ट्यूनीशिया के नेशनल डायलॉग क्वॉर्टेट को शांति का नोबेल

Published at :09 Oct 2015 3:31 PM (IST)
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ट्यूनीशिया के नेशनल डायलॉग क्वॉर्टेट को शांति का नोबेल

ओस्लो : ट्यूनीशिया के नेशनल डायलॉग क्वार्टेट को 2011 की क्रांति के बाद देश में लोकतंत्र निर्माण करने के लिए आज नोबेल शांति पुरस्कार देने की घोषणा की गयी. इस क्रांति से अरब देशों में परिवर्तन (लोकतंत्र की ) की बयार आयी थी. नोबेल समिति ने कहा कि क्वार्टेट को यह पुरस्कार 2011 के ‘जैस्मिन […]

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ओस्लो : ट्यूनीशिया के नेशनल डायलॉग क्वार्टेट को 2011 की क्रांति के बाद देश में लोकतंत्र निर्माण करने के लिए आज नोबेल शांति पुरस्कार देने की घोषणा की गयी. इस क्रांति से अरब देशों में परिवर्तन (लोकतंत्र की ) की बयार आयी थी. नोबेल समिति ने कहा कि क्वार्टेट को यह पुरस्कार 2011 के ‘जैस्मिन रिवाल्यूशन’ के मद्देनजर ट्यूनीशिया में एक बहुलतावादी लोकतंत्र निर्माण में निर्णायक योगदान करने के लिए दिया जा रहा है.

समिति ने कहा कि पुरस्कार का उद्देश्य अन्य देशों को इसके लिए प्रोत्साहित करना है कि वे ट्यूनीशिया के नक्शेकदम पर चलें.

इसमें कहा गया है, ‘‘नार्वे नोबेल समिति उम्मीद करती है कि इस वर्ष का पुरस्कार ट्यूनीशिया में लोकतंत्र की रक्षा करने में सहायक होगा और यह उन सभी के लिए प्रेरक होगा जो पश्चिम एशिया , उत्तर अफ्रीका और विश्व के बाकी हिस्सों में शांति और लोकतंत्र को प्रोत्साहित करना चाहते हैं.’ क्वार्टेट में उत्तर अफ्रीकी देश के चार प्रमुख संगठन शामिल हैं जिसमें द ट्यूनीशियन जनरल लेबर यूनियन, द ट्यूनीशियन कंफेडरेशन आफ इंडस्टरी, ट्रेड एंड हैंडीक्राफ्ट्स, द ट्यूनीशियन ह्यूमन राइट्स लीग और द ट्यूनीशियन आर्डर आफ लायर्स शामिल हैं.

यह संगठन ट्यूनीशियाई समाज के विभिन्न क्षेत्रों एवं मूल्यों का प्रतिनिधित्व करते हैं जिसमें कामकाजी जीवन एवं कल्याण, कानून के शासन के सिद्धांत और मानवाधिकार शामिल हैं.

नोबेल समिति ने कहा, ‘‘इस आधार पर क्वार्टेट ने ट्यूनीशिया में शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक विकास को महान नैतिक बल के साथ आगे बढाने की प्रेरक शक्ति एवं एक मध्यस्थ के रुप में अपनी भूमिका का इस्तेमाल किया।’ समिति ने कहा, ‘‘किसी भी चीज से अधिक, इस पुरस्कार का उद्देश्य ट्यूनीशियाई लोगों को प्रोत्साहन के रुप में है जिन्होंने प्रमुख चुनौतियों के बावजूद एक राष्ट्रीय बिरादरी के लिए जमीनी कार्य किया और समिति को उम्मीद है कि यह अन्य देशों अपनाने वाला एक उदाहरण का काम करेगा.’ पुरस्कार विजेताओं को ये पुरस्कार ओस्लो में 10 दिसम्बर को आयोजित होने वाले एक कार्यक्रम में प्रदान किये जाएंगे. पुरस्कार निर्माता एल्फ्रेड नोबेल की 10 दिसम्बर 1896 को निधन हुआ था.

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