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18 लाख का एक बंदर, डिमांड में तेजी ; जानिए सबकुछ

Updated at : 19 Feb 2026 5:42 PM (IST)
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Monkey Price hike

बंदर की कीमत बढ़ी

Monkey Price hike in china : बंदरों को इंसान का पूर्वज कहा जाता है. इन बंदरों की डिमांड पिछले 5 साल में चीन में बहुत ज्यादा हो गई है और इसकी वजह हैं दवा बनाने वाली कंपनियां. चौंकिए मत, बायोटेक के क्षेत्र में अमेरिका की फंडिंग बढ़ने की वजह से बंदरों की ना सिर्फ डिमांड बढ़ी है, बल्कि इनकी कीमत 18 लाख रुपए से भी ज्यादा हो गई है.

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Monkey Price hike in china : एक बंदर की कीमत कितनी हो सकती है? क्या आपने कभी यह जानने की कोशिश की है? अगर नहीं की है तो जानिए कि चीन में बंदर सोने से भी महंगा बिक रहा है. साउथ चाइना माॅर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार चीन में एक बंदर की कीमत 140,000 युआन यानी $20,260 है. भारतीय रुपए में एक बंदर की कीमत 18 लाख रुपए से भी अधिक है. 

बंदरों की इतनी कीमत की वजह क्या है?

चीन में बंदरों की इतनी कीमत की वजह है कि लैब की किया जा रहा रिसर्च. साउथ चाइना माॅर्निंग पोस्ट के अनुसार पिछले 5 सालों में बंदरों की कीमत दोगुनी हो गई है. सरकारी खरीद के आधिकारिक आंकड़े बताते हैं कि किसी भी दवा की गुणवत्ता और वह कितना सुरक्षित है, इसका रिसर्च करने के लिए बंदरों की सख्त आवश्यकता होती है और इसी वजह से चीन में बंदरों की डिमांड काफी बढ़ गई है.

चीन की औसत मजदूरी से भी ज्यादा है बंदर की कीमत

चीन में बंदरों की कीमत में वृद्धि इतनी ज्यादा हो गई है कि यह देश की औसत सालाना मजदूरी से ज्यादा हो गया है. रिपोर्ट के अनुसार चीनी कंपनियों ने कई वैश्विक फार्मा कंपनियों के साथ डील साइन किया है. ऐसे में उन्हें ज्यादा रिसर्च की जरूरत है, ज्यादा रिसर्च होगा तो दवाओं का ट्रायल भी ज्यादा होगा, जिसकी वजह से अधिक से अधिक बंदरों की जरूरत भी होगी. चीन में प्रयोगात्मक दवाओं के लिए भी आवेदन बढ़ गया है और इन वजहों से बंदरों की डिमांड बहुत बढ़ गई है. 

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हर दवा में 70 से 100 बंदरों की जरूरत

अमेरिका में रेट कट से बायोटेक फंडिंग बढ़ी है. यह जानकारी टाइम्स ने US इन्वेस्टमेंट बैंक के हेड कुई के हवाले से यह जानकारी दी है कि कि अधिकतर प्रोजेक्ट शुरुआती स्टेज में जा रहे हैं और उन्हें सेफ्टी असेसमेंट की जरूरत है. इसी वजह से अधिक बंदरों की जरूरत पड़ रही है. किसी रिसर्च में कितने बंदरों की जरूरत होगी यह सबकुछ रिसर्च और उसे करने वाले पर निर्भर करता है. एक अनुमान के अनुसार प्रीक्लिनिकल सेफ्टी स्टडीज में एंटीबॉडी-ड्रग के लिए हर दवा में 70 से 100 बंदरों की जरूरत होती है, जबकि कम रिस्क वाली दवाओं के लिए  40 से 60 बंदर चाहिए होते हैं.

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Rajneesh Anand

लेखक के बारे में

By Rajneesh Anand

राजनीति,सामाजिक, इतिहास, खेल और महिला संबंधी विषयों पर गहन लेखन किया है. तथ्यपरक रिपोर्टिंग और विश्लेषणात्मक लेखन में रुचि. इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक. IM4Change, झारखंड सरकार तथा सेव द चिल्ड्रन के फेलो के रूप में कार्य किया है. पत्रकारिता के प्रति जुनून है. प्रिंट एवं डिजिटल मीडिया में 20 वर्षों से अधिक का अनुभव.

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