आर्टेमिस-2 ने रचा इतिहास, तोड़ा अपोलो-13 के दूरी का 50 साल पुराना रिकॉर्ड

नासा का आर्टेमिस-2 मिशन, फोटो- पीटीआई
Artemis 2 Mission: नासा के आर्टेमिस-2 मिशन के चार अंतरिक्ष यात्री चंद्रमा के पीछे से गुजरकर पृथ्वी लौट रहे हैं. इस दौरान उन्होंने मानव इतिहास में अब तक की सबसे लंबी दूरी तय की. मिशन ने अपोलो-13 के पुराने रिकॉर्ड को पार कर नया कीर्तिमान बनाया है.
Artemis 2 Mission: नासा का आर्टेमिस-2 मिशन चंद्रमा के पिछले हिस्से से निकलकर पृथ्वी की ओर वापस लौट गया है. इस मिशन ने चंद्रमा की ओर उड़ाने के दौरान पृथ्वी से सबसे दूर तक जाने वाले मानव बनने का नया रिकॉर्ड भी बना दिया है. करीब सात घंटे के इस मिशन ने चांद की दूसरी तरफ के ऐसे दृश्य दिखाए जो इससे पहले कभी नहीं देखे गये थे.
अपोलो 13 का रिकॉर्ड टूटा
साल 1970 में अपोलो 13 मिशन ने 400,171 किलोमीटर की दूरी तय की थी, लेकिन आर्टेमिस-2 मिशन ने इसे पार कर नया रिकॉर्ड बना दिया है. आर्टेमिस चंद्रमा के सुदूर भाग पर 252,756 मील (लगभग 406,771 किलोमीटर) की दूरी तय कर रीड, विक्टर, क्रिस्टीना और जेरेमी अब तक के इतिहास में किसी भी इंसान से सबसे अधिक पृथ्वी से दूर पहुंचे हैं.
अंतरिक्ष यात्री टीम
मिशन में तीन अमेरिकी और एक कनाडाई अंतरिक्ष यात्री शामिल हैं. कनाडाई अंतरिक्ष यात्री जेरेमी हैनसेन ने कहा- बिना किसी उपकरण के आंखों से चंद्रमा देखना सबसे अलग अनुभव है. उन्होंने कहा कि अगली पीढ़ी को इसे जल्द तोड़ना चाहिए.
आर्टेमिस 2 मिशन
- आर्टेमिस -2 मिशन को नासा ने 50 से भी अधिक साल बाद लॉन्च किया, जिसमें इंसानों को चंद्रमा की ओर भेजा गया.
- 10 दिनों के इस मिशन को 2 अप्रैल 2026 को फ्लोरिडा के कैनेडी स्पेस सेंटर से लॉन्च किया गया था.
- इस मिशन के तहत अंतरिक्ष यात्री चांद की सतह पर उतरे नहीं. चांद का पीछे से चक्कर लगाकर वापस धरती पर लौट रहे हैं.
चंद्रमा पर नए क्रेटर का नामकरण
रिकॉर्ड बनते ही अंतरिक्ष यात्रियों ने चंद्रमा पर दो नए गड्ढों के नाम रखने की अनुमति मांगी. पहला क्रेटर इंटेग्रिटी (कैप्सूल के नाम पर) दूसरा क्रेटर कैरल (कमांडर रीड वाइजमैन की पत्नी के सम्मान में, जिनका 2020 में निधन हो गया था) इसपर वाइजमैन भावुक भी हुए और रो पड़े. चारों अंतरिक्ष यात्री एक-दूसरे को गले मिले. वाइजमैन ने कहा- यहां से नजारा बहुत शानदार है.
अंतरिक्ष यात्रियों ने खींची तस्वीर
अंतरिक्ष यात्रियों ने मिशन के दौरान कई दुर्लभ तस्वीरें भी खींची. इनमें एक ही तस्वीर में चंद्रमा और पृथ्वी दोनों को कैद किया. पायलट विक्टर ग्लोवर ने बताया कि कुछ पहाड़ियां इतनी चमकदार दिख रही थीं, जैसे उन पर बर्फ जमी हो.
मिशन का अगला लक्ष्य
आर्टेमिस-2 मिशन का उद्देश्य अगले दो साल में चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के पास मानव भेजना है.
धरती के साथ टाइडली लॉक है चंद्रमा
धरती से चांद का एक ही हिस्सा नजर आता है. क्योंकि चंद्रमा धरती के साथ टाइडली लॉक है. इसका मतलब है कि धरती की गुरुत्वाकर्षण के कारण चांद अपने अक्ष पर घूमता नहीं हैं. वो धरती के साथ-साथ सूर्य के चारों ओर चक्कर लगाता रहता है. इस कारण चांद का पीछे वाला हिस्सा हमेशा अंधेरे में रहता है.
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लेखक के बारे में
By Pritish Sahay
12 वर्षों से टीवी पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सेवाएं दे रहा हूं. रांची विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग से पढ़ाई की है. राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय विषयों के साथ-साथ विज्ञान और ब्रह्मांड विषयों पर रुचि है. बीते छह वर्षों से प्रभात खबर.कॉम के लिए काम कर रहा हूं. इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में काम करने के बाद डिजिटल जर्नलिज्म का अनुभव काफी अच्छा रहा है.
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