खालिस्तान समर्थक हरदीप सिंह निज्जर के करीबी के घर किसने चलाई गोली? इलाके में दहशत
Published by : Amitabh Kumar Updated At : 02 Feb 2024 12:55 PM
रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस (आरसीएमपी) की सरे टीम की ओर से दक्षिण सरे में एक आवास पर गोलीबारी की घटना की पुष्टि की गई. हरदीप सिंह निज्जर के करीबी के घर के बाहर की गई इस फायरिंग के बाद से इलाके में दहशत है.
खालिस्तान समर्थक हरदीप सिंह निज्जर के एक सहयोगी के घर पर हमले की खबर आ रही है. जानकारी के अनुसार, घर पर कई गोलियां चलाई गईं. आपको बता दें कि हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के मामले में भारत और कनाडा के बीच तनाव अभी भी बना हुआ है. निज्जर की कनाडा के ही ब्रिटिश कोलंबिया के सरे में 18 जून को हत्या की गई थी.
कनाडाई मीडिया में जो खबर चल रही है उसके अनुसार, हरदीप सिंह निज्जर के जिस करीबी के घर पर गोलियां दागी गई हैं, उसका नाम सिमरनजीत सिंह है. उनके घर पर हमला गुरुवार सुबह किया गया. प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि सिमरनजीत सिंह के घर के बाहर खड़ी कार में भी गोलियां लगी हैं. इससे नुकसान पहुंचा.
कब की गई फायरिंग
रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस (आरसीएमपी) की सरे टीम की ओर से दक्षिण सरे में एक आवास पर गोलीबारी की घटना की पुष्टि कर दी गई है. गुरुवार को इस बाबत एक विज्ञप्ति जारी की गई है जिसमें, सरे आरसीएमपी ने कहा कि 1 फरवरी को लगभग 1:21 बजे उन्हें एक घर पर गोलीबारी की सूचना मिली. इसके बाद फ्रंटलाइन अधिकारी घटनास्थल पर गए और गोलीबारी से जुड़े सबूत एकत्रित किया. सरे आरसीएमपी का क्राइम सेक्शन मामले की जांच कर रहा है. जांचकर्ताओं का मानना है कि यह एक अलग घटना थी. विज्ञप्ति में कहा गया है कि अधिकारी अभी भी इस घटना के मकसद का पता लगाने में जुटी हुई है.
खालिस्तान समर्थक भारत पर लगाते हैं आरोप
आपको बता दें कि खालिस्तान समर्थक समूह पहले ही आरोप लगा चुके हैं कि हमले के पीछे भारत का हाथ है. ब्रिटिश कोलंबिया गुरुद्वारा काउंसिल के प्रवक्ता और अलगाववादी मोहिंदर सिंह ने भी भारत पर ही आरोप लगाने का काम किया है. मोहिंदर सिंह ने कहा कि ऐसा लगता है कि इसके पीछे भारत सरकार या फिर उनके ऐक्टर्स का हाथ है. सिमरनजीत सिंह के द्वारा जो किया जा रहा है, उससे चिढ़कर यह सब किया गया है. उन्होंने कहा कि हरदीप सिंह निज्जर से सिमरनजीत सिंह का कनेक्शन भी इस हमले का कारण हो सकता है.
हिंदू मंदिरों पर हमला
उल्लेखनीय है कि सरे में अकसर खालिस्तानियों की गतिविधियां नजर आ जातीं हैं. यहीं नहीं कई बार तो हिंदू मंदिरों तक को निशाना खालिस्तानी समर्थक बना चुके हैं.
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By Amitabh Kumar
अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.
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