भाजपा सत्ता में आयी, तो बंगाल से मिटा देंगे ब्रिटिश व मुगलों के नामोनिशान : शुभेंदु अधिकारी
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 08 Sep 2023 4:29 PM
यह देश भारत है. यहां कोई ब्रिटिश नाम नहीं चलेगा. बंगाल में भाजपा की सरकार आयेगी, तो ब्रिटिशकालीन सभी नामों को बदल दिया जायेगा. ब्रिटिश एवं मुगल द्वारा दिये गये सभी नाम हटाने का काम भाजपा सरकार करेगी. भारत नाम शाश्वत है. इसका कोई विकल्प नहीं है.
यदि राज्य में भाजपा की सरकार बनेगी, तो ब्रिटिश एवं मुगलों के नामोनिशान यहां से मिटा दिये जायेंगे. ब्रिटिश सरकार एवं मुगलों द्वारा सड़कों या पारंपरिक जगहों के रखे गये नाम बदल दिये जायेंगे. ये बातें भाजपा विधायक व नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने कहीं. उन्होंने कहा कि ब्रिटिश या मुगल परंपराओं को लेकर भाजपा नहीं चलना चाहती. संवाददाताओं के एक सवाल के जवाब में नंदीग्राम विधायक ने कहा, “ यह देश भारत है. यहां कोई ब्रिटिश नाम नहीं चलेगा. बंगाल में भाजपा की सरकार आयेगी, तो ब्रिटिशकालीन सभी नामों को बदल दिया जायेगा. ब्रिटिश एवं मुगल द्वारा दिये गये सभी नाम हटाने का काम भाजपा सरकार करेगी. भारत नाम शाश्वत है. इसका कोई विकल्प नहीं है.
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्य के मंत्रियों, राज्य मंत्रियों और विधायकों के वेतन में वृद्धि की घोषणा की है. लेकिन नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि वह इस फैसले का समर्थन नहीं करेंगे. शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि मैं विधायकों का भत्ता बढ़ाने के फैसले का समर्थन नहीं करता हूं. इसके बजाय उन्होंने सरकारी कर्मचारियों के डीए, आशाकर्मियों का वेतन बढ़ाये जाने की मांग की. शुभेंदु ने कहा कि वेतन बढ़ाये जाने का फैसला एकतरफा लिया गया है. हम सत्र में नहीं थे, तब यह घोषणा की गयी. हम नहीं चाहते कि विधायकों का वेतन बढ़े.
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ज्ञात हो कि इससे पहले शुभेंदु ने सिविक वॉलंटियर्स की नियुक्ति का विरोध किया था, लेकिन अब वह उनका वेतन बढ़ाये जाने के पक्ष में नहीं हैं. उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि मुख्यमंत्री आशाकर्मियों, आंगनबाड़ी कर्मियों, ग्रामीण पुलिस, नागरिक स्वयंसेवकों, अस्थायी कर्मचारियों सह ऐसे अन्य कर्मचारियों को समान कार्य के लिए समान वेतन की घोषणा करें. नंदीग्राम के विधायक ने अपना वेतन बढ़ाने के बजाय सरकारी कर्मचारियों का वेतन बढ़ाने की मांग की.
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उन्होंने सरकारी कर्मचारियों का महंगाई भत्ता बढ़ाने की मांग की. उन्होंने कहा कि राज्य को मंत्रियों और विधायकों का वेतन ना बढ़ा कर सरकारी कर्मचारियों, शिक्षकों, सेवानिवृत्त पेंशनभोगियों को मिलने वाले महंगाई भत्ता को बढ़ाया जाना जरूरी है. उन्होंने लक्ष्मी भंडार योजना के तहत 500 रुपये की जगह 2000 रुपये दिये जाने की मांग की. उन्होंने कहा कि इससे महिलाएं लाभान्वित होंगी.
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तृणमूल विधायक मदन मित्रा ने विधायकों का वेतन बढ़ाये जाने पर चुटकी लेते हुए कहा कि इस बारे में मुझसे नहीं, बल्कि विपक्ष के विधायकों से पूछना चाहिए. मुझे भी इस मसले पर उनके जवाब का इंतजार रहेगा. श्री मित्रा ने कहा कि कई राज्यों की तुलना में अब भी बंगाल में विधायकों का वेतन कम है. एक विधायक पर कई तरह की जिम्मेदारियां रहती हैं. सरकारी मदद मिलने के बावजूद आर्थिक रूप से तंग लोगों को रुपये देकर मदद करनी पड़ती है. यह रकम विधायक अपनी जेब से भरते हैं.
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न्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा चालू की गयी सभी सरकारी योजनाएं अब भी चल रही हैं. लक्ष्मी भंडार, कन्या श्री, स्वास्थ्य बीमा, विद्यार्थियों को मिलने वाली सुविधाएं सहित तमाम योजनाएं बिना किसी रुकावट के चल रही हैं. गुरुवार को विधानसभा में विधायकों का वेतन भी बढ़ाने का फैसला लिया गया है. मुख्यमंत्री जिस तरह से राज्य के लिए काम कर रही हैं, वह काबिल ए तारीफ है. राज्य की जनता तृणमूल कांग्रेस को ही वोट देकर विजयी बनाये. इंडिया को लेकर पूछे जाने पर तृणमूल विधायक ने कहा कि इंडिया के बारे में मुझे कहने की हैसियत नहीं है. सिर्फ ममता बनर्जी ही इस बारे में कह सकती हैं, लेकिन मैं इतना जरूर कहूंगा कि इंडिया जीतेगा और भाजपा हारेगी.
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राज्य में जल्द ही 2370 नयी राशन दुकानें खुलेंगी. राशन की बढ़ती मांग और राशन कार्डधारी लोगों की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने यह निर्णय लिया गया है. यह जानकारी खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री रथिन घोष ने गुरुवार को विधानसभा में प्रश्न-उत्तर काल में पूछे गये एक सवाल के जवाब में दी. मंत्री ने कहा कि जल्द ही राशन डीलरों को लाइसेंस दिया जायेगा. फिलहाल राज्य में 20,408 राशन दुकानें हैं.
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