Trump Maduro Venezuela Tension: अमेरिका और वेनेजुएला के बीच चल रही तनातनी अब और खुलकर सामने आ गई है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सीधे तौर पर वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को सत्ता छोड़ने की सलाह दी है. यह बयान ऐसे वक्त आया है, जब अमेरिका एक तरफ वेनेजुएला पर आर्थिक दबाव बढ़ा रहा है और दूसरी तरफ कैरिबियन इलाके में अपनी सैन्य मौजूदगी भी लगातार बढ़ा रहा है. ट्रंप के इस बयान से साफ है कि वॉशिंगटन अब मादुरो सरकार को लेकर कोई नरमी के मूड में नहीं है.
Trump Maduro Venezuela Tension in Hindi: सत्ता छोड़ना मादुरो के लिए स्मार्ट फैसला
डोनाल्ड ट्रंप से जब पूछा गया कि क्या उनकी सरकार की मौजूदा रणनीति मादुरो को सत्ता से हटाने के लिए है, तो उन्होंने सीधे हां या ना में जवाब नहीं दिया. लेकिन ट्रंप ने साफ कहा कि अगर मादुरो सत्ता छोड़ते हैं, तो यह उनके लिए समझदारी भरा कदम होगा. ट्रंप के मुताबिक, यह फैसला पूरी तरह मादुरो पर निर्भर करता है और आने वाले वक्त में सब साफ हो जाएगा. (Oil Tanker Seizure US Pressure in Hindi)
वेनेजुएला ने अपराधी अमेरिका भेजे
ट्रंप ने वेनेजुएला पर बेहद गंभीर आरोप लगाए. उनके अनुसार, वेनेजुएला ने अमेरिका की खुली सीमा का फायदा उठाया और अपने देश के अपराधियों को अमेरिका भेज दिया. ट्रंप ने कहा कि लाखों लोग अमेरिका में दाखिल हुए, जिनमें अपराधी, कैदी, ड्रग बेचने वाले और मानसिक रूप से अस्थिर लोग शामिल थे. ट्रंप का दावा है कि किसी और देश ने अमेरिका के साथ ऐसा नहीं किया.
सीमा संकट के लिए पिछली अमेरिकी सरकार को ठहराया दोषी
हालांकि ट्रंप ने माना कि कांगो जैसे दूसरे देशों से भी लोग अमेरिका पहुंचे, लेकिन उन्होंने इस पूरे संकट की जिम्मेदारी पिछली अमेरिकी सरकार पर डाल दी. ट्रंप ने कहा कि पहले अमेरिका की सीमा खुली छोड़ दी गई थी, क्योंकि देश एक “बेवकूफ राष्ट्रपति” के हाथ में था. ट्रंप के मुताबिक, अब ऐसा नहीं है और मौजूदा प्रशासन सीमा सुरक्षा को लेकर सख्त है.
Trump Maduro Venezuela Tension in Hindi: ड्रग ऑपरेशन या वेनेजुएला पर दबाव?
व्हाइट हाउस का कहना है कि कैरिबियन क्षेत्र में अमेरिकी सेना की बढ़ी मौजूदगी ड्रग तस्करी रोकने के लिए है. लेकिन ट्रंप के बयानों और हाल की घटनाओं को जोड़कर देखा जाए तो तस्वीर कुछ और ही दिखती है. इसी महीने अमेरिका ने वेनेजुएला के तट के पास दो तेल टैंकर जब्त किए हैं, जिससे इस कार्रवाई के पीछे की मंशा पर सवाल उठने लगे हैं.
‘डार्क फ्लीट’ और जहाज Bella 1 का मामला
रविवार को अमेरिकी कोस्ट गार्ड ने एक संदिग्ध जहाज का पीछा किया, जिसे उन्होंने डार्क फ्लीट का हिस्सा बताया. इस जहाज का नाम Bella 1 है. अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, यह जहाज वेनेजुएला जा रहा था, जहां से तेल लोड किया जाना था. अमेरिका का दावा है कि Bella 1 अमेरिकी प्रतिबंधों के दायरे में आता है और इसका संबंध ईरानी तेल से है. इसे ऐसे जहाजों के समूह का हिस्सा बताया गया है, जो प्रतिबंधित देशों से तेल ढोते हैं. अमेरिकी अदालत की तरफ से इस जहाज को जब्त करने का वारंट पहले ही जारी हो चुका था.
वेनेजुएला का जवाब- अमेरिका कर रहा समुद्री डकैती
वहीं वेनेजुएला सरकार ने अमेरिका की इस कार्रवाई को सिरे से खारिज कर दिया है. वेनेजुएला का कहना है कि अमेरिका खुले तौर पर समुद्री डकैती कर रहा है. सरकार के मुताबिक, यह कदम देश के तेल संसाधनों पर कब्जा करने और मादुरो सरकार को गिराने की साजिश का हिस्सा है. वेनेजुएला ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन भी बताया है.
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