Sheikh Hasina: खत्म हुई शेख हसीना की आजादी! अब जाएंगी जेल, अदालत ने सुनाया फैसला  

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SHEIKH HASINA

शेख हसिना

Sheikh Hasina: बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की मुश्किल बढ़ती जा रही है. अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण ने अदालत की अवमानना के मामले में हसीना को जेल की सजा सुनाई है. बांग्लादेशी मीडिया ढाका ट्रिब्यून अखबार की एक रिपोर्ट के मुताबिक उन्हें छह महीने की जेल की सजा सुनाई गई है. प्रधानमंत्री पद से हटने और 11 महीने पहले देश छोड़ने के बाद पहली बार अवामी लीग की नेता को किसी मामले में सजा सुनाई गई है.

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Sheikh Hasina: बांग्लादेश की अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना को छह महीने जेल की सजा सुनाई गई है. अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण ने अदालत की अवमानना के मामले में बुधवार को उन्हें यह सजा सुनाई है. ढाका ट्रिब्यून अखबार की एक रिपोर्ट के मुताबिक जस्टिस मोहम्मद गुलाम मुर्तजा मजूमदार की अध्यक्षता में अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण-1 की तीन सदस्यीय पीठ ने यह फैसला सुनाया है. इसी फैसले में न्यायाधिकरण ने गैबांधा में गोबिंदगंज के शकील अकंद बुलबुल को दो महीने जेल की सजा सुनाई. प्रधानमंत्री पद से हटने और 11 महीने पहले देश छोड़ने के बाद पहली बार अवामी लीग की नेता को किसी मामले में सजा सुनाई गई है.

लीक हुई थी ऑडियो क्लिप

अदालत ने बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के साथ-साथ शकील अकंद बुलबुल को भी इसी अवमानना फैसले के तहत दो महीने की जेल की सजा सुनाई है. बुलबुल ढाका की एक राजनेता हैं. वह अवामी लीग की छात्र शाखा बांग्लादेश छात्र लीग से जुड़ी हुई थीं. रिपोर्ट्स के मुताबिक बीते साल शेख हसीना की एक ऑडियो क्लिप लीक हो गई थी, जिसमें उनके साथ गोबिंदगंज उप जिला चेयरमैन शकील बुलबुल की बातें थी. लीक ऑडियो क्लिप में कथित तौर पर कहा गया था ”मेरे खिलाफ 227 मामले दर्ज हुए हैं, इसलिए मुझे इन लोगों को मारने का लाइसेंस मिल गया है.”

हिंसक प्रदर्शन के बाद देश छोड़ कर भाग गई थी हसीना

शेख हसीना को साल 2024 में पीएम पद से हटा दिया गया था. वो बांग्लादेश छोड़कर भारत आ गई थीं. दरअसल बांग्लादेश में छात्रों का प्रदर्शन अचानक से हिंसक हो गया था. आंदोलन की शुरुआत सरकारी नौकरियों में कोटा सुधारों की मांग को लेकर हुई थी. लेकिन, आंदोलन के हिंसक हो जाने के कारण इसमें दो महीने के अंदर1400 लोगों की मौत हो गई. कई नेता और वरिष्ठ अधिकारियों के विद्रोही होने और गिरफ्तारी के डर से हसीना भारत भाग गई थी. शेख हसीना के जाने के बाद मोहम्मद यूनुस को बांग्लादेश के अंतरिम सरकार का मुखिया बनाया गया. 

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प्रीतीश सहाय

लेखक के बारे में

By प्रीतीश सहाय

12 वर्षों से टीवी पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सेवाएं दे रहा हूं. रांची विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग से पढ़ाई की है. राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय विषयों के साथ-साथ विज्ञान और ब्रह्मांड विषयों पर रुचि है. बीते छह वर्षों से प्रभात खबर.कॉम के लिए काम कर रहा हूं. इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में काम करने के बाद डिजिटल जर्नलिज्म का अनुभव काफी अच्छा रहा है.

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