इस्लामाबाद पहुंची ईरानी टीम; कहा- अमेरिका से डायरेक्ट नहीं मिलेंगे, पाकिस्तान के जरिए रखेंगे अपनी शर्तें

Published by :Govind Jee
Published at :25 Apr 2026 7:06 AM (IST)
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Iran US Talks Pakistan Mediation Islamabad Visit

ईरान-पाक की बैठक, अमेरिका से सीधी बातचीत को इनकार.

Iran US Talks Pakistan Mediation: ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची एक बड़े प्रतिनिधिमंडल के साथ शुक्रवार को इस्लामाबाद पहुंचे हैं. रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान और अमेरिका के बीच रुकी हुई बातचीत को फिर से शुरू करने के लिए पाकिस्तान अब मुख्य बिचौलिए (मध्यस्थता) की भूमिका निभा रहा है.

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Iran US Talks Pakistan Mediation: अराघची यहां पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख (आर्मी चीफ) आसिम मुनीर से मुलाकात करेंगे. पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी साझा की है. उन्होंने बताया कि पाकिस्तान की टीम के साथ चर्चा के बाद इस्लाबाद में शांति वार्ता का दूसरा दौर शुरू हो सकता है।

ईरान का स्टैंड: अमेरिका से डायरेक्ट नहीं मिलेंगे

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने साफ कर दिया है कि अमेरिका के साथ उनकी कोई सीधी बैठक तय नहीं है. बघाई ने सोशल मीडिया पर बताया कि ईरानी टीम पाकिस्तान के साथ मिलकर ‘अमेरिकी थोपे गए युद्ध’ को खत्म करने और शांति के लिए काम कर रही है. उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान अपनी बात और चिंताएं सीधे वाशिंगटन को नहीं बताएगा, बल्कि इसके लिए पाकिस्तान के जरिए संदेश भेजे जाएंगे.

डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा दावा: ईरान समझौते के लिए तैयार

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रॉयटर्स को दिए इंटरव्यू में कहा है कि ईरान अब उनकी मांगों को मानने के लिए एक खास ऑफर तैयार कर रहा है. ट्रंप ने साफ किया कि किसी भी डील के लिए ईरान को अपना समृद्ध यूरेनियम छोड़ना होगा और होर्मुज जलडमरूमध्य (स्ट्रेट ऑफ होर्मुज) से तेल के जहाजों की आवाजाही को पूरी तरह फ्री करना होगा. ट्रंप ने कहा कि जब तक कोई ठोस समझौता नहीं होता, अमेरिकी सेना ईरानी बंदरगाहों की घेराबंदी जारी रखेगी. उन्होंने संकेत दिए कि ईरान के नेतृत्व में आंतरिक मतभेद भी चल रहे हैं.

होर्मुज जलडमरूमध्य बना सबसे बड़ा मुद्दा

पिछले आठ हफ्तों से चले आ रहे विवाद के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य (स्ट्रेट ऑफ होर्मुज) से होने वाला व्यापार लगभग ठप है. शिपिंग डेटा के अनुसार, जहां पहले हर दिन करीब 130 जहाज गुजरते थे, वहीं पिछले 24 घंटों में केवल 5 जहाज ही वहां से निकले हैं. ईरान ने अपने जहाजों को छोड़कर बाकी सभी का रास्ता रोक रखा है. इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि वह ईरान के साथ एक ‘सदाबहार’ समझौता चाहते हैं. वहीं, जर्मनी की कंपनी हैपग-लॉयड ने पुष्टि की है कि उनका एक जहाज वहां से गुजरा है.

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मस्कट और मॉस्को की यात्रा

ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने पुष्टि की है कि इस्लामाबाद के बाद वह मस्कट और मॉस्को के दौरे पर भी जाएंगे. दूसरी तरफ, अमेरिका की ओर से स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुश्नर भी चर्चा के लिए इस्लामाबाद पहुंचने वाले हैं.

व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने बताया कि इस पूरी बातचीत पर उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, मार्को रूबियो और नेशनल सिक्योरिटी टीम के साथ मिलकर वाशिंगटन से नजर रख रहे हैं. हालांकि ईरान ने अभी तक दूसरे दौर की बातचीत की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, लेकिन दोनों देशों की सक्रियता एक बड़े बदलाव की ओर इशारा कर रही है.

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Govind Jee

लेखक के बारे में

By Govind Jee

गोविन्द जी ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय भोपाल से की है. वे वर्तमान में प्रभात खबर में कंटेंट राइटर (डिजिटल) के पद पर कार्यरत हैं. वे पिछले आठ महीनों से इस संस्थान से जुड़े हुए हैं. गोविंद जी को साहित्य पढ़ने और लिखने में भी रुचि है.

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