ट्रंप को बर्थडे से पहले धमकी! व्हाइट हाउस के सामने नेशनल मॉल की घास पर दिखा '8647', क्या है इसका मतलब?
Published by : Anant Narayan Shukla Updated At : 12 Jun 2026 3:18 PM
पहले भी 8647 से ट्रंप को मिल चुकी है धमकी. फोटो- एक्स.
8647 marking on National Mall Grass: वॉशिंगटन डीसी में व्हाइट हाउस के पास नेशनल मॉल की घास पर '8647' अंक दिखाई देने के बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गईं. डोनाल्ड ट्रंप को लेकर इस संख्या का क्या मतलब माना जाता है और क्यों शुरू हुई जांच, जानें.
8647 marking on National Mall Grass: अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन डीसी में नेशनल मॉल की घास पर ‘8647’ नंबर दिखाई दिया. इसके बाद तो सुरक्षा एजेंसियों में हलचल मच गई. घास पर उभरे इन नंबर्स को देखते ही पुलिस और नेशनल गार्ड ने जांच शुरू कर दी. इसे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ संभावित धमकी के रूप में देखा जा रहा है. जिस मैदान पर यह दिखा है, वह व्हाइट हाउस से करीब एक किलोमीटर दूर है. यहीं पर रविवार, 14 जून को, ट्रंप के जन्मदिन पर एक यूएफसी मैच होगा, जिसमें भारी भीड़ जुटने की संभावना जताई जा रही है.
‘8647’ का क्या मतलब है?
अमेरिका में ‘8647’ संख्या पहले भी विवादों में रह चुकी है. ’86’ शब्द का इस्तेमाल रेस्तरां उद्योग में अक्सर किसी व्यक्ति या वस्तु से ‘छुटकारा पाने’ या उसे हटाने के संकेत के रूप में किया जाता है. वहीं ’47’ का संबंध डोनाल्ड ट्रंप से जोड़ा जाता है, क्योंकि वह अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति हैं. ट्रंप अपने राजनीतिक जीवन और राष्ट्रपति कार्यकाल के दौरान कई बार हत्या की धमकियों और हमलों के प्रयासों का सामना कर चुके हैं. ऐसे में इस तरह की घटना को सुरक्षा एजेंसियों ने बेहद गंभीरता से लिया.
गृह विभाग ने कहा- बर्दाश्त नहीं किया जाएगा
गुरुवार को वाशिंगटन मोन्यूमेंट के लाइव अर्थकैम में ये निशान नजर आए. इसमें 8 ज्यादा साफ तरीके से दिखाई दे रहा है, जबकि 6,4 और 7 कम दिख रहे हैं. अर्थकैम में दिखा कि ये सभी निशान धीरे-धीरे उस जगह पर उभरे. जबकि सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, 5 जून को गेटी इमेजेस द्वारा लिए गए फोटोज में पार्क में ऐसा कुछ भी नजर नहीं आ रहा था.
नेशनल मॉल का प्रबंधन संभालने वाले अमेरिकी गृह विभाग (डिपार्टमेंट ऑफ द इंटीरियर) के एक प्रवक्ता ने इस घटना को ‘विक्षिप्त तोड़फोड़’ करार दिया. प्रवक्ता ने बयान में कहा, ‘राष्ट्रपति के खिलाफ किसी भी तरह की धमकी को विभाग बेहद गंभीरता से लेता है. हमारी यूएस पार्क पुलिस इस घटना की जांच करेगी और जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराएगी.’ जांच के तहत घास के नमूने भी एकत्र किए गए हैं और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि यह निशान कैसे बनाए गए.
जेम्स कोमी भी इसी संख्या को लेकर विवादों में आए थे
अमेरिकी न्याय विभाग पहले भी यह दावा कर चुका है कि यह संख्या राष्ट्रपति के खिलाफ खतरे या हिंसा के संकेत के रूप में देखी जा सकती है. हालांकि, ट्रंप के विरोधी समूहों द्वारा इस संख्या का इस्तेमाल विरोध दर्ज कराने के लिए भी किया जाता रहा है, लेकिन इस बार ट्रंप प्रशासन इसे हिंसा के आह्वान के तौर पर देखता है.
इस साल अप्रैल में संघीय जांच ब्यूरो (एफबीआई) के पूर्व निदेशक जेम्स कोमी पर भी इसी संख्या को लेकर कार्रवाई हुई थी. उन पर आरोप लगा था कि उन्होंने सोशल मीडिया पर एक तस्वीर साझा की थी, जिसमें समुद्र तट पर रखे सीपियों से ‘8647’ लिखा हुआ दिखाई दे रहा था.
विवाद बढ़ने के बाद कोमी ने पोस्ट हटा दी थी. उनका कहना था कि उन्हें इस संख्या के कथित अर्थ की जानकारी नहीं थी. उन्होंने अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों को चुनौती देने और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के आधार पर कानूनी लड़ाई लड़ने की बात भी कही थी.
स्वतंत्रता दिवस समारोह से पहले बढ़ी चिंता
यह घटना ऐसे समय सामने आई है, जब नेशनल मॉल आने वाले हफ्तों में अमेरिका की स्वतंत्रता की 250वीं वर्षगांठ- 4 जुलाई 2026 के बड़े आयोजनों का केंद्र बनने वाला है. 25 जून से यहां 16 दिनों तक चलने वाला ‘ग्रेट अमेरिकन स्टेट फेयर’ आयोजित किया जाना है. रविवार को डोनाल्ड ट्रंप का जन्मदिन भी है, इसी क्षेत्र में अल्टीमेट फाइटिंग चैंपियनशिप (यूएफसी) से जुड़ा बड़ा आयोजन भी होना है. इस दौरान हजारों लोगों के जुटने की संभावना है. ऐसे में सीक्रेट एजेंसी की चिंता और बढ़ी हुई है.
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ट्रंप पर पहले भी हो चुके हैं हमले के प्रयास
डोनाल्ड ट्रंप पिछले कुछ वर्षों में कई सुरक्षा खतरों का सामना कर चुके हैं. सबसे हालिया घटना अप्रैल में व्हाइट हाउस कॉरेस्पॉन्डेंट्स डिनर के दौरान हुई थी, जब एक हथियारबंद व्यक्ति उस बॉलरूम की ओर बढ़ने की कोशिश कर रहा था, जहां ट्रंप मौजूद थे. सुरक्षा कर्मियों ने उसे अंदर पहुंचने से पहले ही रोक लिया था. इसके अलावा 2024 के राष्ट्रपति चुनाव अभियान के दौरान पेनसिल्वेनिया और फ्लोरिडा में भी ट्रंप पर गोली चलाने की घटनाएं सामने आई थीं. बाद में इन मामलों को अमेरिकी सीक्रेट सर्विस की सुरक्षा चूक के उदाहरण के रूप में देखा गया था.
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By Anant Narayan Shukla
इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पोस्ट ग्रेजुएट. करियर की शुरुआत प्रभात खबर के लिए खेल पत्रकारिता से की और एक साल तक कवर किया. इतिहास, राजनीति और विज्ञान में गहरी रुचि ने इंटरनेशनल घटनाक्रम में दिलचस्पी जगाई. अब हर पल बदलते ग्लोबल जियोपोलिटिक्स की खबरों के लिए प्रभात खबर के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं.
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