Opportunity to Shift Abroad : फ्री में बस जाएं इन देशों में, बसने के बदले मिलेंगे पैसे भी
Published by : Amitabh Kumar Updated At : 07 Jul 2025 8:09 AM
सांकेतिक तस्वीर
Opportunity to Shift Abroad : छुट्टियों में लोग अक्सर विदेश घूमने जाते हैं, जिससे उनकी जेब पर भारी असर पड़ता है. कई लोग एक ही देश से ऊबकर नए ठिकाने की तलाश में रहते हैं. उनको सहूलियत वाले देश की तलाश रहती है. कुछ देश ऐसे भी हैं जो लोगों को बसने के लिए बुला रहे हैं और आर्थिक मदद भी दे रहे हैं. जानें ऐसे देशों के बारे में यहां.
Opportunity to Shift Abroad : यूं तो आपके सामने कई तरह की खबरें आती होंगी जिसे सुनकर आप चौंक जाते होंगे. लेकिन आगे जो आपको हम खबर बताने जा रहे हैं वो चौंकाने के अलावा आपको खुशी भी दे सकती है. जी हां…कंटेंट क्रिएटर और फाइनेंस एक्सपर्ट कैस्पर ओपाला का एक वीडियो सामने आया है. इस वीडियो को उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफार्म इंस्टाग्राम पर शेयर किया है. वीडियो में उन्होंने बताया कि तीन ऐसे देश हैं जो आपको वहां शिफ्ट होने के लिए पैसे दे रहे हैं. यदि आपको यकीन नहीं हो रहा तो देखें ये वीडियो और नीचे जानें वो कौन से देश हैं?
स्विट्जरलैंड का अल्बिनेन
स्विट्जरलैंड का खूबसूरत गांव अल्बिनेन उन परिवारों को करीब 50 लाख रुपये देने का प्लान बना रहा है, जो कम से कम चार लोगों के साथ वहां बसना चाहें. ट्रेवलर 365 के अनुसार, यह पहल गांव की घटती जनसंख्या को रोकने के लिए की जा रही है. यह स्कीम खासकर युवा जोड़ों के लिए फायदेमंद हो सकती है, जो नई जगह पर स्थायी रूप से बसने की चाहत रखते हैं.
इटली का प्रेसीचे
स्थानीय पार्षद अल्फ्रेडो पालेसे ने लोगों के बसने के प्लान के बारे में बताया. उनके अनुसार, इटली के प्रसिद्ध शहर प्रेसीचे के पुराने इलाकों में कई घर खाली पड़े हैं. इन घरों को फिर से आबाद करने के लिए सरकार यहां बसने वालों को लगभग 30,000 डॉलर की मदद दे रही है. यह राशि दो किश्तों में दी जाएगी, जिससे लोग वहां रहने के लिए प्रोत्साहित हों.
ग्रीस का एंटीकीथेरा आइलैंड
तीसरा देश ग्रीस है, जो लोगों को बसने के लिए पैसे दे रहा है. ‘द ट्रेवल’ के मुताबिक, पांच परिवारों को Antikythera नाम के टापू पर बसने के लिए आर्थिक मदद दी जाएगी. उन्हें वहां घर भी मिलेगा और हर महीने 600 डॉलर दिए जाएंगे. वैसे लोग जिनके पास मछली पकड़ने की स्किल है, उन्हें प्राथमिकता दी जाएगी. इस योजना के पीछे की मुख्य वजह टापू की घटती आबादी और कमजोर अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है.
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By Amitabh Kumar
अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.
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