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Booker Prize 2020 : बुकर पुरस्कार की रेस में भारतीय मूल की लेखिका अवनि दोशी, उपन्यास 'बर्न्ट शुगर' के लिए हुआ चयन

Updated at : 29 Jul 2020 6:35 AM (IST)
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Booker Prize 2020 : बुकर पुरस्कार की रेस में भारतीय मूल की लेखिका अवनि दोशी, उपन्यास 'बर्न्ट शुगर' के लिए हुआ चयन

दुबई में रहने वाली भारतीय मूल की लेखिका अवनि दोशी समेत 13 लेखकों के नाम को 2020 के बुकर पुरस्कार के लिए संक्षिप्त सूची में शामिल किया गया है.

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Booker Prize 2020 : दुबई में रहने वाली भारत मूल की लेखिका अवनि दोशी का नाम बुकर अवार्ड की सूची में शामिल किया गया है. उनके अलावा 13 अन्य लेखकों का नाम भी बुकर अवार्ड 2020 के लिए शुमार किया गया है. लिस्ट में दो बार यह पुरस्कार जीत चुकीं प्रसिद्ध लेखिता हिलेरी मेंटल का नाम भी शामिल है.

लेखकों की सूची तैयार करने के लिए ब्रिटेन और आयरलैंड में चयन मंडल ने अक्टूबर 2019 से प्रकाशित हुईं 162 उपन्यासों का अवलोकन किया. बता दें, इन लेखकों में से छह के नाम की घोषणा सितंबर महीने में होगी और नवंबर 2020 में पुरस्कार की घोषणा की जाएगी. अवनि दोशी को उनकी किताब बर्न्ट शुगर के लुए इस लिस्ट में शिमिल किया गया है. यह उपन्यास मां-बेटी के जटिल और असामान्य रिश्तों की कहानी बयां करती है.

अवनि दोशी का उपन्यास बर्न्ट शुगर मां-बेटी के जटिल और असामान्य रिश्तों की कहानी है जिसे लेखिका ने बड़े सुंदर तरीके से बयां किया है. वहीं बुकर सूची में नाम शामिल किए जाने को लेकर चयन मंडल का कहना है कि अवनि ने मां-बेटी के जटिल और असमान्य रिश्तों को बहुत खूबसूरती के साथ बयां किया है. अवनि ने पात्र तारा और अंतरा के इर्द गिर्द पूरी कहानी का ताना बाना बुना है. जिसमें मां-बेटी के बीच के प्यार को दर्शाया गया है.

भारतीय मूल की लेखिका अवनि का जन्म अमेरिका में हुआ है. फिलहाल वो दुबई में रह रहीं हैं. पिछले साल उनकी किताब गर्ल इन व्हाइट कॉटन का विमोचन भारत में हुआ था. ब्रिटेन में बीते गुरूवार को इसे बर्न्ट शुगर के तौर पर जारी किया गया. बता दें, भारतीय लेखकों में सलमान रुश्दी, अरुंधति रॉय, किरन देसाई और अरविंद अडिगा को भी यह बुकर पुरस्कार मिल चुका है.

गल्प (फिक्शन) के लिए बुकर पुरस्कार में किसी भी देश के लेखक हिस्सा ले सकते हैं. लेकिन शर्त यह होती है कि किताब अंग्रेजी में होनी चाहिए और इसका प्रकाशन ब्रिटेन या आयरलैंड में होना चाहिए. बता दें, साल 2019 का बुकर पुरस्कार संयुक्त रूप से दो लेखिकाओं – मार्गरेट एटवुड और बर्नार्डिन एवरिस्टो को दिया गया था.

Post by : Pritish Sahay

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Pritish Sahay

लेखक के बारे में

By Pritish Sahay

12 वर्षों से टीवी पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सेवाएं दे रहा हूं. रांची विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग से पढ़ाई की है. राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय विषयों के साथ-साथ विज्ञान और ब्रह्मांड विषयों पर रुचि है. बीते छह वर्षों से प्रभात खबर.कॉम के लिए काम कर रहा हूं. इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में काम करने के बाद डिजिटल जर्नलिज्म का अनुभव काफी अच्छा रहा है.

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