Hezbollah Attack on Israel : इजराइल पर भारी पड़ रहा है हिजबुल्ला, किया अबतक का सबसे घातक हमला, 4 सैनिकों की मौत

Published by : Amitabh Kumar Updated At : 14 Oct 2024 9:31 AM

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Hezbollah drone strike

Hezbollah Attack on Israel : इजराइल के सैन्य अड्डे पर हिजबुल्ला के ड्रोन हमले में चार सैनिकों की मौत हो गई. इजराइली सेना की ओर से उयह जानकारी दी गई है.

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Hezbollah Attack on Israel : हिजबुल्ला ने इजराइल को नुकसान पहुंचाया है. जानकारी के अनुसार, मध्य इजराइल में रविवार को एक सैन्य अड्डे को निशाना बनाकर किए गए हिजबुल्ला के ड्रोन हमले में चार सैनिकों की मौत हो गई जबकि कई अन्य घायल हो गए. लेबनान में दो सप्ताह पहले इजराइल द्वारा जमीनी हमले शुरू किए जाने के बाद आतंकवादी ग्रुप द्वारा किया गया यह सबसे घातक हमला है.

लेबनान स्थित हिजबुल्ला ने बिनयामीना शहर के पास किए गए हमलों को गुरुवार को देश की राजधानी बेरूत पर इजराइल के हमलों के जवाब में की गई कार्रवाई बताया. इस हमले में 22 लोग मारे गए थे. बाद में हिजबुल्ला ने कहा कि उसने इजराइल के विशिष्ट ‘गोलानी ब्रिगेड’ को निशाना बनाया तथा ड्रोन के हमले के दौरान इजराइली वायु रक्षा प्रणालियों पर कब्जा करने के लिए कई मिसाइलें दागीं. इजराइल की राष्ट्रीय बचाव सेवा ने कहा कि हमले में 61 लोग घायल हुए हैं.

इजराइल की उन्नत वायु-रक्षा प्रणालियां बहुत मजबूत

इजराइल की उन्नत वायु-रक्षा प्रणालियां इतनी मजबूत मानी जाती है कि ड्रोन या मिसाइल हमले में इतनी संख्या में लोगों के घायल होने की आशंका नहीं के बराबर रहती है. गाजा में युद्ध शुरू होने के बाद से साल में लगभग हर दिन हिजबुल्ला और इजराइल के बीच लगभग गोलीबारी होती रही है तथा लड़ाई तेज होती गई. दो स्थानीय अस्पतालों के अनुसार, गाजा के अंदर रविवार रात को इजराइल के हवाई हमले में एक स्कूल में बच्चों सहित कम से कम 20 लोग मारे गए. नुसरत का यह स्कूल युद्ध के कारण विस्थापित हुए कई फलस्तीनियों के लिए शरण स्थल बन गया था.

अल-अक्सा शहीद अस्पताल के बाहर विस्फोट

इस बीच, सोमवार को सुबह दीर अल-बला में अल-अक्सा शहीद अस्पताल के बाहर विस्फोट हुए जिसके बाद लोगों को अस्पताल ले जाया गया. हिजबुल्ला का इजराइल पर किया गया घातक हमला उसी दिन हुआ, जिस दिन अमेरिका ने घोषणा की थी कि वह इजराइल को मिसाइलों से रक्षा क्षमता बढ़ाने के लिए एक नयी वायु रक्षा प्रणाली भेजेगा, साथ ही इसे संचालित करने के लिए आवश्यक सैनिक भी भेजेगा. इजराइली सेना के प्रवक्ता ने समयसीमा बताने से इनकार कर दिया.

गाजा में हमास और लेबनान में हिजबुल्ला के साथ युद्ध जारी

इजराइल का अब गाजा में हमास और लेबनान में हिजबुल्ला के साथ युद्ध जारी है. दोनों ही ईरान समर्थित चरमपंथी समूह हैं और इस महीने की शुरुआत में हुए मिसाइल हमले के जवाब में उसके ईरान पर हमला करने की उम्मीद है. ईरान ने कहा है कि वह इजराइल के किसी भी हमले का मुंहतोड़ जवाब देगा.

नेतन्याहू ने शांति सैनिकों को हिजबुल्ला के लिए ‘‘मानव ढाल’’ कहा

इजराइल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने संयुक्त राष्ट्र शांति सैनिकों को हिजबुल्ला के लिए ‘‘मानव ढाल’’ कहा. लेबनान में ‘यूनिफिल’ के नाम से मशहूर संयुक्त राष्ट्र शांति सेना ने कहा कि इजराइली टैंक ने रविवार की सुबह एक स्थान के मुख्य द्वार को नष्ट कर दिया और बाद में शांति सैनिकों के पास धुएं के गोले दागे, जिससे उन्हें त्वचा में जलन महसूस हुई. यूनिफिल ने इस घटना को ‘‘अंतरराष्ट्रीय कानून का एक और खुला उल्लंघन’’ बताया.

संयुक्त राष्ट्र शांति सैनिकों पर बार-बार गोलीबारी

लेबनान में जमीनी आक्रमण की शुरुआत के बाद से इजराइली सेना द्वारा संयुक्त राष्ट्र शांति सैनिकों पर बार-बार गोलीबारी किए जाने के बाद अंतरराष्ट्रीय आलोचना बढ़ रही है. शांति सैनिकों के ठिकानों को निशाना बनाकर किए गए हमलों में पांच शांति सैनिक घायल हो गए हैं. इनमें से अधिकतर हमलों के लिए इजराइली सेना को दोषी ठहराया गया है. सेना का कहना है कि हिजबुल्ला शांति सैनिकों के आस-पास के इलाकों में काम करता है, लेकिन उसने कोई सबूत नहीं दिया है.

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सेना के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल नदाव शोशनी ने जोर देकर कहा कि इजराइल ने यूनिफिल के साथ लगातार संपर्क बनाए रखने की कोशिश की है और संयुक्त राष्ट्र के सुरक्षा बलों को नुकसान पहुंचाए जाने की किसी भी घटना की ‘‘उच्च स्तरीय’’ जांच की जाएगी. प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने रविवार को संयुक्त राष्ट्र महासचिव को संबोधित एक वीडियो संदेश में यूनिफिल से इजराइल की चेतावनी पर ध्यान देने का आह्वान किया और उन पर हिजबुल्ला को ‘‘मानव ढाल बनकर सुरक्षा प्रदान करने’’ का आरोप लगाया. इजराइल लंबे समय से संयुक्त राष्ट्र पर पक्षपाती होने का आरोप लगाता रहा है.
(इनपुट पीटीआई)

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अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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