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27 सेकंड में जहाज तबाह, अमेरिकी नौसेना ने किया खौफनाक हमला, ट्रंप ने दिखाया चौंकाने वाला VIDEO

Updated at : 16 Sep 2025 11:47 AM (IST)
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US Navy Caribbean Strike/ Ai Generated Image

अमेरिकी नौसेना कैरिबियन हमला/एआई जनित ईमेज

US Navy Caribbean Strike: डोनाल्ड ट्रंप ने कैरिबियन में किया नया सैन्य हमला, 3 'नार्कोटेररिस्ट' ढेर. ड्रग्स को बताया 'घातक हथियार', अमेरिका की सख्त चेतावनी. अंतरराष्ट्रीय कानून पर सवाल, लेकिन संदेश साफ - अब कोई समझौता नहीं होगा.

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US Navy Caribbean Strike: कभी-कभी लगता है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ‘ऑफेंसिव मोड’ ऑन कर दिया है. एक दिन पहले ही उन्होंने चेतावनी दी थी कि यदि ड्रग कार्टेल अमेरिकी नागरिकों को मारते रहे, तो अमेरिका जवाब देगा, और इसके ठीक अगले ही दिन उन्होंने कैरिबियन में एक जहाज पर नया सैन्य हमला कर दिया. ट्रंप ने दावा किया कि इस ऑपरेशन में तीन “नार्कोटेररिस्ट” मारे गए, और इस बार अमेरिकी सैनिक सुरक्षित रहे. ट्रम्प ने अपने ट्रुथ पेज पर इसका एक वीडियो भी पोस्ट भी साझा किया है जिसमें आप देख सकते हैं कि कैसे 27 सेकंड में पूरी जहाज को अमेरिको नौसेना ने तबाह कर ये जलवा दिखया है.

US Navy Caribbean Strike: ड्रग्स को बताया ‘घातक हथियार’

ट्रम्प ने इस हमले को सिर्फ एक सैन्य ऑपरेशन नहीं बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा बताया. उन्होंने कहा कि कार्टेल द्वारा तस्करी किए जा रहे ड्रग्स “घातक हथियार” हैं, जो सीधे अमेरिकियों की जान ले रहे हैं. उनके अनुसार, ये कार्टेल दशकों से अमेरिकी समुदायों में तबाही मचा रहे हैं और लाखों अमेरिकी नागरिकों की मौत का कारण बने हैं. ट्रंप ने चेतावनी देते हुए लिखा, “अगर आप ऐसे ड्रग्स ले जा रहे हैं जो अमेरिकियों को मार सकते हैं, तो हम आपको ढूंढ रहे हैं. अब और नहीं.”

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पहले के ऑपरेशन का संदर्भ

यह हमला पहले इसी महीने हुए अमेरिकी ड्रग ऑपरेशन के कुछ दिन बाद आया. उस पहले ऑपरेशन में अमेरिकी नौसेना ने 11 लोगों को मार डाला, जो कथित तौर पर ड्रग्स ले जा रहे थे. व्हाइट हाउस ने कहा था कि जहाज पर “भारी मात्रा में ड्रग्स थे, जो कई लोगों की जान ले सकते थे.” ट्रंप के इस दृष्टिकोण से स्पष्ट है कि उनका मकसद ड्रग तस्करी को अमेरिका के लिए सीरियस खतरे के रूप में दिखाना है.

अंतरराष्ट्रीय कानून पर सवाल

लेकिन इस ऑपरेशन की वैधता पर सवाल उठ रहे हैं. अमेरिकी विदेश सचिव मार्को रुबियो और रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने पहले हमले का समर्थन किया, उनका कहना था कि निशाने पर कार्टेल ऑपरेटिव्स थे. दूसरी ओर, डेली मेल की रिपोर्ट में कहा गया कि अमेरिकी सेना को यह भी पता नहीं था कि जहाज पर ड्रग्स थे या नहीं. सूत्रों का कहना है कि यह हमला शायद वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को उकसाने और उनकी प्रतिक्रिया देखने के लिए किया गया. अभी तक ट्रंप प्रशासन ने यह साबित नहीं किया कि दोनों जहाजों पर वास्तव में ड्रग्स थे या नहीं.

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अमेरिका का संदेश साफ

इस पूरी स्थिति से साफ हो जाता है कि ट्रंप की रणनीति ड्रग कार्टेल के खिलाफ ज़बरदस्त और पब्लिकली डिक्लेयर की गई सख्ती की है. उनका संदेश सीधा है: “जो अमेरिकियों को मार सकते हैं, उनके खिलाफ हम कोई समझौता नहीं करेंगे.” चाहे अंतरराष्ट्रीय कानून के सवाल उठें या वैधता पर बहस हो, ट्रंप ने यह स्पष्ट कर दिया कि ड्रग्स के खिलाफ उनकी नीति बेहद सख्त और हमला-मुखी है. 

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Govind Jee

लेखक के बारे में

By Govind Jee

गोविन्द जी ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय भोपाल से की है. वे वर्तमान में प्रभात खबर में कंटेंट राइटर (डिजिटल) के पद पर कार्यरत हैं. वे पिछले आठ महीनों से इस संस्थान से जुड़े हुए हैं. गोविंद जी को साहित्य पढ़ने और लिखने में भी रुचि है.

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