9.1 C
Ranchi

लेटेस्ट वीडियो

COVID-19 को लेकर चीन-अमेरिका में तनातनी, मिसौरी में दर्ज मुकदमे को ड्रैगन ने किया खारिज

कोरोनावायरस महामारी को लेकर चीन और अमेरिका के बीच तनातनी दिनोंदिन बढ़ती ही जा रही है. अमेरिका के मिसौरी राज्य में चीन के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है, तो चीन ने बुधवार को अमेरिकी राज्य मिसौरी द्वारा कोविड-19 को लेकर उसके खिलाफ दायर मुकदमे को ‘मूर्खतापूर्ण' और संप्रभुत्ता का उल्लंघन करार देते हुए खारिज कर दिया.

बीजिंग : कोरोना वायरस महामारी को लेकर चीन और अमेरिका के बीच तनातनी दिनोंदिन बढ़ती ही जा रही है. अमेरिका के मिसौरी राज्य में चीन के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है, तो चीन ने बुधवार को अमेरिकी राज्य मिसौरी द्वारा कोविड-19 को लेकर उसके खिलाफ दायर मुकदमे को ‘मूर्खतापूर्ण’ और संप्रभुत्ता का उल्लंघन करार देते हुए खारिज कर दिया. इस मुकदमे में चीन द्वारा कोरोना वायरस से जुड़ी जानकारी छिपाने और इससे आगाह करने वालों को गिरफ्तार करके दुनिया को अपूरणीय क्षति पहुंचाने का आरोप लगाया गया है.

Also Read: Coronavirus के कारण 154 करोड़ छात्रों की पढ़ाई का नुकसान, यूनेस्को की रिपोर्ट में खुलासा

समाचार एजेंसी भाषा की रिपोर्ट के अनुसार, ईस्टर्न डिस्ट्रिक्ट मिसौरी की एक अदालत में मिसौरी के अटॉर्नी जनरल एरिक शिमिट की ओर से चीन की सरकार, वहां की सत्तारूढ़ चीन की कम्युनिस्ट पार्टी और अन्य चीनी अधिकारियों एवं संस्थानों के खिलाफ अपनी तरह का पहला मुकदमा दायर किया गया है.

मुकदमे में एटॉर्नी जनरल ने आरोप लगाया गया है कि कोरोना वायरस के फैलने के शुरुआती अहम सप्ताहों में चीन के अधिकारियों ने जनता को धोखा दिया, महत्वपूर्ण सूचनाओं को दबाया, इस बारे में जानकारी सामने लाने वालों को गिरफ्तार किया, पर्याप्त प्रमाण होने के बावजूद मनुष्य से मनुष्य में संक्रमण की बात से इनकार किया, महत्वपूर्ण चिकित्सकीय अनुसंधानों को नष्ट किया, लाखों लोगों को संक्रमण की जद में आने दिया और यहां तक कि निजी सुरक्षा उपकरणों (पीपीई) की जमाखोरी की जिससे महामारी वैश्विक हो गयी. याचिका में एक आरोप जनजीवन बाधित करने, एक आरोप असाधारण तरीके से खतरनाक गतिविधि करने और दो आरोप कर्तव्य के निर्वहन में खामी के लगाये गये हैं.

इस मुकदमे पर प्रतिक्रिया देते हुए चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गेंग शुआंग ने कहा कि कथित आरोपों में कोई तथ्य और कानूनी आधार नहीं है. यह कुछ नहीं मूर्खता है. उन्होंने दोहराया कि महामारी की शुरुआत से ही चीनी सरकार ने खुली, पारदर्शी और जिम्मेदारीपूर्वक घटना की जानकारी अमेरिका, अन्य देशों और विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) को दी. इसके अलावा, वायरस का सामान्य अनुक्रमण जारी किया.

गेंग ने कहा कि अपडेट सूचनाएं सुनिश्चित करने के लिए चीन तीन जनवरी से ही इस मुद्दे पर अमेरिका से संवाद कर रहा है. उन्होंने कहा कि यह चीन के महत्वपूर्ण योगदान का हिस्सा है और विश्व समुदाय ने इसे मान्यता दी है. यह कथित मुकदमा दुर्भावनापूर्ण तरीके से कानूनी प्रक्रिया का दुरुपयोग है.

प्रवक्ता ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानून के विपरीत यह मुकदमा मौलिक कानून और समान संप्रभुत्ता के सिद्धांत का उल्लंघन करता है. उन्होंने कहा कि महामारी पर चीन सरकार की कार्रवाई अमेरिकी अदालत के न्यायाधिकार क्षेत्र में नहीं है. गेंग ने कहा कि इस तरह से मुकदमे का दुरुपयोग महमारी को रोकने का प्रयास कर रहे अमेरिका के हित में भी नहीं है और इससे अंतरराष्ट्रीय सहयोग पर भी विपरीत प्रभाव पड़ता है. उन्होंने कहा कि इस तरह के दुर्भावनापूर्ण मुकदमे को अमेरिका द्वारा खंडन एवं खारिज किया जाना चाहिए.

बता दें कि इस मुकदमे के अलावा अमेरिकी राष्ट्रपति डोलाल्ड ट्रंप, अमेरिका के शीर्ष राजनीतिज्ञ और अधिकारी भी कोरोना वायरस से होने वाली मौतों को छिपाने का आरोप चीन पर लगा उसकी कड़ी आलोचना कर रहे हैं. चीन में कोरोना वायरस से संक्रमण के 82,788 मामले आए, जिनमें से 4,632 लोगों की मौत हुई. वहीं, अमेरिका में 8,24,600 लोग कोरोना वायरस से संक्रमित हुए हैं और इनमें से 45,290 लोगों को जान गंवानी पड़ी है, जो दुनिया में किसी एक देश में हुई मौतों के मामले में सबसे अधिक है.

KumarVishwat Sen
KumarVishwat Sen
कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

संबंधित ख़बरें

Trending News

जरूर पढ़ें

वायरल खबरें

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel