ईरान का अमेरिका से बदला: सैन्य ठिकानों पर बरसाईं मिसाइलें और ड्रोन, तबाही का वीडियो किया जारी

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अमेरिकी बेस पर ईरानी हमले का नजारा, फोटो प्रेस टीवी एक्स अकाउंट

अमेरिकी बेस पर ईरानी हमले का नजारा, फोटो प्रेस टीवी एक्स अकाउंट

US Iran War: मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर पहुंच गया है. ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) और वहां की राष्ट्रीय सेना (अर्तश) ने कुवैत, बहरीन और जॉर्डन में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइलों और ड्रोनों से हमला किया है. ईरान ने इस हमले का पुख्ता सबूत भी दुनिया के सामने रख दिया है.

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US Iran War: ईरानी सरकारी मीडिया 'प्रेस टीवी' की रिपोर्ट के अनुसार, तेहरान ने अमेरिकी बेस पर दागी गईं मिसाइलों और ड्रोन हमलों का वीडियो जारी किया है. इस वीडियो में मिसाइलों के गरजने और अमेरिकी ठिकानों पर ड्रोनों के सटीक हमलों को साफ देखा जा सकता है.

'ऑपरेशन नस्र 2': तबाही का वीडियो आया सामने

ईरानी सेना और IRGC के अनुसार, इस जवाबी सैन्य कार्रवाई को 'ऑपरेशन नस्र 2' (Operation Nasr 2) नाम दिया गया है. प्रेस टीवी द्वारा जारी वीडियो में ईरान की सैन्य शक्ति को दिखाया गया है. ईरान का दावा है कि उसने इस हमले में अमेरिका के कई आधुनिक हथियारों और कमांड सेंटरों को मटियामेट कर दिया है.


इन अमेरिकी ठिकानों को बनाया गया निशाना

ईरानी बयानों और जारी किए गए वीडियो के आधार पर, खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी सेना के इन ठिकानों को भारी नुकसान पहुंचा है.

कुवैत में तबाही: अमेरिकी सेना के अत्याधुनिक पैट्रियट एयर डिफेंस कॉम्प्लेक्स, सैटेलाइट संचार केंद्र और HIMARS रॉकेट लॉन्च प्लेटफॉर्म को निशाना बनाया गया. अली अल-सालेम एयरबेस पर अमेरिकी MQ-9 रीपर ड्रोन के प्लेटफॉर्म को तबाह किया गया. मीना अब्दुल्ला में अमेरिकी सेना के मुख्य रसद और सहायता केंद्र (KJL) को आग के हवाले कर दिया गया.


बहरीन में अमेरिकी 5वां बेड़ा ढेर: बहरीन में स्थित अमेरिकी नौसेना के पांचवें बेड़े के NSA प्रबंधन केंद्र, कमांड एंड कंट्रोल सेंटर और ईंधन टैंकों को मटियामेट कर दिया गया. बहरीन के शेख ईसा बेस पर स्थित हथियारों और जहाजों के कलपुर्जों के गोदामों को नष्ट किया गया. जॉर्डन का अल-अजरक बेस: जॉर्डन के अल-अजरक एयरबेस पर अमेरिकी F-15, F-16 और F-35 लड़ाकू विमानों के हैंगर और रणनीतिक ड्रोनों को निशाना बनाया गया.

सेना का 'सायका' ऑपरेशन: दोबारा जॉर्डन पर हमला

IRGC के साथ-साथ ईरान की राष्ट्रीय सेना ने भी अमेरिकी सेना के खिलाफ अपने 'सायका' (Saegheh - Lightning) ऑपरेशन के आठवें चरण की शुरुआत की है. सेना ने दावा किया कि जॉर्डन के अल-अजरक बेस पर दोबारा घातक ड्रोनों से हमला कर अमेरिकी सेना के F-18 लड़ाकू विमानों और बड़े सैन्य गोदामों को निशाना बनाया गया है.

ईरान ने कुवैत-जॉर्डन के नागरिकों को क्यों दिया संदेश?

हमलों के बीच IRGC ने कुवैत और जॉर्डन की जनता के नाम भावुक और चेतावनी भरा संदेश जारी किया है. ईरान ने कुवैत के लोगों से कहा, "हमारा आपसे कोई बैर नहीं है, हम आपसे स्नेह करते हैं. लेकिन अपनी धरती से इन अमेरिकी कब्जाधारियों को बाहर निकालें." ईरान ने कहा कि अमेरिका ने हाल ही में ईरान के खुजेस्तान में एक गेहूं भंडारण केंद्र और ईलाम प्रांत में एक पानी की फैक्ट्री पर बमबारी की थी, जिसका बदला लेना जरूरी था. जॉर्डन को "पैगंबरों की भूमि" बताते हुए ईरान ने वहां के लोगों से अपील की कि वे अपने देश में अमेरिकी सेना की मौजूदगी का विरोध करें.

हॉर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने की चेतावनी

मिसाइल हमलों के बाद ईरान ने होर्मुज को बंद करने की भी चेतावनी दी है. IRGC ने कहा है कि जब तक अमेरिका अपनी सैन्य 'शरारतें' बंद नहीं करता, तब तक इस समुद्री मार्ग से तेल और गैस का निर्यात पूरी तरह ठप रहेगा. IRGC ने कहा- "तेल और गैस का निर्यात या तो सबके लिए होगा या फिर किसी के लिए नहीं."


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अरबिंद कुमार मिश्रा

लेखक के बारे में

By अरबिंद कुमार मिश्रा

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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