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पुतिन ने की पश्चिमी देशों की नीतियों की तीखी आलोचना

Updated at : 28 May 2016 12:00 PM (IST)
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पुतिन ने की पश्चिमी देशों की नीतियों की तीखी आलोचना

एथेंस : इस साल यूरोपीय संघ के देश की अपनी पहली यात्रा पर गए रुस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने रुस को लेकर पश्चिमी देशों की नीतियों की तीखी आलोचना की है और अमेरिका की नई-विस्तारित अमेरिकी मिसाइल रक्षा प्रणाली को अपने देश की सुरक्षा के लिए खतरा बताया है. पुतिन अपनी दो दिवसीय यात्रा […]

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एथेंस : इस साल यूरोपीय संघ के देश की अपनी पहली यात्रा पर गए रुस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने रुस को लेकर पश्चिमी देशों की नीतियों की तीखी आलोचना की है और अमेरिका की नई-विस्तारित अमेरिकी मिसाइल रक्षा प्रणाली को अपने देश की सुरक्षा के लिए खतरा बताया है.

पुतिन अपनी दो दिवसीय यात्रा के सिलसिले में कल यूनान की राजधानी एथेंस पहुंचे और यूनान सरकार के साथ वार्ता के दौरान उन्होंने अमेरिका तथा नाटो सहयोगियों पर निशाना साधा और उनपर रुस के साथ कारोबार एवं ऊर्जा सहयोग के क्षेत्र में दमन का आरोप लगाया.इस महीने की शुरुआत में अमेरिकी कार्यक्रम के तहत रोमानिया की एक जगह पर अभियान की घोषणा की गयी थी, जिसपर रुस ने कडी प्रतिक्रिया दी थी.
नाटो ने कहा है कि यह प्रणाली पूरी तरह रक्षात्मक है और वैश्विक स्तर पर बैलिस्टिक मिसाइलों की क्षमता बढाने के प्रतिउत्तर में है.पुतिन ने कल कहा, ‘‘हमें बराबर यह सुनने को मिल रहा है कि यह रुस के लिए खतरा नहीं है और रुस इसका निशाना नहीं है.” बिना विस्तार में गए उन्होंने कहा, ‘‘बिल्कुल यह हमारे लिए खतरा है. इसे आसानी से संशोधित कर एक आक्रामक क्षमता वाला बनाया जा सकता है… अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने की खातिर कार्रवाई करने के लिए हम मजबूर हैं.” यूक्रेन संकट और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विवादित जनमतसंग्रह के बाद क्रीमिया के रुस में विलय की प्रतिक्रिया में रुस पर दो साल पहले प्रतिबंध लगाए जाने के बाद से पुतिन ने यूरोपीय संघ देशों की बहुत कम यात्रा की है.
पुतिन ने कहा, ‘‘क्रीमिया का मामला अब खत्म हो गया है, जो वहां के लोगों की इच्छा पर होगा कि वे कहां रहना चाहते हैं. रुस कभी भी इस मुद्दे पर बातचीत नहीं करेगा.” रुस यूनान का मुख्य कारोबारी सहयोगी रहा है, लेकिन प्रतिबंधों एवं वस्तुओं की कीमतें गिरने से कारोबार प्रभावित हुआ है.
यूनान के प्रधानमंत्री एलेक्जिस साइप्रस ने कहा, ‘‘विभिन्न स्तरों पर रुस के साथ संबंध सुधारना एक सामरिक विकल्प है. निश्चित रुप से जब मतभेद हमारे काबू से बाहर हो जाएंगे तो हम यूरोपीय संघ और नाटो के बीच सकारात्मक प्रभाव रख सकते हैं.” इस यात्रा में पुतिन के साथ रुस के विदेश मंत्री सर्गेइ लावरोव और सरकारी तेल एवं गैस कंपनियों के शीर्ष कार्यकारी भी शामिल हैं.
अमेरिका स्थित आईएचएस कंटी रिस्क समूह के एलेक्जेंडर कॉकशारोव ने कहा, ‘‘पिछले छह महीने में यह पहली बार होगा जब पुतिन किसी यूरोपीय संघ देश की यात्रा करेंगे और निश्चित तौर पर उनके एजेंडे में रुस-यूरोपीय संघ संबंध होंगे.” उन्होंने कहा, ‘‘पुतिन के यूनान में निवेश परियोजनाओं के पेशकश की संभावना है, जिनमें से अधिकतर उर्जा एवं परिवहन सेक्टरों में होंगे। बहरहाल, हमें यह उम्मीद नहीं है कि यूनान यूरोपीय संघ की आम सहमति के खिलाफ जाएगा.”
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