हमारे ‘मिल्की वे'' के पीछे छिपी हैं सैकड़ों आकाशगंगा

मेलबर्न : वैज्ञानिकों ने पृथ्वी से महज 25 करोड़ प्रकाश वर्ष दूर ऐसी सैकड़ों आकाशगंगाओं की खोज की है जो अब तक हमारी आकाशगंगा के ‘मिल्की वे’ के पीछे छिपी हुई थीं. इस खोज से ‘ग्रेट अट्रैक्टर’ के तौर पर जानी जाने वाली रहस्यमयी गुरुत्वाकर्षणीय अनियमितता और लाखों अरबों सूर्य के बराबर गुरुत्वाकर्षणीय बल वाले […]
मेलबर्न : वैज्ञानिकों ने पृथ्वी से महज 25 करोड़ प्रकाश वर्ष दूर ऐसी सैकड़ों आकाशगंगाओं की खोज की है जो अब तक हमारी आकाशगंगा के ‘मिल्की वे’ के पीछे छिपी हुई थीं. इस खोज से ‘ग्रेट अट्रैक्टर’ के तौर पर जानी जाने वाली रहस्यमयी गुरुत्वाकर्षणीय अनियमितता और लाखों अरबों सूर्य के बराबर गुरुत्वाकर्षणीय बल वाले सैकडों हजारों अन्य आकाशगंगाओं को जानने में मदद मिलेगी.
उन्होंने बताया, ‘‘हमें मालूम है कि इस क्षेत्र में आकाशगंगाओं के कुछ बहुत बड़े समूह हैं जिन्हें हम झुंड या महाझुंड कह सकते हैं और हमारी पूरी आकाशगंगा 20 लाख किलोमीटर प्रति घंटा से अधिक की गति से उनके ईद गिर्द घूम रही है.’ इस शोध से कई नई संरचनाओं का पता चला, जिससे सम्मिलित रुप से तीन आकाशगंगाओं (एनडब्ल्यू1, एनडब्ल्यू2 और एनडब्ल्यू3) और दो नये झुंडों (सीडब्ल्यू1 और सीडब्ल्यू2) सहित ‘मिल्की वे’ की गतिविधि के बारे में पता लगाने में मदद मिलेगी.
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