बंगाल की 1.6 करोड़ महिलाओं को हर महीने मिलेंगे 500 से 1000 रुपये, ये है ममता बनर्जी की ‘लक्ष्मी भंडार’ योजना

**EDS: HANDOUT PHOTO MADE AVAILABLE FROM WB CMO ON THURSDAY, JULY 22, 2021** Kolkata: West Bengal CM Mamata Banerjee addresses a press conference at the state secretariat Nabanna, in Kolkata. (PTI Photo) (PTI07_22_2021_000211B)
west bengal news today: मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बताया कि लक्ष्मी भंडार योजना (lokkhi bhandar scheme) की शुरुआत एक सितंबर से होगी. इससे राज्य की लगभग 1.6 करोड़ महिलाएं लाभान्वित होंगी.
कोलकाता: तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में किये गये वादे को पूरा करते हुए लक्ष्मी भंडार योजना (Laxmi Bhandar Prakalpa) को लागू करने का फैसला किया है. पश्चिम बंगाल (West Bengal) सरकार की ओर से राज्य के हर परिवार की महिला मुखिया को वित्तीय सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से चलायी जाने वाली ‘लक्ष्मी भंडार’ योजना एक सितंबर से शुरू हो जायेगी. यानी घर की महिला प्रमुख के खाते में 500 या 1000 रुपये आने लगेंगे. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (West Bengal CM Mamata Banerjee) ने खुद यह घोषणा की है.
गुरुवार को राज्य कैबिनेट की बैठक में ‘लक्ष्मी भंडार’ योजना (Lokkhi Bhandar Scheme) को लागू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गयी. कैबिनेट की बैठक के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने संवाददाताओं को बताया कि राज्य में लक्ष्मी भंडार योजना की शुरुआत एक सितंबर से होगी. एक सितंबर से महिलाओं को योजना के तहत अनुदान राशि भेजने का काम शुरू कर दिया जायेगा. इससे राज्य की लगभग 1.6 करोड़ महिलाएं लाभान्वित होंगी.
कहां और कैसे करना होगा आवेदन
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार की ओर से 16 अगस्त से 15 सितंबर तक दुआरे सरकार शिविर लगाये जायेंगे. जो महिलाएं ऑनलाइन आवेदन नहीं कर पायेंगी, वे इस शिविर में ही पंजीकरण कराने के लिए आवेदन कर सकती हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि लक्ष्मी भंडार योजना के लिए अगर कोई महिला अक्टूबर में भी पंजीकरण कराती है, तो उसे सितंबर महीने से योजना का लाभ मिलेगा.
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इस योजना के तहत राज्य सरकार ने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति परिवारों की महिला मुखिया को एक हजार रुपये प्रति माह देने का वादा किया है. सामान्य वर्ग के परिवारों की महिला मुखिया को 500 रुपये प्रति माह मिलेंगे. मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी व स्थायी नौकरी करने वाली महिलाओं को इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा. अस्थायी नौकरी करने वाली महिलाएं इस योजना का लाभ ले सकेंगी. पश्चिम बंगाल सरकार पर इससे 11 हजार करोड़ रुपये का वार्षिक बोझ आयेगा.
लक्ष्मी भंडार योजना, स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड के साथ-साथ स्वास्थ्य साथी, ऐक्यश्री, कृषक बंधु, महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना, खाद्य साथी, कन्याश्री, रूपाश्री, शिक्षाश्री, जाति प्रमाण पत्र (एससी/एसटी/ओबीसी), जय जोहार, तफशीली बंधु.
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Posted By: Mithilesh Jha
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