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ममता को याद आया शोले का गब्बर, कहा- केंद्र की तानाशाह सरकार के खिलाफ तनकर खड़ी हो राज्य सरकारें

Updated at : 03 Jun 2021 12:39 PM (IST)
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ममता को याद आया शोले का गब्बर, कहा- केंद्र की तानाशाह सरकार के खिलाफ तनकर खड़ी हो राज्य सरकारें

ममता ने गैर-भाजपा सरकारों से अपील की है कि वे केंद्र की तानाशाह मोदी सरकार के खिलाफ तनकर खड़े हों.

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कोलकाता : पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को याद आये गब्बर सिंह. शोले फिल्म के गब्बर सिंह के डायलॉग के सहारे तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ने भाजपा विरोधी राज्य सरकारों से एकजुट होने की अपील की है. ममता ने गैर-भाजपा सरकारों से अपील की है कि वे केंद्र की तानाशाह मोदी सरकार के खिलाफ तनकर खड़े हों. उन्होंने कहा, ‘…जो डरते हैं, वो मरते हैं.’

ममता बनर्जी ने कहा कि राज्य सरकारें केंद्र से डरने की बजाय इस तानाशाह सरकार के खिलाफ डटकर अपनी आवाज बुलंद करें. बिना किसी डर के. ममता ने आगे कहा कि अगर ऐसा नहीं किया, तो केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार अपनी योजना में कामयाब हो जायेगी और संघवाद को पूरी तरह से ध्वस्त कर देगी.

ममता ने कहा, ‘हम उनकी धमकियों से नहीं डरते. जो डरते हैं, वो मरते हैं. बंगाल ने कभी हारना नहीं सीखा. हम हमेशा अपना सिर उठाकर चलेंगे.’ ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार कई फ्रंट पर अपनी विफलताओं को छुपाने के लिए मुद्दों से लोगों का ध्यान भटकाने में जुट गयी है.

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उन्होंने कहा कि कोरोना से निबटने, अर्थव्यवस्था और कृषि क्षेत्र में आयी गिरावट को संभालने समेत कई समस्याओं से निबटने में सरकार नाकाम रही है. इसलिए वह लोगों का ध्यान भटकाने में लगी है. ममता ने कहा,‘मुझे ऐसा लगता है कि विपक्षी दलों के मुख्यमंत्री एक साथ केंद्र की मोदी सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद करें. सभी मुख्यमंत्रियों को ऐसा करने की जरूरत नहीं है.

हमें लड़ने से कोई नहीं रोक सकता, हम लड़ते रहेंगे

पश्चिम बंगाल के पूर्व मुख्य सचिव आलापन बंद्योपाध्याय के मुद्दे पर ममता बनर्जी ने कहा, हमें लड़ने से कोई नहीं रोक सकता. हम लड़ते रहेंगे.’ ममता ने कहा कि केंद्र और राज्य के बीच हमेशा से एक लक्ष्मण रेखा रही है. पंडित जवाहरलाल नेहरू और बीआर आंबेडकर ने इस पर काफी जोर दिया था. सरकारिया कमीशन में इसके बारे में स्पष्ट किया गया है. सुप्रीम कोर्ट ने भी उसे बरकरार रखा है.

ममता बनर्जी ने कहा कि लोकतंत्र में कंसल्टेशन की प्रक्रिया है. लेकिन, वे 48 घंटे में एक के बाद एक चिट्ठियां जारी कर देते हैं. बिना किसी कारण या अधिकार के. आप लोगों को न्याय नहीं दे सकते, लेकिन ब्यूरोक्रेसी को निशाना बनाकर बार-बार अन्याय कर सकते हैं. ममता ने कहा कि हम जंग लड़ेंगे. हमें इस जंग को लड़ने से कोई नहीं रोक सकता.

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Posted By: Mithilesh Jha

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