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नहीं रहे Frank Caprio, दुनिया के सबसे अच्छे जज; अंतिम वीडियो हर किसी को कर देगा भावुक

Updated at : 21 Aug 2025 12:57 PM (IST)
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Judge Frank Caprio Dies Pancreatic Cancer Source- Instagram

जज फ्रैंक कैप्रियो का कैंसर से निधन स्रोत- इंस्टाग्राम

Judge Frank Caprio Dies: अमेरिकी न्यायाधीश फ्रैंक कैप्रियो का 88 साल की उम्र में पैनक्रियाटिक कैंसर से निधन, जानें क्यों उन्हें दुनिया का सबसे दयालु न्यायाधीश कहा जाता था.

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Judge Frank Caprio Dies: अमेरिकी कोर्ट और रियलिटी टीवी की दुनिया में मशहूर न्यायाधीश फ्रैंक कैप्रियो का 88 वर्ष की आयु में निधन हो गया. उनके निधन का कारण पैनक्रियाटिक कैंसर बताया गया. उनके आधिकारिक इंस्टाग्राम पेज पर जारी बयान में कहा गया कि न्यायाधीश कैप्रियो ने “लंबी और साहसिक लड़ाई के बाद शांति से दुनिया को अलविदा कहा.” फ्रैंक कैप्रियो को उनके न्यायिक करियर और इंसानियत के लिए “दुनिया का सबसे दयालु न्यायाधीश” कहा जाता था. उनके न्यायिक फैसले और इंसानियत भरे अंदाज ने न केवल अमेरिका, बल्कि पूरी दुनिया में न्याय की नई मिसाल कायम की. उनके उदाहरण से पाकिस्तान और चीन जैसे देश भी यह समझें कि न्याय और मानवता को नजरअंदाज करना कितना भारी पड़ सकता है.

Judge Frank Caprio Dies in Hindi: दुनिया के सबसे अच्छे जज

कैप्रियो ने 1985 में जज का पद संभाला और 2023 में सेवानिवृत्त हुए. उनका नाम आम जनता के बीच ‘Caught in Providence’ रियलिटी शो के जरिए मशहूर हुआ. उनके यूट्यूब और सोशल मीडिया वीडियो में वह छोटे-मोटे उल्लंघनों में भी सहानुभूति और इंसानियत दिखाते थे. कई बार उन्होंने ऐसे मामलों में जुर्माना माफ किया, जिसमें गरीब या मुश्किल हालात में लोग फंसे थे. कैप्रियो न्यायपालिका में असमानता के मुद्दों पर भी आवाज उठाते थे. उन्होंने कहा कि लिबर्टी और जस्टिस फॉर ऑल’ का मतलब है कि न्याय सबके लिए होना चाहिए. लेकिन लगभग 90 प्रतिशत गरीब अमेरिकी स्वास्थ्य सेवा, बेईमान किरायेदार, वेटरंस बेनिफिट्स और यहां तक कि ट्रैफिक उल्लंघनों जैसे मामलों में अकेले लड़ते हैं. उनकी यह सोच यह भी दिखाती है कि न्याय सिर्फ कानून का पालन नहीं, बल्कि इंसानियत का भी दायित्व है.

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दिल छू लेने वाले फैसले

उनके लोकप्रिय वीडियो में कई बार बच्चों को अदालत में बुलाकर माता-पिता पर फैसला लेने का अवसर दिया गया. एक वीडियो में उन्होंने उस महिला की $400 जुर्माना राशि माफ कर दी, जिसका बेटा गुजर चुका था. वहीं, एक बार उन्होंने ऐसे बारटेंडर के रेड-लाइट उल्लंघन को माफ किया, जो मात्र $3.84 प्रति घंटे कमाता था.

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अंतिम संदेश और कृतज्ञता

न्यायाधीश कैप्रियो ने अपने निधन से एक दिन पहले इंस्टाग्राम पर पोस्ट कर लोगों की प्रार्थनाओं और समर्थन के लिए धन्यवाद कहा. उन्होंने लिखा कि आपकी दुआएं, प्यार और समर्थन मेरे और मेरे परिवार के लिए अनमोल हैं. कृपया हमें अपनी प्रार्थनाओं में याद रखें. उनका जाना न केवल न्यायपालिका के लिए, बल्कि लाखों लोगों के लिए अपूरणीय क्षति है.

फ्रैंक कैप्रियो का जीवन यह सिखाता है कि न्याय और मानवता हमेशा साथ चल सकते हैं, और उनका उदाहरण पाकिस्तान और चीन जैसे देशों के लिए भी चेतावनी है कि न्याय और इंसानियत के बिना कोई भी व्यवस्था टिक नहीं सकती.  

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Govind Jee

लेखक के बारे में

By Govind Jee

गोविन्द जी ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय भोपाल से की है. वे वर्तमान में प्रभात खबर में कंटेंट राइटर (डिजिटल) के पद पर कार्यरत हैं. वे पिछले आठ महीनों से इस संस्थान से जुड़े हुए हैं. गोविंद जी को साहित्य पढ़ने और लिखने में भी रुचि है.

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