Bangladesh News: बांग्लादेश हाईकोर्ट से इस्कॉन को बड़ी राहत, नहीं लगेगा प्रतिबंध, अंतरिम सरकार को दी नसीहत

Published by : Pritish Sahay Updated At : 28 Nov 2024 4:57 PM

विज्ञापन

Bangladesh News

Bangladesh News: बांग्लादेश में हिंदुओं पर जारी हमले के बीच ढाका हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है. कोर्ट ने साफ कर दिया है कि इस्कॉन पर बैन नहीं लगेगा.

विज्ञापन

Bangladesh News: बांग्लादेश में इस्कॉन पर बैन नहीं लगेगा. ढाका हाईकोर्ट देश में हिंदू अल्पसंख्यकों को बड़ी राहत देते हुए प्रतिबंध की मांग को खारिज कर दिया है. साथ ही हाईकोर्ट ने अंतरिम सरकार से देश में कानून-व्यवस्था बनाए रखने को कहा है. कोर्ट ने यह भी कहा कि सरकार देश में धार्मिक अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करे. इस्कॉन के महंत की गिरफ्तारी से बांग्लादेश में बवाल है. बांग्लादेश में रह रहे हिन्दू अल्पसंख्यकों ने गिरफ्तारी के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया है.

बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ अत्याचार जारी

बांग्लादेश में शेख हसीना सरकार के पतन के बाद से हिंदुओं पर हमले की घटना में काफी इजाफा हुआ है. बीते दिनों ढाका एयरपोर्ट से इस्कॉन के महंत चिन्मय कृष्ण दास को देशद्रोह के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया. इसके विरोध में वहां रह रहे हिंदू समुदाय के लोग सड़कों पर उतर गये. जोरदार प्रदर्शन हुआ. पुलिस के साथ प्रदर्शनकारियों की झड़प भी हुई. इसी दौरान एक अधिवक्ता की हत्या कर दी गई. इसके बाद से ही बांग्लादेश में इस्कॉन को बैन करने की मांग उठने लगी.

कोर्ट ने मांगी जानकारी

इसी कड़ी में हाईकोर्ट ने बांग्लादेश के अटॉर्नी जनरल से इस्कॉन की हालिया गतिविधियों को लेकर सरकार की ओर से उठाए गये कदमों की पूरी जानकारी मांगी है. बता दें, इस्कॉन पर प्रतिबंध लगाने की मांग वाली याचिका में कहा गया था कि चटगांव और रंगपुर में हो रहे प्रदर्शन को रोकने के लिए आपातकाल लगाने की इजाजत दी जाये. दरअसल, इस्कॉन पर आरोप लगाया गया है कि यह बांग्लादेश में कट्टरपंथी संगठन के रूप में काम कर रहा है.

युधिष्ठिर गोविंद दास का बयान

चिन्मय कृष्ण दास की गिरफ्तारी और जेल पर इस्कॉन इंडिया के संचार निदेशक युधिष्ठिर गोविंद दास का बयान आया है. उन्होंने कहा कि चिन्मय कृष्ण शांतिपूर्वक वही मांग रहे हैं जो बांग्लादेश के सभी हिंदू संगठन कर रहे हैं. इनकी मांग है कि हिंदुओं की सुरक्षा सुनिश्चित हो, मंदिरों की रक्षा हो और हिंसा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाये. उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में कट्टरपंथी तत्वों की हरकतें काफी समय पहले से चली आ रही हैं. नोआखाली में हमारे कई मंदिरों पर हमला किया गया और हमारे दो सदस्य दुर्भाग्य से मारे गए. हाल ही में मेहरपुर में हमारे एक सेंटर पर हमला हुआ. हम बांग्लादेश में स्थानीय और राष्ट्रीय दोनों सरकारों को मामले की संवेदनशीलता बताने की कोशिश कर रहे हैं.

महंत की गिरफ्तारी का भारत में भी विरोध

बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ जारी हिंसा और इस्कॉन के महंत चिन्मय कृष्ण दास की गिरफ्तारी के विरोध भारत में भी हो रहा है. दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल, कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी समेत कई और नेताओं ने गिरफ्तारी का विरोध किया है. भारत के विदेश मंत्रालय ने भी अपने बयान में कहा है कि चिन्मय कृष्ण दास की गिरफ्तारी से हम चिंतित हैं. विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि अपराधी खुलेआम घूम रहे हैं, जबकि शांतिपूर्ण सभाओं के जरिए जायज मांग करने वाले धार्मिक नेता गिरफ्तार हो रहे हैं.

Also Read: Delhi Blast: दिल्ली के प्रशांत विहार में विस्फोट, एक व्यक्ति घायल, जांच में जुटी टीम

विज्ञापन
Pritish Sahay

लेखक के बारे में

By Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola