ब्राजील में हर दिन कम से कम 160 लोगों की होती है हिंसा से मौत

साओ पाउलो : ब्राजील में 2014 में कुल 58,559 लोग हिंसा में मारे गये हैं. यानी औसतन हर दिन करीब 160 लोग हिंसा का शिकार हुए हैं. नये सांख्यिकीय आंकडों संबंधी एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गयी है और इसके लिए जिम्मेदार दूसरी सबसे बडी वजह पुलिसिया कार्रवाई बतायी गयी है. ब्राजील के पब्लिक […]
साओ पाउलो : ब्राजील में 2014 में कुल 58,559 लोग हिंसा में मारे गये हैं. यानी औसतन हर दिन करीब 160 लोग हिंसा का शिकार हुए हैं. नये सांख्यिकीय आंकडों संबंधी एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गयी है और इसके लिए जिम्मेदार दूसरी सबसे बडी वजह पुलिसिया कार्रवाई बतायी गयी है. ब्राजील के पब्लिक सिक्योरिटी फोरम के वार्षिक अध्ययन में कल एक महत्वपूर्ण संदर्भ में माना गया कि 2014 के दौरान हुई इस तरह मौत (जिनमें अधिकतर हत्याएं रहीं हैं) का आंकडा 2013 के आंकडे से 4.8 प्रतिशत अधिक था. इसी साल ब्राजील ने विश्व कप का आयोजन किया था.
मरने वालों के आंकडे में हत्या, हमले के कारण हुई मौत और लूट के दौरान किया गया अपराध शामिल है. इसमें 3,022 लोगों की मौत पुलिस अभियानों के दौरान हुई और 398 पुलिस अधिकारी मारे गये. अध्ययन के अनुसार, हिंसा के दौरान हुई मौत में जानबूझकर की गयी हत्या का प्रतिशत 89.3 है, जबकि इसमें दूसरी सबसे बडी वजह सुरक्षा बलों द्वारा की गयी हत्या है जो करीब 5.2 प्रतिशत है.
साओ पाउलो में एक गैर सरकारी संगठन के सुरक्षा फोरम के उपाध्यक्ष रेनातो सर्गियो दे लीमा ने कहा, ‘अगर हम ब्राजील में हिंसा के दौरान हुई मौत में कमी लाने की दिशा में बात करना चाहते हैं तो हमें यह स्वीकार करना होगा कि एक दिन में मारे गये लोगों की संख्या में से आठ लोगों की मौत के लिए पुलिस जिम्मेदार है. दुनिया के किसी भी सुरक्षा कर्मियों की तुलना में ब्राजील की पुलिस संभवत: सबसे अधिक लोगों की मौत का कारण बनी है.’
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By Prabhat Khabar Digital Desk
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