ePaper

यूक्रेन को यह घातक मिसाइल देने की तैयारी में अमेरिका, रूस ने दी गंभीर नतीजे की चेतावनी

1 Oct, 2025 1:57 pm
विज्ञापन
USA planning to give Tomahawk Missiles to Ukrain

Donald Trump and Vladimir Putin

Russia Ukraine Conflict USA Tomahawk Missiles: रूस यूक्रेन विवाद में अब अमेरिकी मिसाइल की भी एंट्रा होने की संभावना बन रही है. अमेरिका के उपराष्ट्रपति ने लांग रेंज मिसाइल यूक्रेन को देने पर चर्चा की है. वहीं रूस ने इस तरह के किसी भी ऐक्शन पर गंभीर नतीजे की चेतावनी दी है.

विज्ञापन

Russia Ukraine Conflict USA Tomahawk Missiles: रूस और यूक्रेन युद्ध रुकने की संभावना दूर-दूर तक नहीं नजर आ रही है. यूक्रेन की ओर से अब लगातार रूस की तेल रिफाइनरियों को निशाना बनाया जा रहा है. इसकी वजह से अब रूस खुद भी ईंधन की कमी से जूझने लगा है. कमी की आशंका से व्लादिमिर पुतिन की रूस सरकार ने डीजल और पेट्रोल के निर्यात पर आशिंक प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है. वहीं अमेरिकी सरकार अब यूक्रेन को अपने बड़े हथियार देने पर विचार कर रहा है. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपनी शांति की नीति के एकदम उलट अब यूक्रेन को हथियार देने की पॉलिसी के बारे में आगे बढ़ सकते हैं. 

डोनाल्ड ट्रंप अब यूक्रेन को टॉमहॉक मिसाइल देने पर विचार कर रहे हैं. अमेरिकी न्यूज चैनल फॉक्स न्यूज से बात करते हुए अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने अपनी सरकार की इस नई पॉलिसी के बारे में खुलासा किया है. उन्होंने कहा कि प्रेसीडेंट ट्रंप जल्द ही इस पर निर्णय लेंगे. डोनाल्ड ट्रंप और व्लादिमिर पुतिन के बीच अलास्का में हुई मीटिंग में इस शांति बहाली की कोशिशों के विपरीत दोनों देश अब संघर्ष के नए रास्ते पर चल पड़े हैं. 

कुछ दिन पहले अमेरिकी राजदूत ने किया था इशारा

टॉमहॉक मिसाइलें लंबी दूरी की मिसाइलें हैं. अगर कीव के पास यह हथियार आते हैं, तो वह मास्को को अंदर तक दहला सकता है. यूक्रेन में अमेरिका के राजदूत कीथ केलॉग ने भी कुछ दिन पहले यही कहा था कि यूक्रेन अंदर तक मार करने वाली क्षमता को उपयोग में लाए. युद्ध में पनाहगाह जैसी कोई चीज नहीं होती. हालांकि बाद में वे अपने बयान से पलट गए थे. लेकिन अब जेडी वेंस की इस नई घोषणा से लगता है अमेरिका अपनी नीति में अब पूरी तरह बदलाव ला रहा है.

टॉमहॉक मिसाइल. फोटो- सोशल मीडिया.

टॉमहॉक मिसाइल में क्या है खास?

अमेरिकी नौसेना बेड़े की यह सबसोनिक क्रूज मिसाइल है. इस मिसाइल का ब्लॉक IV (TACTOM) सबसे एडवांस वर्जन है. इसमें दोनों तरफ से डेटा लिंक करनेत की क्षमता है, यानी यह फायर करने के बाद भी अपना लक्ष्य बदल सकता है. इसकी मारक क्षमता 2500 किलोमीटर है. अमेरिका ने 1991 में खाड़ी के युद्ध में इसका भरपूर इस्तेमाल किया था. ऐसे में यह उसकी टाइम टेस्टेड मिसाइल है. कीव से मास्को की हवाई दूरी लगभग 763 किलोमीटर है. अगर यूक्रेन को यह मिसाइल मिलती है, तो वह रूस के और भी अंदर तक हमला करने में सक्षम होगा. 

टॉमहॉक अपने साथ 450 किलोग्राम का वारहेड ले जा सकता है. इसे जहाज, सबमरीन के साथ-साथ जमीन से भी फायर किया जा सकता है. यह अपनी सटीक निशाने के लिए भी जानी जाती है. 1000 किमी तक के लक्ष्य को यह पूरी तरह नेस्तनाबूत कर देती है. यह कम ऊंचाई पर भी उड़ान भर सकती है. इस वजह से यह राडार से बचने में कामयाब हो जाती है. अमेरिकी नेवी यह सुपर मिसाइल ब्रिटेन और जापान के पास भी है.  

ट्रंप की नीति में पूरी तरह बदलाव

डोनाल्ड ट्रंप भी अपने पहले के बयानों से अलग रुख अपना रहे हैं. उन्होंने पहले कहा था कि यूक्रेन को वे कोई हथियार नहीं देंगे. हालांकि कुछ दिनों पहले उन्होंने यह भी कहा कि यूक्रेन रूस द्वारा कब्जाए गए अपने सभी क्षेत्रों को ले सकता है. अगर ट्रंप इस दिशा में आगे बढ़ते हैं, तो वैश्विक शांति को और भी धक्का लगेगा. वहीं रूस ने इस तरह के किसी भी ऐक्शन पर गंभीर नतीजे भुगतने की चेतावनी दी है.

रूस ने ऐसी किसी भी संभावना पर दी गंभीर नतीजे की चेतावनी

रूस की रक्षा संसदीय के प्रमुख आंद्रेई कार्तपोलोव ने रायटर्स को बताया कि यूक्रेन की मदद करने वाले निशाना बनेंगे. अमेरिकी सैन्य विशेषज्ञों को कोई भी बचा नहीं पाएगा, न ट्रंप, ने केलॉग और न कोई और. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि इससे जमीनी परिस्थिति में कोई बदलाव नहीं आएगा. कीव के लिए मोर्चे पर स्थिति बदलने के लिए कोई रामबाण उपाय नहीं है. फिर चाहे वह टॉमहॉक्स हो या कोई और. रूस के पूर्व राष्ट्रपति दमित्री मेदवेदेव ने भी यूरोप को रूस के साथ संघर्ष के खतरों के बारे में चेताया है. उन्होंने कहा कि यूरोप यह युद्ध बर्दाश्त नहीं कर पाएगा, लेकिन घातक दुर्घटना की संभावना तो हमेशा बनी रहेगी.

ये भी पढ़ें:-

अमेरिकी शिक्षा विभाग में कामकाज हो जाएगा ठप, शटडाउन के बाद ट्रंप सरकार रोक देगी फंडिंग

ताइवान में घुसे चीनी फाइटर जेट और समुद्री जहाज, जिंनपिंग की सेना करना क्या चाहती है?

दो साल की बच्ची को चुना गया जीवित देवी, कठिन परीक्षा के बाद हुआ चयन, जानें क्या है नेपाल की यह अनूठी परंपरा

विज्ञापन
Anant Narayan Shukla

लेखक के बारे में

By Anant Narayan Shukla

इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पोस्ट ग्रेजुएट. करियर की शुरुआत प्रभात खबर के लिए खेल पत्रकारिता से की और एक साल तक कवर किया. इतिहास, राजनीति और विज्ञान में गहरी रुचि ने इंटरनेशनल घटनाक्रम में दिलचस्पी जगाई. अब हर पल बदलते ग्लोबल जियोपोलिटिक्स की खबरों के लिए प्रभात खबर के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola

अपने पसंदीदा शहर चुनें

ऐप पर पढ़ें