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Iran Helicopter Crash: रईसी की हादसे में मौत के बाद 5 दिन का राष्ट्रीय शोक, मोखबर बने कार्यवाहक राष्ट्रपति

Updated at : 20 May 2024 6:53 PM (IST)
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Iran Election

Iran Election| PTI

Iran Helicopter Crash: रविवार को हुए हेलिकॉप्टर हादसे में ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी की मौत हो गई है. रईसी की मौत से पूरे ईरान में मातम पसरा हुआ है. ईरान में 5 दिन का राष्ट्रीय शोक का ऐलान किया गया है.

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Iran Helicopter Crash: रविवार को हुए हेलिकॉप्टर हादसे में ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी की मौत हो गई है. इसके साथ ही हेलीकॉप्टर में सवार ईरान के विदेश मंत्री हुसैन अमीर समेत 9 अन्य लोग सवार थे. हादसे के एक दिन बाद यानी सोमवार को ईरान की मीडिया ने राष्ट्रपति रईसी और विदेश मंत्री के मौत की पुष्टि कर दी. वहीं, रईसी की मौत के बाद ईरान में पांच दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की गई है. वहीं रईसी मौत पर भारत समेत कई देशों ने दुख जताया है. रईसी की हैलिकॉप्टर हादसे में मौत ऐसे समय में हुई है जब रईसी और ईरान सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामनेई के नेतृत्व में ईरान ने पिछले महीने इजराइल पर एक जबरदस्त ड्रोन और मिसाइल हमला किया था. इसके अलावा ईरान का यूरेनियम संवर्धन भी हथियार बनाने के लिए आवश्यक स्तर के करीब पहुंच गया है. इसकी वजह से देश और पश्चिमी देशों के बीच तनाव और बढ़ गया है. इसके अलावा यूक्रेन पर हमले के लिए ईरान रूस को ड्रोन भी सप्लाई कर रहा था.

हादसे से पहले रईसी पूर्वी अजरबैजान की यात्रा पर थे
हेलिकॉप्टर हादसे से पहले रईसी ईरान के पूर्वी अजरबैजान प्रांत की यात्रा पर थे. रईसी के साथ ईरान के विदेश मंत्री अमीराब्दुल्लाहियन, ईरान के पूर्वी अजरबैजान प्रांत के गवर्नर एवं अन्य अधिकारी और अंगरक्षक भी यात्रा कर रहे थे. तुर्किये के प्राधिकारियों ने सोमवार की सुबह ड्रोन से ली एक फुटेज जारी की जिसमें जंगल में आग लगी दिखायी दी. उन्होंने इसके हेलीकॉप्टर का मलबा होने का संदेह जताया. उन्होंने एक दुर्गम पहाड़ी पर अजरबैजान-ईरान सीमा से करीब 20 किलोमीटर दक्षिण में यह आग लगी होने की जानकारी दी. इससे पहले रविवार रात को खामेनेई ने लोगों से दुआएं करने का आग्रह किया था. खामेनेई ने कहा था कि हमें उम्मीद है कि अल्लाह के करम से राष्ट्रपति और उनके सहयोगी पूरी तरह स्वस्थ स्थिति में देश लौटेंगे.

मोखबर बने ईरान के कार्यवाहक राष्ट्रपति
ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामनेई ने रईसी की मौत पर दुख जारी करते हुए यह भी कहा है कि चाहे कोई भी स्थिति हो, ईरान की सरकार का कामकाज जारी रहेगा. बता दें, ईरान के संविधान के तहत यदि राष्ट्रपति का निधन हो जाता है तो ईरान का प्रथम उपराष्ट्रपति पदभार संभालता है और 50 दिन के भीतर नया राष्ट्रपति चुनाव कराया जाएगा. गौरतलब है कि रईसी ने 2021 में राष्ट्रपति पद का चुनाव जीता था. उस दौरान ईरान के इतिहास में अब तक का सबसे कम मतदान हुआ था. अमेरिका ने ईरान-इराक युद्ध के अंत में 1988 में हजारों राजनीतिक कैदियों की सामूहिक फांसी में शामिल होने के कारण रईसी पर प्रतिबंध लगा दिया था. वहीं, ईरान की कैबिनेट ने अली बघेरी को कार्यवाहक विदेश मंत्री नियुक्त किया है.

मीडिया रिपोर्ट में कहा जा रहा है कि सोशल मीडिया मंच में कुछ लोग रईसी की मौत के पीछे इजराइल का हाथ होने का शक जता रहे हैं. उनका कहना है कि रईसी के काफिले में तीन हेलिकॉप्टर थे. तीन में दो हेलिकॉप्टर सकुशल हैं लेकिन सिर्फ रईसी का हेलिकॉप्टर ही हादसे का शिकार क्यों हुआ. ऐसे में उनका शक इजराइल की खुफिया एजेंसी मोसाद के ऊपर जा रहा है. दरअसल विदेशी जमीन पर दुश्मनों के खिलाफ साजिश रचने में मौसाद माहिर है. वहीं इजराइल और अजरबैजान के राजनयिक संबंध काफी मजबूत हैं.  इस कारण कई बार ईरान और अजरबैजान के रिश्तों में भी तल्खी आई है. हालांकि इजराइल ने साफ कर दिया है कि हादसे में उसकी कोई भूमिका नहीं है. हालांकि कई एक्सपर्ट ने भी हादसे के पीछे इजराइल के हाथ होने को नकार दिया है. भाषा इनपुट से साभार

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Pritish Sahay

लेखक के बारे में

By Pritish Sahay

12 वर्षों से टीवी पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सेवाएं दे रहा हूं. रांची विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग से पढ़ाई की है. राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय विषयों के साथ-साथ विज्ञान और ब्रह्मांड विषयों पर रुचि है. बीते छह वर्षों से प्रभात खबर.कॉम के लिए काम कर रहा हूं. इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में काम करने के बाद डिजिटल जर्नलिज्म का अनुभव काफी अच्छा रहा है.

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