इजरायल के पास खत्म हो रही हैं एयर डिफेंस मिसाइलें, ईरान के हमलों से कैसे बचेगा देश?

Updated at : 15 Mar 2026 2:39 PM (IST)
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Israel Air Defense Missile Shortage iran war

इजरायल के एयर डिफेंस सिस्टम की तस्वीर.

Israel Air Defense Missile Shortage: ईरान के साथ जारी जंग में इजरायल के एयर डिफेंस सिस्टम की मुश्किलें बढ़ गई हैं. युद्ध के बीच इंटरसेप्टर मिसाइलों का स्टॉक गंभीर स्तर पर पहुंच गया है. अमेरिका ने अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि वह इजरायल की कमी को दूर करने के लिए समाधान ढूंढने में मदद कर रहा है.

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Israel Air Defense Missile Shortage: इजरायल ने अमेरिका को जानकारी दी है कि ईरान के साथ चल रहे युद्ध के तीसरे हफ्ते में उसके पास एयर डिफेंस मिसाइल इंटरसेप्टर्स का स्टॉक खतरनाक स्तर तक कम हो गया है. सेमाफोर (Semafor) की एक रिपोर्ट के अनुसार, इजरायली डिफेंस सिस्टम पहले से ही दबाव में थे, क्योंकि पिछले साल ईरान के साथ हुई झड़पों के दौरान बड़ी संख्या में इंटरसेप्टर्स का इस्तेमाल किया गया था. इस बार ईरान के लगातार हमलों ने इजरायल के लॉन्ग-रेंज एयर डिफेंस नेटवर्क को और ज्यादा मुश्किल में डाल दिया है.

ईरान की नई रणनीति से बढ़ी चुनौती

रिपोर्ट्स का कहना है कि ईरान ने अब अपने कुछ मिसाइलों में क्लस्टर म्यूनिशन का इस्तेमाल शुरू कर दिया है. इस बदलाव ने इजरायल के लिए दुश्मन की मिसाइलों को बीच हवा में मार गिराना और भी कठिन बना दिया है. यही कारण है कि इजरायल का इंटरसेप्टर भंडार बहुत तेजी से खाली हो रहा है. अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि वाशिंगटन इस संकट से महीनों से वाकिफ था और उन्हें इस स्थिति का पहले से अंदाजा था.

अमेरिका ने क्या कहा?

अमेरिकी अधिकारियों ने साफ किया है कि अमेरिका के पास फिलहाल ऐसी कोई कमी नहीं है और उनके पास पर्याप्त इंटरसेप्टर मौजूद हैं. एक अधिकारी ने सेमाफोर से कहा कि हमारे पास क्षेत्र में अपने बेस, अपने लोगों और अपने हितों की रक्षा के लिए जो कुछ भी चाहिए, वह सब मौजूद है.  साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि इजरायल इस कमी को पूरा करने के लिए अपने स्तर पर समाधान निकालने की कोशिश कर रहा है. हालांकि, अमेरिका इजरायल को और मिसाइल देगा या नहीं, इस पर अभी तक स्थिति स्पष्ट नहीं है.

युद्ध का बदलता स्वरूप  

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुरुआत में कहा था कि ईरान के साथ यह युद्ध लगभग चार हफ्तों का होगा और यह एक शॉर्ट-टर् ऑपरेशन है. लेकिन शुक्रवार को उन्होंने कहा कि यह युद्ध जितना जरूरी होगा, उतने समय तक चलेगा. ट्रंप का यह भी दावा है कि अमेरिका के पास असीमित गोला-बारूद है, हालांकि इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है.

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डेटा क्या कहता है?

सेंटर फॉर स्ट्रैटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज के आंकड़ों के अनुसार, पिछले जून में ईरान के साथ 16 दिनों के संघर्ष के दौरान अमेरिका ने 150 से ज्यादा THAAD इंटरसेप्टर्स का उपयोग किया था, जो उस समय अमेरिकी इन्वेंट्री का लगभग एक-चौथाई हिस्सा था. मौजूदा युद्ध के शुरुआती दिनों में भी, अमेरिका ने लगभग 2.4 अरब डॉलर के पैट्रियट (Patriot) इंटरसेप्टर खर्च किए हैं. वहीं, हालिया इंटेलिजेंस असेसमेंट (रॉयटर्स के अनुसार) बताता है कि चल रहे इस युद्ध के बावजूद ईरान की सरकार या नेतृत्व के गिरने का कोई खतरा नहीं है.

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Govind Jee

लेखक के बारे में

By Govind Jee

गोविन्द जी ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय भोपाल से की है. वे वर्तमान में प्रभात खबर में कंटेंट राइटर (डिजिटल) के पद पर कार्यरत हैं. वे पिछले आठ महीनों से इस संस्थान से जुड़े हुए हैं. गोविंद जी को साहित्य पढ़ने और लिखने में भी रुचि है.

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