Coronavirus Outbreak: क्या अमेरिकी सेना ने फैलाया कोरोना वायरस ?, चीन ने किया ये बड़ा दावा
coronavirus outbreak: अमेरिकी सेना ने फैलाया कोरोना वायरस. यह दावा चीन ने किया है.
coronavirus outbreak: क्या अमेरिका ने कोरोना वायरस फैलाने का काम किया है. ऐसा इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि चीन के एक आधिकारी ने मामले को लेकर बड़ा बयान दिया है. चीन के एक अधिकारी ने आरोप लगाया कि संभवत: अमेरिकी सेना ही कोरोना वायरस वुहान लेकर आयी है. दुनिया भर में इस जानलेवा वायरस के तेजी से होते प्रसार की पृष्ठभूमि में दोनों देशों के बीच जारी वाक् युद्ध के दौरान यह बयान आया है.
चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स ने गुरुवार को अपनी खबर में लिखा कि सूचनाओं के अनुसार, अमेरिकी रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र (सीडीसी) के निदेशक रॉबर्ट रेडफिल्ड ने यह माना है कि फ्लू के कुछ मरीजों की पहचान में संभवत: गलती हुई है और वे कोरोना वायरस से ग्रस्त थे। खबर में कहा गया है, यह जानलेवा वायरस अमेरिका में फैलता जा रहा है लेकिन अमेरिकी सरकार की प्रतिक्रिया में खामियों के संकेत दिख रहे हैं, इसमें महामारी से जुड़ी सूचनाओं को छुपाने का प्रयास, सामान्य फ्लू और कोरोना वायरस में फर्क नहीं कर पाने में संभावित असफलता, नस्लवाद से प्रेरित बयानों के साथ दूसरों पर दोष मढ़ने की कोशिश.
रेडफिल्ड की टिप्पणियों का हवाला देते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ताओं में से एक जाओ लिजिआन ने आरोप लगाया कि संभवत: अमेरिकी सेना ही कोविड-19 को वुहान लेकर आयी है. चीन में इस वायरस के संक्रमण से सबसे ज्यादा प्रभावित हुबेई प्रांत का वुहान शहर ही है। हालांकि उन्होंने अमेरिकी सेना के खिलाफ अपने आरोपों पर विस्तार से कुछ नहीं कहा.
इटली में कोरोना वायरस से संक्रमण और इस महामारी से 1000 से अधिक लोगों की मौत के मद्देनजर रोम के आसपास के सभी कैथोलिक चर्च को तीन अप्रैल तक बंद रखने का फैसला किया गया है. पोप के कार्यालय ने गुरुवार को जानकारी दी. कार्डिनल एंजेलो डी डोनाटिस ने बयान में कहा कि मौजूदा परिस्थितियों के मद्देनजर अनुयायियों को प्रार्थना करने के दायित्वों से मुक्त किया जाता है.
कोरोना वायरस से संक्रमण के खतरे के मद्देनजर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और वाशिंगटन की यात्रा पर आये आयरलैंड के प्रधानमंत्री लियो वराडकर ने व्हाइट हाउस में ‘‘नमस्ते” कह कर एक दूसरे का भारतीय परंपरा से अभिवादन किया. उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस के चलते यह जरूरी है.
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By Amitabh Kumar
अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.
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