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जानें आखिर पूर्व एफबीआई एजेंट को घर से छिप कर क्यों निकलना पड़ रहा है, ट्रंप से है इसका कनेक्शन

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अमेरिका की संघीय जांच एजेंसी (एफबीआई) में पूरा करियर रूसी और चीनी जासूसों की तलाश में बिताने वाले एजेंट पीटर स्ट्रजोक के बारे में खुलासा हुआ है कि उन्होंने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बारे में अपमानजनक फोन संदेश भेजे थे. अब पीटर को अज्ञात नंबरों से धमकी भरे फोन कॉल और संदेश आ रहे हैं. परिवार के सदस्यों को छिप कर बाहर निकलना पड़ रहा है.

पीटर ने एसोसिएटेड प्रेस को दिए साक्षात्कार में कहा, अपमानजनक हमलों में निशाना बनाया जाना भयावह है और राष्ट्रपति स्वयं इसमें शामिल हैं. उल्लेखनीय है कि पीटर ने अपनी किताब में एक अनुभवी एजेंट से लेकर अपने उस व्यक्तित्व तक के बारे में लिखा है जिसने ट्रंप द्वारा एफबीआई का सार्वजनिक रूप से बहिष्कार करने पर आवाज उठाई. पीटर को मोबाइल संदेशों की कीमत अपनी नौकरी गंवाकर चुकानी पड़ी और ट्रंप के अपशब्द सुनने पड़े. हालांकि, वह ट्रंप के आलोचकों के बीच भी नायक नहीं बन सके.

पीटर द्वारा एफबीआई के एक वकील को सरकारी फोन पर ट्रंप विरोधी संदेश भेजने से ट्रंप और उनके समर्थकों को जांच एजेंसी की विश्वसनीयता पर सवाल उठाने का मौका मिला जो इतिहास को प्रभावित करने वाली सबसे अहम जांच में से एक पर काम कर रही थी. पीटर ने अपने संदेशों पर खेद जताया है. उन्होंने कहा, पर्दे के पीछे जो मैंने अनुभव किया उस पर ऐसे ही टिप्पणी करने के लिए मैं खेद व्यक्त करता हूं और मैं अपने शब्दों के लिए भी खेद व्यक्त करता हूं जिनसे एजेंसी को नुकसान पहुंचा और हमारे काम को साजिश की तौर पर देखने वालों को अपने हमले बढ़ाने का मौका मिला.

ट्रंप ने कहा कि युद्ध के शहीदों पर उनकी टिप्पणी वाली खबर ‘गलत' : इधर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि युद्ध के शहीदों के बारे में उनकी कथित टिप्पणी को लेकर खबर महज “झूठी कहानी" है. जबकि व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव ने कहा कि उदारवादी कार्यकर्ता केवल साजिशों से लदे प्रचार में रुचि रखते हैं. द अटलांटिक पत्रिका में छपे एक समाचार के बारे में पूछे जाने पर ट्रंप ने व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में संवाददाताओं से कहा,यह पत्रिका द्वारा लिखी गई एक झूठी कहानी है जो शायद ज्यादा समय तक चलने वाली नहीं है. लेकिन यह पूरी तरह से झूठी कहानी थी, और इसकी पुष्टि कई लोगों ने की है जो वास्तव में वहां थे. सियासी गलियारों में हलचल मचाने वाली इस खबर में आरोप लगाया गया कि युद्ध में मारे गए अमेरिकियों के लिये ट्रंप ने “हारे हुए” और “नासमझ” जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया.

Posted By : Amitabh Kumar

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