गर्भवती महिला, -23°C तापमान, तूफान और फिसलती रोड, रास्ते में ही पैदा हुआ बच्चा और फिर देवदूत बना भारतीय

ठंडी, फिसलन भरी तूफानी सड़क पर भारतीय मूल का कैब ड्राइवर कनाडाई गर्भवती महिला के लिए मसीहा बनकर उभरा. फोटो- एआई जेनेरेटेड.
Indian Origin Cab Driver Savior For Canadian Pregnant Woman: कनाडा में ठंडी, फिसलन भरी तूफानी सड़क पर भारतीय मूल का कैब ड्राइवर कनाडाई गर्भवती महिला के लिए मसीहा बनकर उभरा. उस वक्त तापमान शून्य से करीब 23 डिग्री सेल्सियस नीचे था, तेज तूफान चल रहा था और सड़कें फिसलन भरी थीं, लेकिन हरदीप सिंह तूर ने अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए महिला को अस्पताल तक पहुंचाया, जबकि ताज्जुब की बात है कि बच्चे का जन्म उनकी गाड़ी की बैक सीट पर ही हो गया था.
Indian Origin Cab Driver Savior For Canadian Pregnant Woman: कभी-कभी रोजमर्रा की जिंदगी में ऐसे पल सामने आते हैं, जब एक आम इंसान असाधारण साहस और संवेदनशीलता का परिचय देकर किसी के लिए जीवनरक्षक बन जाता है. कनाडा में भारतीय मूल के एक टैक्सी चालक ने भी ऐसा ही उदाहरण पेश किया, जब उसने आपात स्थिति में एक गर्भवती महिला और उसके परिवार की मदद कर मानवता की मिसाल कायम की. कनाडा में भारतीय मूल का एक कैब चालक उस वक्त दंपति के लिए मसीहा बन गया, जब एक गर्भवती महिला ने अस्पताल पहुंचने से पहले ही टैक्सी में बच्चे को जन्म दे दिया. चालक ने सूझबूझ और हिम्मत दिखाते हुए नवजात, मां और उसके साथ मौजूद व्यक्ति को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाया.
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स में इस घटना का जिक्र किया गया है. खबर के मुताबिक, टैक्सी में सवार महिला को अचानक तेज प्रसव पीड़ा शुरू हो गई और उसने कार की पिछली सीट पर ही बच्चे को जन्म दे दिया. ऐसे नाजुक हालात में भारतीय टैक्सी चालक ने स्थिति को संभाला और बिना घबराए तीनों को अस्पताल तक सुरक्षित पहुंचाया. ‘ग्लोबल न्यूज’ के अनुसार, कैलगरी में टैक्सी चलाने वाले हरदीप सिंह तूर को पिछले शनिवार देर रात एक आपात कॉल मिली थी. कॉल करने वाले ने सिर्फ इतना कहा था कि उन्हें तुरंत अस्पताल जाना है. कुछ ही देर बाद तूर को एहसास हुआ कि टैक्सी में बैठी महिला गर्भवती है और बच्चे के जन्म का समय बेहद करीब है.
‘सीटीवी’ से बातचीत में तूर ने बताया, “एक गर्भवती महिला थी और उसके साथ मौजूद व्यक्ति उसे टैक्सी में बैठाने में मदद कर रहा था. वह साफ तौर पर दर्द में थी.” दंपति की हालत देखकर तूर ने तुरंत स्थिति की गंभीरता समझ ली. तूर ने बताया कि उनके मन में एंबुलेंस बुलाने का विचार भी आया, लेकिन खराब मौसम को देखते हुए उन्होंने तुरंत टैक्सी से ही अस्पताल ले जाने का फैसला किया. उन्होंने कहा, “उनके चेहरे से साफ लग रहा था कि हमारे पास वक्त बिल्कुल नहीं है, इसलिए मैंने गाड़ी आगे बढ़ा दी.”
-23°C तापमान, तूफान, फिसलती रोड और रास्ते में ही पैदा हुआ बच्चा
यह सफर तूर के लिए अब तक का सबसे लंबा और तनावपूर्ण 30 मिनट साबित हुआ. ‘ग्लोबल न्यूज’ के अनुसार, उस वक्त तापमान शून्य से करीब 23 डिग्री सेल्सियस नीचे था, तेज तूफान चल रहा था और सड़कें फिसलन भरी थीं. इन तमाम मुश्किलों के बावजूद तूर का एकमात्र मकसद दंपति को जल्द और सुरक्षित अस्पताल पहुंचाना था. हालांकि, अस्पताल पहुंचने से पहले ही महिला ने टैक्सी की पिछली सीट पर बच्चे को जन्म दे दिया. तूर ने कहा, “मैं रुका नहीं. मेरे दिमाग में बस यही था कि उन्हें जितनी जल्दी हो सके अस्पताल पहुंचाया जाए, ताकि मां और बच्चे को तुरंत चिकित्सा सहायता मिल सके.”
जीवन का सबसे गौरव का पल
जैसे ही टैक्सी अस्पताल के बाहर पहुंची, अस्पताल के कर्मचारी तुरंत बाहर आए और दंपति व नवजात शिशु की देखभाल संभाली. बाद में तूर को बताया गया कि मां और बच्चा दोनों पूरी तरह स्वस्थ हैं. पिछले चार वर्षों से टैक्सी चला रहे हरदीप सिंह तूर ने मुस्कुराते हुए कहा, “यह मेरी जिंदगी का पहला अनुभव है कि मैंने दो लोगों को अपनी टैक्सी में बैठाया और तीन लोगों को बाहर उतारा.” उन्होंने इस पूरे अनुभव को अपने जीवन का “गर्व का पल” बताया.
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लेखक के बारे में
By Anant Narayan Shukla
इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पोस्ट ग्रेजुएट. करियर की शुरुआत प्रभात खबर के लिए खेल पत्रकारिता से की और एक साल तक कवर किया. इतिहास, राजनीति और विज्ञान में गहरी रुचि ने इंटरनेशनल घटनाक्रम में दिलचस्पी जगाई. अब हर पल बदलते ग्लोबल जियोपोलिटिक्स की खबरों के लिए प्रभात खबर के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं.
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