Sri Lanka Crisis: श्रीलंका में जारी संकट के बीच आया श्रीलंकाई सेना प्रमुख का बयान, कही ये बात

Anti Government protesters shout slogans outside the Galle International Cricket Stadium during the second day of the second test cricket match between Australia and Sri Lanka in Galle, Sri Lanka, Saturday, July 9, 2022. AP/PTI(AP07_09_2022_000134A)
Sri Lanka Crisis: श्रीलंकाई सेना प्रमुख जनरल शैवेंद्र सिल्वा ने श्रीलंका के सभी लोगों से देश में शांति बनाए रखने के लिए सशस्त्र बलों और पुलिस का समर्थन करने का अनुरोध किया. यह बयान शनिवार को गाले फेस और फोर्ट तथा प्रधानमंत्री विक्रमसिंघे के निजी आवास के पास हुई हिंसा के बाद जारी किया गया.
Sri Lanka Crisis: श्रीलंका में जारी संकट के बीच श्रीलंकाई सेना प्रमुख जनरल शैवेंद्र सिल्वा का बयान सामने आया है. उन्होंने देश में शांति बनाये रखने के लिए लोगों से समर्थन मांगा है और कहा है कि मौजूदा राजनीतिक संकट का शांतिपूर्ण तरीके से समाधान का अवसर अब उपलब्ध है. यह बयान ऐसे समय में आया है जब श्रीलंका के राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे ने कुछ घंटे पहले ही 13 जुलाई को पद छोड़ने की सहमति जतायी.
यहां चर्चा कर दें कि श्रीलंका में आर्थिक संकट को लेकर राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे के इस्तीफे की मांग को लेकर बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी शनिवार को मध्य कोलंबो के कड़ी सुरक्षा वाले फोर्ट इलाके में राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास में घुस गये थे. प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे के इस्तीफे की पेशकश किये जाने के बाद भी प्रदर्शनकारियों ने उनके निजी आवास में आग लगा दी. श्रीलंका के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल सिल्वा ने एक संक्षिप्त बयान में कहा कि मौजूदा संकट को शांतिपूर्ण तरीके से हल करने का अवसर उत्पन्न हुआ है.
‘कोलंबो गजट न्यूज’ पोर्टल ने बताया कि श्रीलंकाई सेना प्रमुख जनरल शैवेंद्र सिल्वा ने श्रीलंका के सभी लोगों से देश में शांति बनाए रखने के लिए सशस्त्र बलों और पुलिस का समर्थन करने का अनुरोध किया. यह बयान शनिवार को गाले फेस और फोर्ट तथा प्रधानमंत्री विक्रमसिंघे के निजी आवास के पास हुई हिंसा के बाद जारी किया गया. इन घटनाओं के बाद राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे और प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे ने इस्तीफा देने की पेशकश की है.
श्रीलंका को बर्बाद करने में पांच राजपक्षे भाई शामिल रहे. राजपक्षे छह भाई हैं. इनमें से पांच एक साथ सत्ता में थे. इनमें खुद राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे, प्रधानमंत्री रहे उनके बड़े भाई महिंदा राजपक्षे, वित्त मंत्री रहे उनके दूसरे बड़े भाई बासिल राजपक्षे तथा दो छोटे भाई सिंचाई मंत्री चामल राजपक्षे और खेल मंत्री नामल राजपक्षे थे. गोटबाया को छोड़ सभी इस्तीफा दे चुके हैं. एक समय श्रीलंका के राष्ट्रीय बजट के 70% पर इन्हीं भाइयों का नियंत्रण था. इन पर 42 हजार करोड़ रुपये अवैध तरीके से देश से बाहर ले जाने का आरोप है.
-लोगों के पास काम नहीं, पैसे की कमी ने बुरी तरह तोड़ा
-दवा से लेकर खाने-पीने के सामानों की हो गयी भारी कमी
-भुखमरी की स्थिति गंभीर बीमारियों से लाचार, हर ओर बेबसी
-पेट्रोल-डीजल की किल्लत, 16 घंटे बिजली की कटौती
-लोगों को कौड़ियों के भाव बेचनी पड़ रही जमीन, गहने भी बिके
-शनिवार को दिनभर रही अराजक स्थिति
-पत्रकारों पर हमला घटना के लिए पीएमओ ने मांगी माफी
-जहाज पर सामान लादकर भागते दिखते राष्ट्रपति गोटबाया
-59 दिन में ही पीएम को छोड़ना पड़ा पद
-राष्ट्रपति के मीडिया प्रमुख व दो मंत्रियों ने छोड़ा पद, कई कतार में
-राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे के नेवी जहाज से भागने की सूचना, महिंदा का भी पता नहीं
भाषा इनपुट के साथ
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