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दो दर्जन से ज्यादा मौतों के लिए जिम्मेदार पोस्ता फ्लाईओवर को 5 साल बाद तोड़ने का फैसला

Updated at : 03 Jun 2021 7:40 PM (IST)
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दो दर्जन से ज्यादा मौतों के लिए जिम्मेदार पोस्ता फ्लाईओवर को 5 साल बाद तोड़ने का फैसला

Bengal Latest News: पश्चिम बंगाल में साल 2016 के विधानसभा चुनाव के दौरान बड़ा बाजार के पोस्ता फ्लाईओवर के अचानक टूटने से 27 लोगों की मौत हो गई थी. इस घटना के बाद अब जाकर राज्य की ममता बनर्जी सरकार ने फ्लाईओवर को तोड़ने का फैसला लिया है. कहने का मतलब है कि पोस्ता फ्लाईओवर (विवेकानंद फ्लाईओ‍वर) के गिरने के करीब पांच साल बाद पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी की सरकार ने इसे तोड़कर हटाने का फैसला लिया है.

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Bengal Latest News: पश्चिम बंगाल में साल 2016 के विधानसभा चुनाव के दौरान बड़ा बाजार के पोस्ता फ्लाईओवर के अचानक टूटने से 27 लोगों की मौत हो गई थी. इस घटना के बाद अब जाकर राज्य की ममता बनर्जी सरकार ने फ्लाईओवर को तोड़ने का फैसला लिया है. कहने का मतलब है कि पोस्ता फ्लाईओवर (विवेकानंद फ्लाईओ‍वर) के गिरने के करीब पांच साल बाद पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी की सरकार ने इसे तोड़कर हटाने का फैसला लिया है.

इस निर्माणाधीन फ्लाईओवर के सामने का हिस्सा विधानसभा चुनाव के पहले 31 मार्च, 2016 को अचानक टूट कर गिर गया था. उस घटना में 27 लोगों की जानें चली गई थी. फ्लाईओवर लंबे समय से जर्जर स्थिति में है. फ्लाईओवर को गिराने का काम 15 जून से चार चरणों में शुरू होगा. पहले फेज में फ्लाईओवर का हिस्सा 45 दिनों में गिराया जाएगा. पश्चिम बंगाल सरकार के मंत्री फिरहाद हकीम के मुताबिक फ्लाईओवर गिराने के दौरान ट्रैफिक डायवर्ट किया जाएगा.

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फ्लाईओवर तोड़ने के लिए नगर निगम और कोलकाता ट्रैफिक पुलिस के अधिकारियों के साथ मीटिंग करके पहले चरण के बाद आगे के फैसले लिए जाएंगे. मीटिंग में तय किया जाएगा कि आखिर फ्लाईओवर को पूरी तरह कैसे तोड़कर हटाया जाए. फ्लाईओवर के भविष्य को लेकर सीएम ममता बनर्जी ने मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक समिति का गठन भी किया गया है. यह समिति तय करेगी फ्लाईओवर के ध्वस्त होने के बाद उसका भविष्य क्या और कैसा होगा.

सबसे पहले आईआईटी खड़गपुर के विशेषज्ञों ने फ्लाईओवर की सेहत की जांच की थी. उनकी रिपोर्ट क्लीयर नहीं थी. इसके बाद जाने-माने पुल विशेषज्ञ वीके रैना को जिम्मेदारी दी गई थी. उन्होंने निर्माणाधीन फ्लाईओवर को तोड़ने की सिफारिश की थी. राज्य सरकार उनकी सलाह पर एक्शन लेने जा रही है. फ्लाईओवर तोड़ने की जिम्मेदारी रेलवे की कंपनी राइट्स को दी गई है.

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बताते चलें कि 31 मार्च 2016 को विवेकानंद फ्लाईओवर का 60 मीटर लंबा और 24 मीटर चौड़ा हिस्सा सुबह के समय भारी ट्रैफिक के बीच नीचे से गुजर रहे बसों, गाड़ियों और पैदल यात्रियों पर आ गिरा था.‌ इस हादसे की वजह से 27 लोगों की जान चली गई थी. जबकि, कई लोग घायल भी हुए थे. शुरुआती जांच में पता चला था कि जोड़ासांको की विधायक स्मिता बक्सी के करीबी रिश्तेदार फ्लाईओवर निर्माण के लिए मैटेरियल सप्लाई करते थे. उन्होंने खराब क्वालिटी के मैटेरियल की सप्लाई की थी. जिसकी वजह से पोस्ता फ्लाइओवर टूटकर गिर गया था.

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