ePaper

नेपाल : इतने भयावह भूकंप में भी पशुपतिनाथ मंदिर रहा पूरी तरह सुरक्षित

Updated at : 27 Apr 2015 6:02 PM (IST)
विज्ञापन
नेपाल : इतने भयावह भूकंप में भी पशुपतिनाथ मंदिर रहा पूरी तरह सुरक्षित

काठमांडो : नेपाल में पिछले दिनों आए 7.9 तीव्रता के भूकंप में धरहरा मीनार एवं दरबार चौक जैसी कई ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण इमारतें जमीदोंज हो गई लेकिन पांचवीं सदी के सुप्रसिद्ध पशुपतिनाथ मंदिर को कोई नुकसान नहीं पहुंचा. मंदिर के एक श्रद्धालु ने कहा, पशुपतिनाथ मंदिर सुरक्षित है. हमने मंदिर का कई बार निरीक्षण किया […]

विज्ञापन
काठमांडो : नेपाल में पिछले दिनों आए 7.9 तीव्रता के भूकंप में धरहरा मीनार एवं दरबार चौक जैसी कई ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण इमारतें जमीदोंज हो गई लेकिन पांचवीं सदी के सुप्रसिद्ध पशुपतिनाथ मंदिर को कोई नुकसान नहीं पहुंचा.
मंदिर के एक श्रद्धालु ने कहा, पशुपतिनाथ मंदिर सुरक्षित है. हमने मंदिर का कई बार निरीक्षण किया इसमें कोई दरार नहीं आई है. यह मंदिर काठमांडो घाटी में यूनेस्को द्वारा नामित सात ऐतिहासिक धरोहरों में शामिल है. काठमांडो में यह सबसे प्राचीन हिंदू मंदिर है.
बीते शनिवार को आए भूकंप में अपने परिवार को गवांने वाले काठमांडो के एक नागरिक ने कहा, हम दफ्तर नहीं जा रहे हैं. हम मंदिर में रह रहे हैं क्योंकि इस भयावह समय में इसको सबसे सुरक्षित स्थान मानते हैं. लोग पशुपतिनाथ मंदिर के परिसर में भूकंप में मारे गए लोगों के अंतिम संस्कार कर रहे हैं.
एक श्रद्धालु ने कहा कि कल मंदिर के परिसर में ही 100 से अधिक लोगों का अंतिम संस्कार किया गया. नेपाल में आए इस भयावह भूकंप में अबतक 3,600 से अधिक लोगों की मौत हो गई है और हजारों लोग घायल हो गए.
नेपाल ने इस भीषण आपदा के चलते देश में आपातस्थिति की घोषणा कर दी है. देश के इतिहास में पिछले 80 वर्षों में आया यह अब तक का सबसे भीषण भूकंप है. भारत ने बचाव और पुनर्वास के एक बडे प्रयास के तहत 13 सैन्य विमान तैनात किए हैं, जो अस्थाई अस्पताल सुविधा, दवाएं, कंबल और 50 टन पानी एवं अन्य सामग्री लेकर गए हैं.
एक उच्चस्तरीय अंतरमंत्रालयी दल नेपाल का दौरा करके यह आकलन करेगा कि भारत किस तरह राहत अभियानों में बेहतर सहयोग कर सकता है.
लगातार आ रहे सहायता विमानों के कारण काठमांडो हवाई अड्डे पर पार्किंग के लिए स्थान नहीं बचा है. कई विमानों को जमीन पर उतरने के लिए अनुमति का इंतजार करना पड रहा है.
संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों ने कहा है कि नेपाल में पानी और खाने की किल्लत हो गयी है और करीब दस लाख कमजोर और कुपोषित बच्चों को तत्काल मानवीय सहायता की जरुरत है.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola