अमेरिका में हिंदू सबसे ज्यादा एजुकेटेड धार्मिक समुदाय, हर 10 में से 7 ग्रैजुएट, बाकियों का क्या हाल?

अमेरिका में हिंदू सबसे ज्यादा पढ़ा लिखा धार्मिक समुदाय. फोटो- एआई जेनरेटेड.
Hindus Most Educated in US: अमेरिका में हिंदू धार्मिक समुदाय सबसे ज्यादा पढ़ा लिखा है. वाशिंगटन स्थित प्यू रिसर्च सेंटर ने अपनी स्टडी में यह खुलासा किया है कि हर 10 में से 7वां हिंदू ग्रेजुएट या उससे अधिक डिग्री वाला है.
Hindus Most Educated in US: अमेरिका में हिंदू सबसे अधिक शिक्षित धार्मिक समुदाय हैं. प्यू रिसर्च सेंटर द्वारा किए गए एक नए रिसर्च में सामने आया है. रिलीजियस लैंडस्केप स्टडी (आरएलएस) के मुताबिक, शिक्षा के स्तर के मामले में हिंदू समुदाय ने यहूदियों को भी पीछे छोड़ दिया है. यहूदी समुदाय हिंदुओं के बाद दूसरे स्थान पर हैं. यह अध्ययन अमेरिका के प्रमुख धार्मिक समुदायों की शैक्षणिक स्थिति को समझने के लिए किया गया है. इस अध्ययन में अमेरिका के प्रमुख धार्मिक समुदायों की शैक्षणिक स्थिति का विस्तृत विश्लेषण किया गया.
वाशिंगटन स्थित इस शोध संस्थान ने 2023–24 के धार्मिक परिदृश्य अध्ययन के निष्कर्ष जारी किए हैं. इन्हें अमेरिका में धर्म और सार्वजनिक जीवन से जुड़े सबसे व्यापक सर्वेक्षणों में से एक माना जा रहा है. यह अध्ययन 19 फरवरी को सार्वजनिक किया गया.
हिंदुओं के बाद यहूदी दूसरे सबसे ज्यादा पढ़े लिखे
रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका में रहने वाले दस में से सात हिंदुओं, यानी लगभग 70 प्रतिशत के पास स्नातक या उससे उच्च स्तर की डिग्री है. शिक्षा के मामले में दूसरे स्थान पर यहूदी समुदाय है, जहां 65 प्रतिशत लोगों ने स्नातक या उससे आगे की पढ़ाई की है. इसके मुकाबले अमेरिका के कुल वयस्कों में केवल 35 प्रतिशत लोगों के पास ही स्नातक या उससे ऊपर की शिक्षा है.
हिंदू और यहूदियों के अलावा कुछ अन्य धार्मिक समूह भी राष्ट्रीय औसत से अधिक शिक्षित पाए गए हैं. इनमें मुस्लिम, बौद्ध और ऑर्थोडॉक्स ईसाई समुदाय शामिल हैं. इन सभी समूहों में दस में से चार से अधिक वयस्कों के पास कम से कम स्नातक की डिग्री है. वहीं, औसत से नीचे रहने वाले समूहों में इवेंजेलिकल ईसाई, कैथोलिक और पारंपरिक अश्वेत प्रोटेस्टेंट चर्च शामिल हैं.
अमेरिका में 40% के पास ग्रैजुएट डिग्री
अध्ययन यह भी बताता है कि अमेरिका की कुल वयस्क आबादी में लगभग 40 प्रतिशत लोगों के पास स्नातक या उच्च डिग्री है. इससे यह साफ होता है कि अलग-अलग धार्मिक समुदायों के बीच शिक्षा के स्तर में काफी अंतर है. इसके पीछे प्रवासन और जनसांख्यिकीय रुझानों की अहम भूमिका मानी गई है, खासकर हिंदू, मुस्लिम और बौद्ध समुदायों में, जिनके कई सदस्य उच्च शिक्षा या कुशल श्रमिक श्रेणी के तहत अमेरिका पहुंचे.
यह सर्वेक्षण 17 जुलाई 2023 से 4 मार्च 2024 के बीच किया गया था, जिसमें अमेरिका के 36,908 वयस्कों ने भाग लिया. इस अध्ययन को अमेरिकी समाज में शिक्षा और धर्म के संबंध को समझने के लिहाज़ से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
भारतीय मूल के लोग दूसरा सबसे बड़ा एशियाई समूह
संयुक्त राज्य अमेरिका में भारतीय मूल के लोग आज देश की दूसरी सबसे बड़ी एशियाई समुदाय हैं. यूएस सेंसस ब्यूरो के आँकड़ों और प्यू रिसर्च सेंटर के अमेरिकन कम्युनिटी सर्वे के विश्लेषण के अनुसार, अमेरिका में करीब 52 लाख भारतीय मूल के लोग रहते हैं. यह संख्या अमेरिका की कुल एशियाई आबादी का लगभग 21 प्रतिशत है.
एशियाई समुदाय में भारतीयों से आगे केवल चीनी-अमेरिकी हैं, जिनकी आबादी लगभग 55 लाख बताई गई है. पिछले दो दशकों में लगातार प्रवासन और जनसंख्या वृद्धि के कारण भारतीय समुदाय अमेरिका में सबसे तेज़ी से बढ़ने वाली समुदायों में शामिल रहा है.
भारतीय मूल के लोगों में लगभग आधे हिंदू
रिपोर्टों के अनुसार, साल 2000 में अमेरिका में भारतीय मूल के लोगों की संख्या करीब 18 लाख थी, जो 2023 तक बढ़कर लगभग 49 लाख हो गई, यानी करीब 174 प्रतिशत की वृद्धि. प्यू रिसर्च सेंटर की स्टडी के मुताबिक इनमें से लगभग आधे (48%) खुद को हिंदू मानते हैं. 15% ईसाई और अन्य धर्म को मानने वाले लोग है.
भारतीय अमेरिकियों में बड़ी संख्या प्रवासियों की है, हालांकि समय के साथ अमेरिका में जन्मे भारतीय मूल के लोगों का अनुपात भी बढ़ा है. भारतीय समुदाय शिक्षा, भाषा दक्षता और पेशेवर क्षेत्रों में मजबूत स्थिति रखता है. इसके अलावा, हाल के वर्षों में भारत एक बार फिर अमेरिका में अंतरराष्ट्रीय छात्रों का सबसे बड़ा स्रोत बन गया है, जिससे भारतीय समुदाय का सामाजिक और शैक्षणिक प्रभाव और भी बढ़ा है.
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लेखक के बारे में
By Anant Narayan Shukla
इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पोस्ट ग्रेजुएट. करियर की शुरुआत प्रभात खबर के लिए खेल पत्रकारिता से की और एक साल तक कवर किया. इतिहास, राजनीति और विज्ञान में गहरी रुचि ने इंटरनेशनल घटनाक्रम में दिलचस्पी जगाई. अब हर पल बदलते ग्लोबल जियोपोलिटिक्स की खबरों के लिए प्रभात खबर के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं.
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