845 दिन से पिता कैद में, लेकिन अब जिंदा होने का सबूत नहीं… इमरान खान के बेटे ने भी उठा दिए सवाल

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पिता की मौत की खबर पर इमरान खान के बेटे कासिम खान की प्रतिक्रिया. फोटो- सोशल मीडिया (एक्स).

Imran Khan Son Kasim Khan reacts on father death news: पाकिस्तान के पूर्व पीएम इमरान खान के छोटे बेटे कासिम खान ने एक कड़ा सार्वजनिक बयान जारी करके आरोप लगाया है. उनका कहना है पाकिस्तान सरकार उनके पिता को पूरी तरह अकेलेपन में रख रही है और परिवार को मिलने नहीं दिया जा रहा है. उनके जीवित होने का भी कोई प्रूफ नहीं दिया जा रहा है.

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Imran Khan Son Kasim Khan reacts on father death news: पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान इन दिनों एक बार फिर से चर्चा में हैं. रावलपिंडी की अडियाला जेल में बंद इमरान को उनकी बहनों और वकील से पिछले तीन हफ्ते से कोई मुलाकात नहीं हो पाई है. ऐसे में उनकी मौत की आशंका गहराने लगी. हालांकि बाद में पाकिस्तानी जेल प्रशासन ने इन खबरों को खारिज करते हुए कहा कि इमरान खान ठीक हैं. लेकिन अब पूर्व पीएम के छोटे बेटे कासिम खान ने एक कड़ा सार्वजनिक बयान जारी करके आरोप लगाया है कि सरकार उनके पिता को पूरी तरह अकेलेपन में रख रही है और परिवार को मिलने नहीं दिया जा रहा है. एक्स पर पोस्ट किए गए इस संदेश में उन्होंने कहा कि परिवार के पास जीवित होने का कोई प्रमाण तक नहीं है और चेतावनी दी कि इमरान खान की सुरक्षा के लिए सरकार जिम्मेदार होगी.

कासिम खान ज्यादातर पाकिस्तान से बाहर रहे हैं और सक्रिय राजनीति से दूरी बनाए रखते हैं. हालांकि पिता की मौत की खबरों के बाद उनका भी लंबा चौड़ा बयान आया है. उन्होंने लिखा- मेरे पिता को गिरफ्तारी में 845 दिन हो चुके हैं. पिछले छह हफ्तों से उन्हें एक मौत की कोठरी में अकेले (एकांतवास) रखा गया है, जहाँ किसी तरह की पारदर्शिता बिल्कुल नहीं है. अदालत के स्पष्ट आदेश होने के बावजूद उनकी बहनों को हर मुलाकात से वंचित किया गया है. न कोई फोन कॉल हुई है, न कोई मुलाकात, और न ही उनके जीवित होने का कोई प्रमाण मिला है. मैं और मेरे भाई हम दोनों का अपने पिता से कोई संपर्क नहीं हुआ है.

पूरा इन्फॉर्मेशन ब्लैकआउट है

कासिम ने इसे एक सुनियोजित सूचना-अवरोध (इन्फॉर्मेशन ब्लैकआउट) करार दिया और पाकिस्तानी राज्य पर इमरान की हालत छिपाने का आरोप लगाया. उन्होंने लिखा- यह पूर्ण ब्लैकआउट किसी सुरक्षा प्रोटोकॉल का हिस्सा नहीं है. यह जानबूझकर की गई कोशिश है ताकि उनकी स्थिति छिपाई जा सके और हमारे परिवार को यह न पता चले कि वे सुरक्षित हैं या नहीं. रावलपिंडी की अडियाला जेल, जो मौत की सजा पाने वाले कैदियों और खतरनाक अपराधियों को रखने के लिए जानी जाती है, पहले से ही बदनाम है. यही वजह है कि उनके जीवन को लेकर उनके समर्थकों के बीच चिंता और बढ़ जाती है.

अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से मांगी मदद

उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा- पाकिस्तानी सरकार और उसके संचालक मेरे पिता की सुरक्षा और इस अमानवीय एकांतवास के हर परिणाम के लिए कानूनी, नैतिक और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पूरी तरह जिम्मेदार होंगे. अपनी अपील में कासिम ने अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से दखल देने की अपील की. उन्होंने कहा- मैं अंतरराष्ट्रीय समुदाय, वैश्विक मानवाधिकार संगठनों और हर लोकतांत्रिक आवाज से अपील करता हूँ कि तुरंत हस्तक्षेप करें. उनके जीवित होने का प्रमाण मांगें, अदालत द्वारा आदेशित मुलाकातों को सुनिश्चित करें, इस अमानवीय एकांत को समाप्त करवाएँ और पाकिस्तान के सबसे लोकप्रिय राजनीतिक नेता की रिहाई की मांग करें, जिन्हें केवल राजनीतिक कारणों से बंदी बनाकर रखा गया है.

सोशल मीडिया पर एक्टिव हुए दोनों बेटे

क्रिकेटर से नेता बने इमरान खान कई मामलों में अगस्त 2023 से 14 साल जेल की सजा काट रहे हैं. उनकी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) ने इसे राजनीतिक प्रतिशोध बताया है. उनके बेटे कासिम और सुलेमान अपनी मां जेमाइमा गोल्डस्मिथ के साथ ब्रिटेन में पले-बढ़े और शायद ही कभी पाकिस्तान की राजनीति पर टिप्पणी करते हैं. पिछले एक महीने से अधिक समय से पाकिस्तान सरकार ने परिवार से मुलाकात पर एक अनौपचारिक प्रतिबंध लगा रखा है. इस मुद्दे पर इमरान खान के दोनों बेटों ने एक पॉडकास्ट पर बात की. उन्होंने कहा कि उनकी सजा में मृत्यु जैसे प्रावधान हैं, इसलिए उनकी चिंता हो रही है. इसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. देखें-

पाकिस्तानी प्रशासन ने मौत की अफवाहों को खारिज किया

अडियाला जेल प्रशासन ने यह कहते हुए सभी अटकलों को खारिज कर दिया कि इमरान खान को कहीं और ले जाया गया है या उन्हें नुकसान पहुंचा है. अधिकारियों ने जियो न्यूज को बताया कि पूर्व प्रधानमंत्री पूरी तरह स्वस्थ हैं और उन्हें पूरा चिकित्सीय ध्यान मिल रहा है. पाकिस्तानी सरकार की ओर से भी जवाब आया है. रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा कि PTI संस्थापक को ज्यादातर कैदियों से बेहतर सुविधाएं दी जा रही हैं. उन्होंने दावा किया कि इमरान खान को ऐसा भोजन मिलता है जो फाइव स्टार होटल में भी नहीं मिलता. इसके साथ ही उन्हें टीवी, जिम और मखमली गद्दे की सुविधा भी दी गई है.

पीटीआई ने ‘प्रूफ ऑफ लाइफ’ की मांग की

सरकार के आश्वासन के बावजूद PTI ने आधिकारिक प्रतिक्रिया और परिवार को तुरंत मिलने की अनुमति देने की मांग की है. पार्टी का कहना है कि इस स्थिति ने इंटरनेट पर कई तरह की अफवाहों को जन्म दिया है. बुधवार को अडियाला जेल के बाहर तनाव तब बढ़ गया, जब इमरान खान की तीन बहनों और PTI कार्यकर्ताओं ने उनसे मिलने की मांग करते हुए धरना दिया. बाद में हजारों समर्थक इस प्रदर्शन में शामिल हो गए. पार्टी ने आरोप लगाया कि पिछले प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने बहनों और कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट की थी. प्रदर्शन तब खत्म हुआ जब जेल अधिकारियों ने अलीमा खान को यह आश्वासन दिया कि मुलाकात की व्यवस्था की जाएगी. उन्हें आज और अगले मंगलवार को मुलाकात की उम्मीद है.  

यूएन की अपील: इमरान खान के मानवाधिकारों का सम्मान हो

संयुक्त राष्ट्र के उप प्रवक्ता ने कहा है कि विश्व संस्था ने पाकिस्तान से आग्रह किया है कि इमरान खान के मानवाधिकारों और न्यायिक प्रक्रिया के अधिकारों का सम्मान किया जाए. उन्होंने कहा कि ऐसे राजनीतिक रूप से संवेदनशील मामलों में, निष्पक्षता और कानूनी प्रक्रिया का पालन बेहद महत्वपूर्ण है.

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अनन्त नारायण शुक्ल

लेखक के बारे में

By अनन्त नारायण शुक्ल

अनन्त नारायण शुक्ल प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट क्रिएटर के रूप में कार्यरत हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में करीब दो वर्षों का अनुभव है. अनन्त राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मामलों, वैश्विक भू-राजनीति (ग्लोबल जियोपॉलिटिक्स), रक्षा नीति, कूटनीति और विश्व राजनीति से जुड़े विषयों पर खबरें करते हैं. वे दुनिया भर में घट रही महत्वपूर्ण घटनाओं को गहरी रिसर्च और तथ्यमात्मक विश्लेषण के साथ पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं.

अनन्त मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय संघर्ष, वैश्विक सुरक्षा, रक्षा रणनीतियों, विदेश नीति, भारत के पड़ोसी देशों से जुड़े घटनाक्रम और विश्व स्तर पर भारत की भूमिका जैसे विषयों को कवर करते हैं. इजरायल-ईरान संघर्ष, अमेरिका की विदेश नीति, परमाणु सुरक्षा, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के हालात, नेपाल-चीन सीमा से जुड़े मुद्दे और वैश्विक कूटनीतिक घटनाक्रम पर उनकी विशेष पकड़ है. इसके अलावा वे अंतरराष्ट्रीय आपदाओं, विदेशों में बसे भारतीयों और वैश्विक स्तर पर भारत के बढ़ते प्रभाव से जुड़ी खबरों पर भी नियमित रूप से लिखते हैं.

इतिहास, राजनीति और विज्ञान में उनकी गहरी रुचि रही है, जिसने उन्हें वैश्विक मामलों और अंतरराष्ट्रीय पत्रकारिता की ओर प्रेरित किया. यही वजह है कि उनके लेखों में विषय की गहराई, एक्सपर्ट्स की राय के साथ उनके कमेंट्स, तथ्यों की सटीकता और व्यापक संदर्भ देखने को मिलता है. बदलते वैश्विक परिदृश्य पर उनकी पैनी नजर रहती है, जिससे वे पाठकों तक समय पर विश्वसनीय और विश्लेषणात्मक जानकारी पहुंचाते हैं.

अनन्त को राष्ट्रीय राजनीति की भी समझ है. उन्होंने झारखंड विधान सभा 2024, दिल्ली विधान सभा चुनाव 2025 चुनाव और देश के अन्य चुनावों को कवर किया है. चुनाव के काउंटिंग डे को कवर करने का भी उनके पास काफी अनुभव है.

अनन्त कभी-कभी नेशनल डेस्क भी संभालते हैं, जिसमें देश भर में जनता से जुड़े जरूरी सामाजिक मुद्दे, न्यायिक खबरों और अपराध की खबरों को भी कवर करते हैं. इसके अलावा उन्हें रोचक जानकारियों को क्यूरेट करने का भी शौक है. इसमें लाइफस्टाइल, ऐतिहासिक और पुरातात्विक जानकारी के साथ ही दुनिया भर के साम्राज्यों के बारे में खबरें करते हैं.

उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के रहने वाले अनन्त ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. उन्होंने 2024 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्रभात खबर में खेल पत्रकार के रूप में की थी, जहां उन्होंने करीब एक वर्ष तक क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़ी खबरों को कवर किया. बाद में अपनी रुचि और विशेषज्ञता के चलते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय डेस्क का रुख किया और आज वैश्विक राजनीति व भू-राजनीति के प्रमुख विषयों पर लेखन कर रहे हैं.

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