ट्रंप बोले- ईरान ने मांगा 7 दिन का वक्त, मैंने दी 10 दिन की राहत; 8 जहाजों के 'गिफ्ट' पर पिघले?

Updated at : 27 Mar 2026 7:28 AM (IST)
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Trump Iran Strike Pause 10 days

तस्वीर में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप.

Trump Iran Strike Pause: ईरान के पावर प्लांट्स पर अमेरिकी हमले फिलहाल टल गए हैं. राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान की 7 दिन की मोहलत वाली रिक्वेस्ट को मानकर उसे 10 दिन का समय दे दिया है. 8 तेल टैंकरों को रास्ता देने के बदले ट्रंप ने यह राहत 6 अप्रैल 2026 तक बढ़ाई है.

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Trump Iran Strike Pause: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ होने वाले सैन्य हमलों को 10 दिनों के लिए टाल दिया है. फॉक्स न्यूज से बातचीत में ट्रंप ने बताया कि ईरान ने अपने एनर्जी पावर प्लांट्स पर होने वाले हमलों को रोकने के लिए उनसे 7 दिन का समय मांगा था, लेकिन उन्होंने इसे बढ़ाकर 10 दिन कर दिया है. अब यह डेडलाइन 6 अप्रैल 2026 तक के लिए बढ़ गई है.

ईरान ने दिया ‘गिफ्ट’, तो ट्रंप ने दी मोहलत

ट्रंप ने साफ किया कि उन्होंने यह फैसला ईरान की एक पहल के बाद लिया है. ट्रंप के मुताबिक, ईरान ने बातचीत के बीच ‘तोहफे’ के तौर पर होर्मुज जलडमरूमध्य (स्ट्रेट ऑफ होर्मुज) से 8 तेल टैंकरों को निकलने का रास्ता दे दिया है. इसी वजह से ट्रंप ने ईरान की 7 दिन की रिक्वेस्ट के बदले उन्हें 10 दिन की मोहलत दे दी. ट्रंप ने कहा कि ईरानी सरकार की ओर से उनके लोगों के जरिए यह अपील बहुत शालीनता से की गई थी.

ट्रुथ सोशल पर दी जानकारी 

ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा कि ईरान के साथ बातचीत बहुत अच्छी और सही दिशा में चल रही है. उन्होंने आधिकारिक तौर पर घोषणा की कि वे एनर्जी प्लांट्स को तबाह करने के फैसले को 10 दिनों के लिए रोक रहे हैं. नई डेडलाइन अब सोमवार, 6 अप्रैल 2026 को ईस्टर्न टाइम के अनुसार रात 8 बजे तक रहेगी. उन्होंने मीडिया में चल रही उन खबरों को भी गलत बताया जिनमें बातचीत के विफल होने की बात कही जा रही थी.

युद्ध विभाग को हमले रोकने का मिला आदेश

इससे पहले सोमवार को ट्रंप ने अमेरिका के युद्ध विभाग (Department of War) को निर्देश दिया था कि ईरान के पावर प्लांट्स और एनर्जी ठिकानों पर होने वाली किसी भी सैन्य कार्रवाई को 5 दिनों के लिए टाल दिया जाए. ट्रंप ने बताया था कि दोनों देशों के बीच पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव को खत्म करने के लिए बहुत ही गहरी और रचनात्मक बातचीत हुई है. उन्होंने इस बातचीत के ‘टोन और तेवर’ को देखते हुए ही हमले टालने का फैसला किया था.

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48 घंटे के अल्टीमेटम से शुरू हुआ था मामला

इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत शनिवार (21 मार्च)  को हुई थी, जब ट्रंप ने ईरान को सख्त चेतावनी दी थी. ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा था कि अगर ईरान ने 48 घंटों के भीतर होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह से नहीं खोला, तो अमेरिका उनके पावर प्लांट्स को पूरी तरह से तबाह कर देगा. उन्होंने सबसे पहले ईरान के सबसे बड़े पावर प्लांट को निशाना बनाने की धमकी दी थी. हालांकि, अब बातचीत के बाद यह डेडलाइन लगातार आगे बढ़ती जा रही है.

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Govind Jee

लेखक के बारे में

By Govind Jee

गोविन्द जी ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय भोपाल से की है. वे वर्तमान में प्रभात खबर में कंटेंट राइटर (डिजिटल) के पद पर कार्यरत हैं. वे पिछले आठ महीनों से इस संस्थान से जुड़े हुए हैं. गोविंद जी को साहित्य पढ़ने और लिखने में भी रुचि है.

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