खुलकर तालिबान के समर्थन में आया पाकिस्तान, पंजशीर घाटी में ड्रोन से गिराये कई बम

Kabul: Taliban fighters stand guard at a checkpoint in the Wazir Akbar Khan neighborhood in the city of Kabul, Afghanistan, Sunday, Aug. 22, 2021. A panicked crush of people trying to enter Kabul's international airport killed several Afghan civilians in the crowds, the British military said Sunday, showing the danger still posed to those trying to flee the Taliban's takeover of the country. AP/PTI(AP08_22_2021_000065B)
कुछ दिन पहले ही तालिबान ने दावा किया था कि उसने पंजशीर घाटी पर कब्जा कर लिया गया है. जबकि पंजशीर के रेजिस्टेंस फ्रंट का दावा है कि अभी भी पंजशीर पर तालिबान का कब्जा नहीं हो पाया है.
नयी दिल्ली : पंजशीर पर कब्जे के लिए तालिबान लड़ाके लगातार रेजिस्टेंस फ्रंट से जंग लड़ रहे हैं. इस जंग में तालिबान को अब पाकिस्तान का साथ भी मिल गया है. आज तक की खबर के मुताबिक पाकिस्तानी एयरफोर्स ने पंजशीर घाटी में ड्रोन से हमले किये हैं. अफगानिस्तान के सामंगन प्रांत से पूर्व सांसद जिया अरियनजादो ने दावा किया कि पाकिस्तानी ड्रोन से हमला किया.
कुछ दिन पहले ही तालिबान ने दावा किया था कि उसने पंजशीर घाटी पर कब्जा कर लिया गया है. जबकि पंजशीर के रेजिस्टेंस फ्रंट का दावा है कि अभी भी पंजशीर पर तालिबान का कब्जा नहीं हो पाया है. पिछले दिनों पंजशीर पर कब्जे का दावा करते हुए अफगानिस्तान में जल्द सरकार बनाने की घोषणा भी की थी. लेकिन आपसी कलह की वजह से अभी तक सरकार गठन नहीं हो पाया है.
सामंगन प्रांत से पूर्व सांसद जिया अरियनजादो ने कहा कि पंजशीर घाटी पर पाकिस्तानी एयरफोर्स ने ड्रोन से हमले किये हैं. इस हमले के लिए स्मार्ट बमों का इस्तेमाल किया गया है. खबरें ये भी आ रही हैं कि तालिबान के हमले में पंजशीर रेजिस्टेंस फंग के प्रवक्ता फहीम दशती मारे गये हैं. पंजशीर के जानकरों ने ट्वीट कर यह जानकारी दी थी.
पंजशीर ने तालिबान के सामने सीजफायर का प्रस्ताव रखा है, हालांकि अभी इस पर कोई सहमती नहीं बनी है. काबुल के उत्तर में पंजशीर घाटी में तालिबान बलों का विरोध करने वाले अफगान विपक्षी समूह के नेता ने रविवार को कहा कि उन्होंने लड़ाई को समाप्त करने के लिए बातचीत के समझौते के लिए धार्मिक विद्वानों के प्रस्तावों का स्वागत किया.
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अफगानिस्तान के राष्ट्रीय प्रतिरोध मोर्चा (एनआरएफए) के प्रमुख अहमद मसूद ने समूह के फेसबुक पेज पर यह घोषणा की. इससे पहले, तालिबान बलों ने कहा कि उन्होंने आसपास के जिलों को सुरक्षित करने के बाद प्रांतीय राजधानी पंजशीर में अपनी लड़ाई लड़ी थी. पश्चिमी समर्थित सरकार के गिरने और राष्ट्रपति अशरफ गनी के देश से भाग जाने के बाद 15 अगस्त को काबुल में सत्ता संभालने के बाद इस्लामिक तालिबान ने तीन सप्ताह पहले अफगानिस्तान के बाकी हिस्सों पर नियंत्रण कर लिया.
Posted By: Amlesh Nandan.
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