ईरान की टेंशन बढ़ाएगा एक और अमेरिकी वॉरशिप, मिडिल ईस्ट को लेकर डोनाल्ड ट्रंप का एक्शन

Updated at : 13 Feb 2026 12:14 PM (IST)
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USS Gerald R. Ford heads to the Middle East

USS जेराल्ड आर फोर्ड

Iran US Warship Tensions: दुनिया का सबसे बड़ा जंगी जहाज USS जेराल्ड आर फोर्ड मिडिल ईस्ट के लिए रवाना. वेनेजुएला में मादुरो के खिलाफ एक्शन के बाद अब खाड़ी देशों में बढ़ेगी अमेरिका की ताकत. रिपोर्ट के मुताबिक, दो-दो एयरक्राफ्ट कैरियर के घेरे में होगा ईरान.

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Iran US Warship Tensions: दुनिया के सबसे विशाल एयरक्राफ्ट कैरियर USS जेराल्ड आर फोर्ड को लेकर एक बड़ी खबर आ रही है. न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, जो वॉरशिप अब तक कैरिबियन सागर में तैनात था, उसे अब मिडिल ईस्ट (खाड़ी देशों) की ओर मुड़ने का हुक्म दे दिया गया है. यानी अब यह जहाज अपने घर वापस लौटने के बजाय ईरान के पास जाकर अपनी ताकत दिखाएगा. इस फैसले की जानकारी जहाज के क्रू को गुरुवार को ही दे दी गई है.

ईरान पर दबाव बनाने का मास्टरप्लान

अमेरिकी अधिकारियों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ईरान पर दबाव बनाना चाहते हैं. अभी वहां पहले से ही USS अब्राहम लिंकन कैरियर ग्रुप मौजूद है. अब फोर्ड के वहां पहुंचने से अमेरिका की मिलिट्री पावर उस इलाके में डबल हो जाएगी. ट्रंप ने 10 फरवरी को ही इशारा कर दिया था कि वे एक और बड़ा जहाज वहां भेजना चाहते हैं, और अब उन्होंने अपना वादा पूरा कर दिया है.

वेनेजुएला से ईरान: बदल गई अमेरिका की स्ट्रैटेजी

हैरानी की बात यह है कि फोर्ड को पहले यूरोप जाना था, लेकिन ट्रंप ने इसे वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो पर दबाव बनाने के लिए कैरिबियन भेज दिया था. न्यूयॉर्क टाइम्स का दावा है कि 3 जनवरी को वेनेजुएला में हुए उस अटैक में भी इसी फोर्ड के लड़ाकू विमानों का हाथ था, जिसमें मादुरो पकड़े गए थे. अब जब वहां का काम हो गया है, तो ट्रंप का पूरा फोकस ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम की तरफ शिफ्ट हो गया है.

8 महीने से समंदर में हैं जवान 

इस जहाज पर तैनात सेलर्स (नाविकों) के लिए यह खबर थोड़ी मुश्किल भरी है. यह मिशन जून 2025 में शुरू हुआ था और उन्हें उम्मीद थी कि मार्च तक वे घर पहुँच जाएंगे. लेकिन अब नए ऑर्डर्स के बाद वे अप्रैल के आखिर या मई की शुरुआत तक ही वर्जीनिया लौट पाएंगे. इस देरी की वजह से जहाज की मरम्मत और अपग्रेड का काम भी रुक सकता है.

बातचीत या फिर ‘कड़ा सबक’

इजरायली मीडिया को दिए इंटरव्यू में ट्रंप ने साफ कर दिया है कि ईरान के साथ या तो डील होगी, या फिर अमेरिका को कुछ बहुत ‘सख्त’ कदम उठाने पड़ेंगे. ट्रंप ने कहा कि या तो हम किसी समझौते पर पहुंचेंगे, वरना हमें कुछ बहुत कड़ा करना होगा.

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Govind Jee

लेखक के बारे में

By Govind Jee

गोविन्द जी ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय भोपाल से की है. वे वर्तमान में प्रभात खबर में कंटेंट राइटर (डिजिटल) के पद पर कार्यरत हैं. वे पिछले आठ महीनों से इस संस्थान से जुड़े हुए हैं. गोविंद जी को साहित्य पढ़ने और लिखने में भी रुचि है.

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