US Venezuela Marco Rubio: अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने रविवार को यह संकेत दिया कि वेनेजुएला के रोजमर्रा के प्रशासन में अमेरिका की कोई सीधी भूमिका नहीं होगी, सिवाय इसके कि वह देश पर पहले से लागू ‘तेल नाकेबंदी’ को सख्ती से लागू करता रहेगा. यह बयान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उस घोषणा के ठीक एक दिन बाद आया, जिसमें उन्होंने कहा था कि वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को सत्ता से हटाए जाने के बाद अमेरिका इस लातिन अमेरिकी देश का संचालन करेगा. रुबियो की टिप्पणी को इस आशंका को शांत करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है कि सत्ता परिवर्तन के लिए की गई आक्रामक अमेरिकी कार्रवाई कहीं वेनेजुएला में लंबे समय तक चलने वाले विदेशी हस्तक्षेप या विफल राष्ट्र-निर्माण की प्रक्रिया में न बदल जाए.
रुबियो का यह रुख ट्रंप के उन व्यापक लेकिन अस्पष्ट बयानों से अलग दिखाई देता है, जिनमें उन्होंने कहा था कि अमेरिका कम-से-कम अस्थायी तौर पर तेल-संपन्न इस देश का ‘शासन’ संभालेगा. ट्रंप की टिप्पणियों से इस बात के संकेत मिले थे कि कराकस को वॉशिंगटन के नियंत्रण में रखने के लिए किसी तरह की प्रशासनिक व्यवस्था बनाई जा सकती है. ट्रंप ने पत्रकारों से कहा था, “हम देश को तब तक चलाएंगे, जब तक एक सुरक्षित, उचित और विवेकपूर्ण सत्ता परिवर्तन संभव नहीं हो जाता.”
वेनेजुएला पर तेल प्रतिबंध जारी रहेगा
हालांकि, रुबियो ने अपेक्षाकृत संतुलित दृष्टिकोण रखते हुए स्पष्ट किया कि अमेरिका उस तेल प्रतिबंध को जारी रखेगा, जो मादुरो को शनिवार सुबह सत्ता से हटाए जाने से पहले ही प्रतिबंधित तेल टैंकरों पर लागू था, और उसी दबाव का इस्तेमाल वेनेजुएला में नीतिगत बदलाव सुनिश्चित करने के लिए किया जाएगा. हालाँकि उन्होंने वेनेजुएला में अमेरिकी सैन्य मौजूदगी की संभावना से इनकार नहीं किया, लेकिन कहा कि अमेरिका की मौजूदा “फोर्स पोस्चर” ड्रग तस्करी करने वाली नौकाओं और प्रतिबंधित टैंकरों को रोकने में सक्षम है.
जनता के हित में संचालित करने के तरीके में बदलाव आएगा
सीबीएस के कार्यक्रम ‘फेस द नेशन’ में बोलते हुए रुबियो ने कहा, “जब राष्ट्रपति इस तरह की बात करते हैं, तो उनका आशय इसी तरह के नियंत्रण से होता है.” उन्होंने आगे कहा, “हम उस नाकेबंदी को बनाए रखेंगे और हमें उम्मीद है कि इससे न केवल तेल उद्योग को जनता के हित में संचालित करने के तरीके में बदलाव आएगा, बल्कि मादक पदार्थों की तस्करी पर भी रोक लगेगी.” रुबियो ने यह भी कहा कि प्रतिबंधित तेल टैंकरों पर लागू नाकेबंदी अभी प्रभावी है और यह अमेरिका के पास मौजूद एक बेहद शक्तिशाली दबाव का साधन है, जो तब तक जारी रहेगा जब तक ऐसे बदलाव नहीं दिखते जो न सिर्फ अमेरिका के सर्वोच्च राष्ट्रीय हितों को आगे बढ़ाएँ, बल्कि वेनेजुएला के लोगों के लिए बेहतर भविष्य का रास्ता भी खोलें.
ट्रंप की मंशा को गलत समझा गया
इस नाकेबंदी के तहत अमेरिका अब तक वेनेजुएला के कई तेल टैंकरों को जब्त कर चुका है. वहीं, शनिवार को फ्लोरिडा में हुई एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ट्रंप ने छह से ज्यादा बार यह दोहराया कि अमेरिका वेनेजुएला का शासन संभालेगा, जिससे कुछ डेमोक्रेट नेताओं के बीच चिंताएँ और गहरी हो गईं. इस बयान से उनके अपने रिपब्लिकन गठबंधन के कुछ हिस्सों में भी बेचैनी देखी गई, खासकर “अमेरिका फर्स्ट” समर्थकों में, जो विदेशी हस्तक्षेप के विरोधी हैं. साथ ही, इराक और अफगानिस्तान में हुए पुराने राष्ट्र-निर्माण अभियानों को याद करने वाले विश्लेषकों में भी चिंता बढ़ी. रुबियो ने इस आलोचना को खारिज करते हुए कहा कि ट्रंप की मंशा को एक “विदेश नीति प्रतिष्ठान” ने गलत समझा है, जो मध्य पूर्व पर ही केंद्रित रहता है.
रुबियो ने कहा, “पूरी विदेश नीति व्यवस्था को लगता है कि हर स्थिति लीबिया है, हर जगह इराक है, हर जगह अफगानिस्तान है. यह मध्य पूर्व नहीं है. और यहाँ हमारा मिशन बिल्कुल अलग है. यह पश्चिमी गोलार्ध है.” रुबियो ने यह भी संकेत दिया कि अमेरिका मादुरो के अधीनस्थों को, जो अब सत्ता संभाले हुए हैं, शासन चलाने के लिए समय देगा. उन्होंने कहा, “हम हर चीज़ का आकलन इस आधार पर करेंगे कि वे क्या करते हैं, और हम देखेंगे कि वे क्या करते हैं.”
अमेरिका में मादुरो पर चलेगा केस, सोमवार को कोर्ट में होगी पेशी
शनिवार (3 जनवरी) देर दोपहर मादुरो न्यूयॉर्क सिटी के उत्तरी उपनगरों के एक छोटे हवाई अड्डे पर पहुँचे. इससे पहले रात के अंधेरे में एक अभियान के तहत उन्हें और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को कराकस स्थित एक सैन्य अड्डे में उनके घर से बाहर निकाला गया था. हवाई अड्डे पर पहुँचने के बाद मादुरो को हेलीकॉप्टर से मैनहैटन ले जाया गया, जहाँ बख्तरबंद वाहन सहित कई कानून प्रवर्तन गाड़ियाँ उन्हें पास स्थित अमेरिकी ड्रग एनफोर्समेंट एडमिनिस्ट्रेशन (DEA) कार्यालय ले जाने के लिए मौजूद थीं. मादुरो सोमवार (5 जनवरी) को मैनहैटन की संघीय अदालत में पहली बार पेश होने वाले हैं.
मादुरो सरकार ने इस कार्रवाई को “साम्राज्यवादी” करार दिया. इस दंपती पर अमेरिका में नार्को-आतंकवाद (नशीले पदार्थों से जुड़ी आतंकवादी साजिश) में शामिल होने के आरोप हैं. इस बीच, वेनेजुएला की उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने अमेरिका से मादुरो को रिहा करने की मांग की और उन्हें देश का वैध नेता बताया. वहीं, देश की सर्वोच्च अदालत ने रोड्रिगेज को अंतरिम राष्ट्रपति नियुक्त कर दिया.
मादुरो पर आरोप अमेरिका में कोकीन की बाढ़ लाई
मादुरो की इस नाटकीय गिरफ्तारी के साथ ट्रंप प्रशासन द्वारा वेनेजुएला के तानाशाही नेता पर डाले गए दबाव अभियान और महीनों की गुप्त योजना का अंत हुआ. कानूनी विशेषज्ञों ने इस अभियान की वैधता पर सवाल उठाए हैं, क्योंकि इसे कांग्रेस की मंजूरी के बिना अंजाम दिया गया. अमेरिका मादुरो को वेनेजुएला का वैध नेता नहीं मानता. मादुरो और अन्य वेनेजुएला अधिकारियों पर 2020 में नार्को-आतंकवादी साजिश के आरोप तय किए गए थे. शनिवार (3 जनवरी) को न्याय विभाग ने मादुरो और उनकी पत्नी के खिलाफ एक नया अभियोग जारी किया, जिसमें उनकी सरकार को “भ्रष्ट और अवैध शासन” बताया गया, जो ड्रग तस्करी के जरिए अमेरिका में कोकीन की बाढ़ लाने में शामिल रहा.
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