Bangladesh Violence : बैंक से 3 लाख से अधिक नकदी निकालने पर लगा बैन

Published by : Amitabh Kumar Updated At : 18 Aug 2024 10:52 AM

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Bangladesh Violence : बांग्लादेश को पटरी पर लाने के लिए कई तरह के फैसले लिए जा रहे हैं. अंतरिम सरकार ने नकदी निकासी को लेकर बड़ा आदेश दिया है.

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Bangladesh Violence : बांग्लादेश में तख्तापलट के बाद देश को पटरी पर लाने का प्रयास किया जा रहा है. अंतरिम सरकार इस बाबत कई फैसले ले रही है. इस बीच खबर है कि बांग्लादेश बैंक (बीबी) ने एक निर्देश दिया है जिसमें कहा गया है- सुरक्षा कारणों से एक दिन में किसी बैंक खाते से 3 लाख टका से अधिक नकदी नहीं निकाली जा सकती है.

दूसरे खाते में कितनी भी रकम ट्रांसफर कर सकता है ग्राहक

इस संबंध में dhakatribune.com ने खबर प्रकाशित की है. इसमें कहा गया है कि वित्तीय क्षेत्र के नियामक ने बैंकों के प्रबंध निदेशकों (एमडी) और मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (सीईओ) को शॉर्ट मैसेज सर्विस (एसएमएस) के जरिए इस फैसले की जानकारी दी है. यह आदेश अगली सूचना तक लागू रहेगी. निर्देशों के मुताबिक, कोई ग्राहक 3 लाख टका से ज्यादा नकद नहीं निकाल सकता है. वह किसी दूसरे खाते में कितनी भी रकम ट्रांसफर कर सकता है और डिजिटल लेनदेन कर सकता है.

क्यों लगी बैंक से नकदी निकालने पर रोक ?

5 अगस्त को शेख हसीना की सरकार बदलने के बाद नकद निकासी का दबाव थोड़ा बढ़ चुका है. खास तौर पर अवामी लीग समर्थक नेताओं और कारोबारी घराने नकद निकासी पर जोर दे रहे हैं. केंद्रीय बैंक ने इस वजह से नकद निकासी पर पाबंदी लगाई है, ताकि इन पैसों का इस्तेमाल किसी भी तरह से आतंकी या अवैध गतिविधियों के लिए न हो.

बांग्लादेश मामले में राजनीतिक विश्लेषकों ने क्या कहा?

इस बीच बांग्लादेश के कई राजनीतिक विश्लेषकों और विदेशी संबंध एवं सुरक्षा मामलों के विशेषज्ञों ने कहा कि यदि भारत हमारे देश में हो रही सत्ता हस्तांतरण प्रक्रिया का समर्थन करता है और किसी एक व्यक्ति और पार्टी पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय अन्य राजनीतिक दलों के साथ भी संबंध बनाने की दिशा में आगे बढ़ता है, तो इससे उसे आने वाले समय में लाभ होगा.

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अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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