China Spy Balloon: ड्रैगन ने जानबूझ कर छोड़ा जासूसी गुब्बारा, पकड़े जाने पर कर रहा बहानेबाजी

Published by : Vyshnav Chandran Updated At : 14 Feb 2023 4:27 PM

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चीन के जासूसी गुब्बारे ने देश के मंसूबों और पाखंडों को सभी के सामने ला दिया है. इस जासूसी गुब्बारे के वजह से अमेरिका के साथ चीन के रिश्ते फिर से बिगड़ते हुए दिख रहे हैं. अमेरिका में इस समय चीनी गुब्बारे से गिरे अवशेषों की जांच की जा रही है.

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China Spy Balloon: बीते कुछ दिनों में अमेरिका में कई चीनी गुब्बारों को आसमान में स्पॉट किया है. इनमें से एक गुब्बारे को मार गिराया गया था. मारे गए गुब्बारे के अवशेषों की फिलहाल जांच की जा रही है. बता दें इस गुब्बारवे को 60 मीटर ऊंचा और 1 टन के अधिक के सेंसर्स के साथ मोंटाना में देखा गया था. चमकीले नीले आकाश में यह गुब्बारा चांद की तरह दिखा रहा था. इस गुब्बारे को दक्षिण कैरोलिना तट पर मार गिराया गया था. इसके बाद उत्तरी अलास्का, कनाडा और ग्रेट लेक्स में इसी तरह के तीन और वस्तुएं देखीं गयी थीं. यह तीनों संदिग्ध वस्तुएं हवाई सीमा के अंदर ही उड़ान भर रही थी. इस तीनों ही वस्तुओं की प्रकृति और उत्पत्ति अभी स्पष्ट नहीं की जा सकी है.

देश की मिलिट्री सर्विलांस प्रोग्राम खतरनाक

यह दुनिया जितना अधिक चीन के हाई अल्टीट्यूड गुब्बारों के बारे में जान रही है उतनी ही इस देश की मिलिट्री सर्विलांस प्रोग्राम खतरनाक बनती जा रही है. चीन के मोडस ऑपरेंडी में केवल गुब्बारे ही नहीं हैं बल्कि, आधुनिक सैटेलाइट, ड्रोन्स , पानी के नीचे चलने वाले मानवरहित वाहन और जासूसी जहाज शामिल है. दक्षिण कैरोलिना के तट पर मारा गया गुब्बारा 60 मीटर तक विशाल था जबकि, इसमें लादा गया वजन 900 किलोग्राम से ज्यादा था. एक अमेरिकी U-2 जासूसी विमान के गुब्बारे के उड़ने से पता चलता है कि इस गुब्बारे के नीचे सोफिस्टिकेटेड सेंसर्स लगे हुए थे. इसका साइज 2 से 3 बसों जितना या फिर एक रीजनल जेट जितना था. यह गुब्बारा कुछ हद तक चलने के काबिल था. क्योंकि इस गुब्बारे में प्रोपेलर और रडर्स मौजूद थें. उम्मीद की जा रही है कि जैसे-जैसे इस गुब्बारे के अवशेषों के बारे में पता चलेगा, वैसे-वैसे इस गुब्बारे के बारे में और भी चीजें साफ़ होती जाएंगी.

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विदेश मंत्रालय घिसे पिटे मंत्र पर कायम

तमाम सबूतों के सामने आने के बावजूद भी चीन का विदेश मंत्रालय अपने घिसे पिटे मंत्र पर कायम है. विदेश मंत्रालय का कहना है कि- विचाराधीन गुब्बारा एक चीनी मनावरहित नागरिक हवाई पोत है और इसका इस्तेमाल मुख्य तौर पर मौसम संबंधी रिसर्च के लिए किया जाता है. चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) कई वर्षों से अमेरिकी हवाई क्षेत्र के साथ कई अन्य देशों में मानवरहित हवाई जहाज़ों को खुले तौर पर उदा रही है. अंतर्राष्ट्रीय कानून के तौर यह एक आपराधिक व्यवहार है क्योंकि, बीजिंग अन्य देशों के संप्रभु क्षेत्र का उल्लंघन कर रहा है.

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