पाक-सऊदी-तुर्किये रक्षा समझौते से पश्चिम एशिया में घटेगा अमेरिका का प्रभाव? जानिए विशेषज्ञों की राय

Updated:
विज्ञापन

समझौते पर हस्ताक्षर करते तीनों देशों के नेता, फोटो एक्स

मिडिल ईस्ट में तनाव और बढ़ती सुरक्षा चिंताओं के बीच पाकिस्तान, तुर्किये और सऊदी अरब ने रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं. इस समझौते के तहत किसी भी एक सदस्य देश पर हुए हमले को तीनों देशों पर हमला माना जाएगा. पाकिस्तानी रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से अमेरिका की रणनीतिक भूमिका काफी हद तक सीमित हो जाएगी.

विज्ञापन

रक्षा विश्लेषक और पूर्व आईएसआई प्रमुख के बेटे अब्दुल्ला हमीद गुल ने कहा कि यह समझौता खाड़ी क्षेत्र में अमेरिका की सुरक्षा क्षमता पर उठ रहे सवालों का सीधा नतीजा है. अमेरिका-ईरान संघर्ष के दौरान खाड़ी देशों में स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डों को पहुंचे नुकसान ने क्षेत्रीय देशों को अपनी सुरक्षा व्यवस्था पर नए सिरे से सोचने के लिए मजबूर किया है. गुल के अनुसार, आने वाले समय में कतर और कुवैत भी पाकिस्तान के साथ इसी तरह के सुरक्षा समझौतों में शामिल हो सकते हैं.

डील से दुनिया में पाकिस्तान का मान-सम्मान बढ़ेगा

विदेश मामलों के विशेषज्ञ मोहम्मद मेहदी के अनुसार, इस डील से दुनिया में पाकिस्तान का मान-सम्मान बढ़ेगा. अब दुनिया पाकिस्तान को एशिया का एक जरूरी और बड़ा खिलाड़ी मानेगी, और तुर्किये के जुड़ने से यूरोप में भी पाकिस्तान की छवि सुधरेगी.


भारत के खिलाफ पाकिस्तान के लिए सुरक्षा कवच

रिटायर्ड ब्रिगेडियर फारूक हमीद का कहना है कि समझौते की शर्त भारत के खिलाफ एक सुरक्षा कवच की तरह काम करेगी. इससे भारत भविष्य में पाकिस्तान पर हमला करने से हिचकेगा और दोनों देशों के बीच सीधे युद्ध का खतरा टल जाएगा.


ये भी पढ़ें: पाकिस्तान, तुर्की और सऊदी अरब के रक्षा सहयोग समझौते का भारत पर क्या होगा असर?


विज्ञापन
अरबिंद कुमार मिश्रा

लेखक के बारे में

By अरबिंद कुमार मिश्रा

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola