पाकिस्तान के PM शरीफ की 'ड्राफ्ट' वाली गलती: क्या ईरान को भेजा मैसेज डोनाल्ड ट्रंप से पहले ही मंजूर था?

तस्वीर में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ.
Pakistan PM Shehbaz Sharif: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ का एक सोशल मीडिया पोस्ट इन दिनों पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बना हुआ है. दरअसल, ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव को कम करने के लिए शरीफ ने मीडिएशन की कोशिश की थी, लेकिन उनके एक ट्वीट ने इस पूरी कोशिश पर सवाल खड़े कर दिए हैं.
Pakistan PM Shehbaz Sharif: मंगलवार (7 अप्रैल) दोपहर को पीएम शरीफ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट किया. इस पोस्ट की शुरुआत में गलती से ड्राफ्ट- पाकिस्तान के पीएम का मैसेज एक्स पर लिखा रह गया था. इसका मतलब यह निकाला जा रहा है कि यह मैसेज कहीं और से तैयार होकर आया था जिसे शरीफ ने बिना चेक किए पोस्ट कर दिया. शरीफ ने अपनी पोस्ट में डोनाल्ड ट्रंप की ही भाषा का इस्तेमाल करते हुए लिखा था कि डिप्लोमेसी ‘मजबूती और पावर’ के साथ आगे बढ़ रही है. उन्होंने ट्रंप से ईरान के लिए तय डेडलाइन को दो हफ्ते आगे बढ़ाने की अपील भी की थी.
न्यूयॉर्क पोस्ट का दावा
इस मामले में न्यूयॉर्क पोस्ट की एक रिपोर्ट में बड़ा खुलासा हुआ है. रिपोर्ट के अनुसार, शहबाज शरीफ ने यह पोस्ट करने से पहले इसे व्हाइट हाउस को दिखाया था और वहां से मंजूरी मिलने के बाद ही इसे पब्लिश किया गया. यह इस बात का संकेत है कि सोशल मीडिया पर दिख रही बयानबाजी से कहीं ज्यादा पर्दे के पीछे डिप्लोमैटिक चैनल एक्टिव थे. हालांकि, व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने इस बात से इनकार किया है कि यह मैसेज खुद डोनाल्ड ट्रंप ने लिखा था.
The White House reviewed and approved the social media post by Pakistan’s prime minister, Shehbaz Sharif, before he published it urging Trump to extend a deadline with Iran.
— Clash Report (@clashreport) April 9, 2026
Source: NYT pic.twitter.com/IUaMrQ6cqu
दो हफ्ते का सीजफायर
सोमवार को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को रात 8 बजे तक की डेडलाइन देते हुए सख्त चेतावनी दी थी कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो एक पूरी सभ्यता खत्म हो जाएगी. शरीफ के ट्वीट के कुछ ही घंटों बाद ट्रंप ने ईरान के साथ दो हफ्ते के सीजफायर (युद्धविराम) पर सहमति जता दी. ट्रंप ने अपनी पोस्ट में साफ किया कि ईरान के पास न्यूक्लियर हथियार नहीं होने चाहिए और होर्मुज जलडमरूमध्य (स्ट्रेट ऑफ होर्मुज) व्यापार के लिए सुरक्षित रहना चाहिए.
सीजफायर के बीच फिर बढ़ा तनाव
भले ही दो हफ्ते के लिए युद्ध रुक गया है, लेकिन तनाव कम नहीं हुआ है. अमेरिका और ईरान ने एक-दूसरे पर समझौते के उल्लंघन के आरोप लगाए हैं. लेबनान में हिजबुल्लाह के खिलाफ जारी लड़ाई को लेकर भी स्थिति साफ नहीं है. अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा है कि वॉशिंगटन ने कभी यह नहीं कहा कि लेबनान में लड़ाई रुकेगी. वहीं, ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गालीबाफ ने इजरायली ड्रोन घुसपैठ और हिजबुल्लाह पर हमलों को सीजफायर का उल्लंघन बताया है.
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इस्लामाबाद में होगी बड़ी बैठक
तनाव को खत्म करने के लिए अब शनिवार को पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के अधिकारियों के बीच बातचीत शुरू होने वाली है. अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व जेडी वेंस करेंगे, जबकि ईरानी टीम गुरुवार को ही इस्लामाबाद पहुंच रही है. ट्रंप ने पहले ही साफ कर दिया है कि अगर ईरान ने समझौता नहीं माना, तो वे ऐसी कड़ी कार्रवाई करेंगे जो पहले कभी नहीं देखी गई.
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लेखक के बारे में
By Govind Jee
गोविन्द जी ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय भोपाल से की है. वे वर्तमान में प्रभात खबर में कंटेंट राइटर (डिजिटल) के पद पर कार्यरत हैं. वे पिछले आठ महीनों से इस संस्थान से जुड़े हुए हैं. गोविंद जी को साहित्य पढ़ने और लिखने में भी रुचि है.
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