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पुलिस हिरासत में अवामी लीग के हिंदू नेता प्रलय चाकी की मौत, परिवार ने प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप

Updated at : 12 Jan 2026 4:36 PM (IST)
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Awami League Hindu Leader Proloy Chaki Death

बांग्लादेश में अवामी लीग के एक हिंदू नेता की पुलिस हिरासत हुई मौत.

Awami League Hindu Leader Proloy Chaki Death: बांग्लादेश में पुलिस हिरासत में अवामी लीग के नेता और संगीतकार प्रलय चाकी की मौत से राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मच गया है. जहां अधिकारी इसे स्वाभाविक मौत बता रहे हैं, वहीं उनके परिवार का आरोप है कि लापरवाही और सही इलाज न मिलने की वजह से उनकी मौत हुई.

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Awami League Hindu Leader Proloy Chaki Death: बांग्लादेश में हालात पहले से ही तनाव भरे हैं. राजनीति सुलग रही है, सड़कों पर डर है और सरकार पर सवाल उठ रहे हैं. इसी बीच एक ऐसी खबर आई है, जिसने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग से जुड़े नेता और मशहूर संगीतकार प्रलय चाकी जो कि अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय थे और उनकी पुलिस हिरासत में मौत हो गई है. प्रशासन इसे बीमारी से हुई सामान्य मौत बता रहा है, जबकि परिवार का कहना है कि यह मौत लापरवाही और इलाज न मिलने की वजह से हुई.

कौन थे प्रलय चाकी और क्यों थे हिरासत में

प्रलय चाकी 60 साल के थे. वे सिर्फ नेता नहीं, बल्कि एक जाने-माने संगीतकार और सांस्कृतिक कार्यकर्ता भी थे. वे अवामी लीग की पाबना जिला इकाई में सांस्कृतिक मामलों के सचिव थे और 1990 के दशक से सांस्कृतिक गतिविधियों से जुड़े हुए थे. द डेली स्टार के मुताबिक, चाकी को दिसंबर में गिरफ्तार किया गया था. उन पर 2024 में हुए उस आंदोलन के दौरान हुए एक विस्फोट से जुड़ा मामला दर्ज किया गया था, जिस आंदोलन के बाद शेख हसीना की सरकार सत्ता से बाहर हो गई थी. द डेली स्टार की रिपोर्ट के अनुसार, प्रलय चाकी की मौत रविवार रात राजशाही मेडिकल कॉलेज अस्पताल में हुई. गिरफ्तारी के बाद से वे पुलिस हिरासत में थे. (Awami League Hindu Leader Proloy Chaki Death in Hindi)

पाबना जेल अधीक्षक एमडी ओमर फारूक ने बताया कि चाकी पहले से ही कई बीमारियों से जूझ रहे थे. उन्हें डायबिटीज और दिल की बीमारी थी. फारूक के मुताबिक, शुक्रवार को चाकी को दिल का दौरा पड़ा, जिसके बाद उन्हें पहले पाबना जनरल अस्पताल ले जाया गया. हालत बिगड़ने पर उन्हें राजशाही मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां रविवार रात करीब 9 बजे उनकी मौत हो गई. प्रशासन का कहना है कि यह मौत प्राकृतिक कारणों से हुई है.

जेल में बिगड़ी हालत, इलाज नहीं मिला- परिवार का आरोप

प्रलय चाकी के परिवार की कहानी प्रशासन से अलग है. उनके बेटे सोनी चाकी ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं. सोनी चाकी ने कहा कि उनके पिता को लंबे समय से डायबिटीज और दिल की बीमारी थी, लेकिन जेल में उनकी हालत और खराब हो गई. परिवार का आरोप है कि अधिकारियों ने उन्हें समय पर जानकारी नहीं दी. सोनी के मुताबिक, उन्हें दूसरों से खबर मिली, तब वे अस्पताल पहुंचे, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी. सोनी चाकी ने कहा कि उनके पिता को ठीक से इलाज नहीं मिला, जिसकी वजह से उनकी जान चली गई.

बिना नाम के केस में गिरफ्तारी का दावा

सोनी चाकी ने यह भी कहा कि जब पुलिस उनके पिता को गिरफ्तार करने आई, उस वक्त किसी भी केस में उनका नाम नहीं था. परिवार का मानना है कि यह गिरफ्तारी राजनीतिक दबाव और बदले की भावना में की गई. प्रलय चाकी की मौत ऐसे वक्त में हुई है, जब बांग्लादेश में हालात बेहद खराब हैं. देश में लगातार धार्मिक और जातीय अल्पसंख्यकों पर हमले हो रहे हैं. उन लोगों को निशाना बनाया जा रहा है, जो मौजूदा सत्ता या इस्लामिस्ट गुटों के खिलाफ हैं. यह सब उस दौर में हो रहा है, जब देश की कमान अंतरिम नेता मुहम्मद यूनुस के हाथों में है.

मीडिया संस्थानों पर भी हमले

राजनीतिक हिंसा का असर सिर्फ नेताओं तक सीमित नहीं है. भीड़ ने कई सांस्कृतिक संस्थानों को भी निशाना बनाया है. इनमें शेख मुजीबुर रहमान के संग्रहालय और स्मारक, ढाका में उदीची शिल्पगोष्ठी का दफ्तर, और कई मीडिया संस्थान शामिल हैं. इसके अलावा, भीड़ ने देश में मौजूद भारतीय राजनयिक मिशनों पर भी हमला किया है.

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Govind Jee

लेखक के बारे में

By Govind Jee

गोविन्द जी ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय भोपाल से की है. वे वर्तमान में प्रभात खबर में कंटेंट राइटर (डिजिटल) के पद पर कार्यरत हैं. वे पिछले आठ महीनों से इस संस्थान से जुड़े हुए हैं. गोविंद जी को साहित्य पढ़ने और लिखने में भी रुचि है.

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