इंडोनेशिया में भूकंप से भारी तबाही, मरने वालों की संख्या बढ़कर 54 हुई; 900 से अधिक आफ्टरशॉक से दहशत

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भूकंप के दौरान इमारत ढह गई, फोटो पीटीआई

इंडोनेशिया में शक्तिशाली भूकंप से भारी तबाही मची है. अब तक 54 लोगों की मौत हो चुकी है. जबकि 135 लोग घायल हुए हैं. भूकंप से सैकड़ों घरों तथा अन्य इमारतों को नुकसान पहुंचा है.

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इंडोनेशिया में 7.7 तीव्रता के भूकंप के बाद अब तक कम से कम 995 आफ्टरशॉक आ चुके हैं. जिनमें से 46 झटके लोगों ने महसूस किए.

14 दिनों के लिए आपातकाल की घोषणा

राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन एजेंसी के मुताबिक, भूकंप से पूर्वी नुसा तेंगारा में 1,300 से अधिक मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं. इनमें अकेले फ्लोरेस द्वीप पर करीब 250 मकान पूरी तरह तबाह हो गए. करीब 5,000 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर बनाए गए अस्थायी शिविरों में शरण लेनी पड़ी है. हालात को देखते हुए प्रांत के गवर्नर ने रविवार को 14 दिनों के लिए आपातकाल घोषित कर दिया.

तंबुओं में रात गुजारने को मजबूर लोग

फ्लोरेस में हजारों लोगों ने क्षतिग्रस्त मकानों के बाहर तिरपाल से बनाए गए अस्थायी तंबुओं में रात बिताई. भूकंप के कारण कई इलाकों में सड़कें पेड़ों के गिरने से बंद हो गईं, जबकि भूस्खलन के चलते पहाड़ों से बड़े-बड़े पत्थर नीचे आ गए. कई मकान पूरी तरह ढह गए और मलबे में दबकर आसपास खड़ी कारें भी क्षतिग्रस्त हो गईं. मंगराई रीजेंसी के सबसे ज्यादा प्रभावित रियो गांव के कपड़ा कारोबारी रशीद जफर ने अपनी स्थिति बताते हुए कहा कि उनका घर अब पूरी तरह मलबे में बदल चुका है. उन्होंने तत्काल भोजन, दवाओं और साफ पानी की जरूरत बताई.

3500 से ज्यादा सुरक्षाकर्मी तैनात

आपदा प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान तेज करने के लिए 3500 से अधिक सैन्य और पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है. अधिकारियों के मुताबिक, 275 टन राहत सामग्री प्रभावित क्षेत्रों में भेजी जा चुकी है. हालांकि, खराब सड़कें, भूस्खलन और अन्य चुनौतियों के कारण सबसे ज्यादा प्रभावित कुछ समुदायों तक राहत पहुंचाने में देरी हो रही है.

1992 की त्रासदी की यादें हुईं ताजा

इस भूकंप ने फ्लोरेस के लोगों को वर्ष 1992 की उस विनाशकारी प्राकृतिक आपदा की याद दिला दी, जब शक्तिशाली भूकंप और उसके बाद आई सुनामी में करीब 2,500 लोगों की मौत हुई थी. इससे पहले वर्ष 2018 में सुलावेसी द्वीप पर 7.5 तीव्रता के भूकंप के बाद आई सुनामी में 4,400 से अधिक लोगों की मौत हुई थी. वहीं, वर्ष 2004 में सुमात्रा के तट के पास 9.1 तीव्रता के भूकंप से उठी सुनामी ने हिंद महासागर के आसपास के 12 देशों में भारी तबाही मचाई थी. इस आपदा में करीब 2.30 लाख लोगों की मौत हुई थी, जिनमें अकेले इंडोनेशिया के आचे प्रांत में करीब 1.70 लाख लोग मारे गए थे.

इंडोनेशिया में भूकंप और ज्वालामुखी विस्फोट की घटनाएं होती रहती हैं, जानें क्यों?

इंडोनेशिया प्रशांत महासागर के ‘रिंग ऑफ फायर’ क्षेत्र में स्थित है. 17,000 से अधिक द्वीपों वाले इस देश में कई सक्रिय भूकंपीय भ्रंश और ज्वालामुखी मौजूद हैं, जिसके कारण यहां भूकंप और ज्वालामुखी विस्फोट की घटनाएं अक्सर होती रहती हैं.


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अरबिंद कुमार मिश्रा

लेखक के बारे में

By अरबिंद कुमार मिश्रा

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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