतारू हो जाते हैं.
650 फीट की तीन बोरिंग हुई, कहीं से पानी नहीं निकला : वार्ड के स्वर्ण जयंती नगर में सबसे अधिक जल संकट है. इस मोहल्ले के करीब 700 घरों की बोरिंग पूरी तरह से सूख चुकी हैं. इसे देखते हुए रांची नगर निगम ने इस मोहल्ले के तीन जगहों पर 650 फीट की गहराई तक बोरिंग करवायी, लेकिन कहीं से भी एक बूंद पानी नहीं निकला.
निगम के हाइड्रेंट फेल, टैंकर चालकों के छूट रहे पसीने
रांची. गर्मी में आमलोगों की प्यास बुझानेवाले रांची नगर निगम के हाइड्रेंट भी फेल होने लगे हैं. दो दिन पहले बकरी बाजार स्थित हाइड्रेंट फेल हो गया था. इससे सारा लोड हरमू और डोरंडा के हाइड्रेंट पर आ गया. लेकिन यहां भी टैंकर चालकों को पानी भरने में तीन से चार घंटा का समय लग रहा था.
पूरा इलाका ही ड्राइ जोन में तब्दील हो गया है. आसपास की सभी बोरिंग फेल हो गयी हैं. कभी-कभी लगता है कि घर छोड़ कर कहीं चले जायें.
शंभु साव
पानी की किल्लत ऐसी है, जिसे हम बयां भी नहीं कर सकते हैं. नगर निगम के ट्यूबवेल पर रोज चार-पांच घंटे लाइन में लगनी पड़ता है, तब जाकर एक बाल्टी पानी मिलता है.
सप्तरूपा देवी
पिछले एक महीने से परिवार के सभी सदस्यों का एकमात्र काम प्रतिदिन पानी भरना ही रह गया है. न तो बड़े कहीं जररी काम से जा पाते हैं और न ही बच्चे कहीं खेलने जाते हैं.
मृत्युंजय प्रसाद
पूरा वार्ड 10 साल से जल संकट झेल रहा है. वार्ड में एचवाइडीटी व मिनी एचवाइडीटी लगवाने से वाटर लेवल दिन-ब-दिन नीचे ही जा रहा है. हमारी मांग है कि पूरे वार्ड में पाइप लाइन के जरिये जलापूर्ति की जाये.
रश्मि चौधरी, पार्षद, वार्ड-28
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