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मिडिल ईस्ट बेस से सैनिकों को रिलोकेट कर रहा अमेरिका, ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच क्या है US प्लान?

Updated at : 22 Feb 2026 11:59 AM (IST)
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US shifts military personnel across Middle East bases as tensions with Iran escalate.

अमेरिकी सैनिकों को शिफ्ट किया जा रहा है. फाइल फोटो- एक्स (@rkmtimes)

US Iran Tensions: अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष अब और भी नजदीक आता दिख रहा है. यूएस नेवी के एयरक्राफ्ट कैरियर ईरान के आसपास तैनात हैं. इस बीच अब अमेरिकी सैनिक मिडिल ईस्ट के यूएस बेसेज से शिफ्ट किए जा रहे हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को 10-15 दिन का समय दिया है. क्या अब दुनिया जंग के मुहाने पर खड़ी है?

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US Iran Tensions: संयुक्त राज्य अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में स्थित अपने अलग-अलग सैन्य ठिकानों पर तैनात सैन्य कर्मियों की रणनीतिक तैनाती फिर से शुरू कर दी है. इन सैनिकों को किन अभियानों के लिए भेजा जा रहा है, इसका खुलासा नहीं किया गया है. यह कदम ऐसे समय उठाया गया है, जब ईरान और अमेरिका के बीच सीधे सैन्य टकराव की आशंका बढ़ती जा रही है. अमेरिकी राष्ट्रपति लगातार अपने बयानों और अमेरिकी सैन्य बलों की तैनाती से ईरान पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने शिया मुल्क को 10-15 दिन का समय दिया है.

जेरूसलम पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, न्यूयॉर्क टाइम्स ने पेंटागन अधिकारियों का हवाला देते हुए कहा, कतर स्थित अल-उदीद एयरबेस से सैकड़ों अमेरिकी सैनिकों को दूसरी जगहों पर भेजा गया है. इसी तरह की सैन्य और लॉजिस्टिक गतिविधियां बहरीन में भी देखी गई हैं, जहां अमेरिकी नौसेना के पांचवें बेड़े का मुख्यालय है. इसके अलावा इराक, सीरिया, कुवैत, सऊदी अरब, जॉर्डन और संयुक्त अरब अमीरात में स्थित अमेरिकी ठिकानों पर भी ऐसी हलचल दर्ज की गई है.

ईरान कर चुका है कतर बेस पर हमला

सरकारी अधिकारियों को आशंका है कि अगर बड़े स्केल पर युद्ध की स्थिति बनती है, तो इस क्षेत्र में तैनात 30,000 से 40,000 अमेरिकी सैनिक ईरान के सीधे निशाने पर आ सकते हैं. इस मुद्दे पर राय देने वाले सैन्य विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसा टकराव जून 2025 में अल-उदीद बेस पर हुए हमले से बिल्कुल अलग होगा, क्योंकि उस समय ईरानी अधिकारियों ने अमेरिका को पहले से सूचना दी थी.

ईरान दे चुका है हमले की धमकी

जेरूसलम पोस्ट ने संयुक्त राष्ट्र में ईरान के मिशन की एक कड़ी चेतावनी का भी जिक्र किया है. इसमें कहा गया है कि अगर अमेरिका ने हमला किया, तो क्षेत्र में मौजूद ‘शत्रुतापूर्ण ताकतों के सभी ठिकाने, सुविधाएं और रिसोर्स वैलिड टारगेट होंगे.’ इन खतरों को देखते हुए अमेरिका अपने सैनिकों और हितों की सुरक्षा के लिए मध्य पूर्व में हवाई रक्षा प्रणालियों को मजबूत कर रहा है. 

ईरान से दूर हैं अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर

हाल के दिनों में अमेरिका ने अपने दो एयरक्राफ्ट कैरियर ईरान के आसपास तैनात किए हैं. लेकिन वह ईरान से काफी दूर हैं, ताकि वे जवाबी हमलों के आसान लक्ष्य न बनें. जेरूसलम पोस्ट के अनुसार, ये सभी सैन्य तैयारियां इस बात का संकेत हैं कि अमेरिका किसी संभावित और लंबे संघर्ष के लिए उच्च स्तर की तैयारी कर रहा है. 

हालांकि ट्रंप प्रशासन आधिकारिक तौर पर इस संकट का कूटनीतिक समाधान तलाशने की बात कहता रहा है, लेकिन प्रशासन से जुड़े कुछ सूत्रों का मानना है कि तेहरान की मौजूदा पेशकशें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को सैन्य कार्रवाई से रोकने के लिए पर्याप्त नहीं हैं.

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि आंतरिक स्तर पर सैन्य योजना अब कहीं ज्यादा विस्तृत और महत्वाकांक्षी हो गई है, खासकर तब जब राष्ट्रपति ट्रंप हाल के दिनों में ईरान में सत्ता परिवर्तन की संभावना पर भी सार्वजनिक रूप से संकेत दे चुके हैं.

एएनआई के इनपुट के साथ.

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Anant Narayan Shukla

लेखक के बारे में

By Anant Narayan Shukla

इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पोस्ट ग्रेजुएट. करियर की शुरुआत प्रभात खबर के लिए खेल पत्रकारिता से की और एक साल तक कवर किया. इतिहास, राजनीति और विज्ञान में गहरी रुचि ने इंटरनेशनल घटनाक्रम में दिलचस्पी जगाई. अब हर पल बदलते ग्लोबल जियोपोलिटिक्स की खबरों के लिए प्रभात खबर के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं.

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