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भारत में अमेरिका के नए राजदूत होंगे रिचर्ड राहुल वर्मा

Updated at : 10 Dec 2014 6:47 PM (IST)
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भारत में अमेरिका के नए राजदूत होंगे रिचर्ड राहुल वर्मा

वाशिंगटन : अमेरिकी सीनेट ने आज सर्वसम्मति से भारत में अमेरिका के अगले राजदूत के रुप में रिचर्ड राहुल वर्मा के नामांकन पर पुष्टि की मुहर लगा दी. वर्मा इस पद पर आसीन होने वाले पहले भारतीय-अमेरिकी होंगे. सीनेट द्वारा ध्वनिमत के साथ 46 वर्षीय वर्मा के नामांकन को मंजूर किए जाने से भारत-अमेरिका संबंधों […]

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वाशिंगटन : अमेरिकी सीनेट ने आज सर्वसम्मति से भारत में अमेरिका के अगले राजदूत के रुप में रिचर्ड राहुल वर्मा के नामांकन पर पुष्टि की मुहर लगा दी. वर्मा इस पद पर आसीन होने वाले पहले भारतीय-अमेरिकी होंगे.
सीनेट द्वारा ध्वनिमत के साथ 46 वर्षीय वर्मा के नामांकन को मंजूर किए जाने से भारत-अमेरिका संबंधों के प्रति द्वि-दलीय समर्थन के साथ सीनेटरों के बीच वर्मा की लोकप्रियता की भी झलक मिली है. अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की भारत यात्रा से पहले वर्मा का नयी दिल्ली पहुंचना सुनिश्चित करने के लिए सीनेट ने राजदूत पद संबंधी 50 से ज्यादा नामांकनों में इनके नामांकन की प्रक्रिया पर तेज गति से काम किया. ओबामा इस साल 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस की परेड में मुख्य अतिथि होंगे.
असैन्य परमाणु करार को कांग्रेस की मंजूरी दिलवाने में शांतिपूर्वक महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले वर्मा ने प्रशासन में रहने के दौरान भारत और अमेरिका के मजबूत संबंधों की पैरोकारी की थी. हाल ही में उन्होंने शीर्ष अमेरिकी थिंक-टैंक- सेंटर फॉर अमेरिकन प्रोग्रेस में ‘इंडिया 2020’ नामक एक परियोजना की शुरुआत की है.
वर्मा, नैंसी पॉवेल की जगह लेंगे, जिन्होंने कनिष्ठ भारतीय राजनयिक देवयानी खोबरागडे से संबंधित कथित वीजा फर्जीवाडे मामले में पैदा विवाद के बाद मार्च में इस्तीफा दे दिया था.
फिलहाल नई दिल्ली स्थित अमेरिकी दूतावास की प्रमुख कैथलीन स्टीफन्स हैं. इस समय वर्मा स्टेपटो एंड जॉनसन नामक कानूनी कंपनी और पूर्व अमेरिकी विदेश मंत्री एम. अलब्राइट के नेतृत्व वाली बिजनेस सलाहाकार कंपनी में वरिष्ठ सलाहाकार हैं. वर्मा वर्ष 2008 से ही ओबामा से जुडे हैं. तब उन्होंने तत्कालीन इलिनोइस सीनेटर के लिए राष्ट्रपति पद से संबंधित बहस से जुडी तैयारियों पर काम किया था. उनके माता-पिता 1960 के दशक की शुरुआत में अमेरिका आ गए थे.
हॉर्वर्ड यूनिवर्सिटी के इंडिया एंड साउथ एशिया प्रोग्राम से संबद्ध शिक्षाविद रौनक डी देसाई ने कहा, ‘भारत में अमेरिकी राजदूत पद के लिए रिचर्ड वर्मा के नाम को मंजूरी मिलना अमेरिकी-भारतीय रणनीतिक साझेदारी के लिए एक बड़ी जीत है. रिचर्ड को अमेरिकी सीनेट की ध्वनिमत के साथ मंजूरी मिलना उस अत्यधिक सम्मान की प्रभावी झलक है, जो वाशिंगटन में दोनों ही दल उन्हें (वर्मा को) और द्विपक्षीय संबंध को देते हैं. देसाई ने कहा, ‘राष्ट्रपति ओबामा अगले माह भारत की अपनी दूसरी यात्रा पर जा रहे हैं. रिचर्ड का नई दिल्ली स्थित दूतावास में होना उनका सौभाग्य है. भारत के साथ अमेरिकी विदेश संबंधों को नई उंचाइयों तक ले जाने में वह मुख्य सहायक साबित होंगे.’
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