जन्मदिन पर विशेष : विश्व कल्याण के लिए कार्य कर रहे श्रीश्री
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 13 May 2019 6:33 AM
उज्ज्वल 63 वर्ष के हुए श्री श्री रविशंकर, लोगों तक पहुंचा रहे शांति व स्वास्थ्य का संदेश श्री श्री रवि शंकर हमेशा परस्पर संवाद बनाये रखने के लिए कार्य करते रहे हैं. कई बार तो राजनीतिक गर्माहट के बीच भी सक्रिय रहते हैं. आध्यात्मिक स्तर पर आर्ट ऑफ लिविंग के प्रणेता व संस्थापक श्री श्री […]
उज्ज्वल
63 वर्ष के हुए श्री श्री रविशंकर, लोगों तक पहुंचा रहे शांति व स्वास्थ्य का संदेश
श्री श्री रवि शंकर हमेशा परस्पर संवाद बनाये रखने के लिए कार्य करते रहे हैं. कई बार तो राजनीतिक गर्माहट के बीच भी सक्रिय रहते हैं. आध्यात्मिक स्तर पर आर्ट ऑफ लिविंग के प्रणेता व संस्थापक श्री श्री रविशंकर उपयोगी आध्यात्मिक ज्ञान के माध्यम से अनगिनत लोगों तक शांति और मानसिक स्वास्थ्य पहुंचा रहे हैं. आजकल आध्यात्मिक साधकों के लिए अनेक प्रकार के मार्ग उपस्थित हैं.
लेकिन श्री श्री के संदेश की सरलता और सार्वभौमिकता, जो कि आध्यात्मिक मानवतावाद पर आधारित है, सभी लोगों को आकर्षित करती है. भले ही वह किसी भी धर्म, संप्रदाय या समाज के हों. श्री श्री की शिक्षाओं को अनुभव कर जीवन में उतारा जा सकता है.
श्री श्री, जो इस वर्ष मई में 63 साल के हो जायेंगे, विश्वभर के राजनीतिक दलों में लोकप्रिय हैं. विवाद के मामलों में वह प्रभावित हर दल के साथ काम करते हैं. पीड़ित व अपराधी, कानून के रक्षक और उनके साथ भी जो उसका उल्लंघन करते हैं.
कभी-कभी निहित स्वार्थ रखने वाले व्यक्तियों द्वारा उनकी आलोचना अवश्य होती है, पर उनका उत्साह अबाधित है. 2008 में, जब इराक में विवाद बहुत बढ़ गया था, तब श्री श्री सभी दलों के नेताओं से मिले. शांति प्रेक्षकों का कहना है कि पूरे विश्व में बहुत कम नेता ऐसे हैं, जो उस समय पर यह कर पाये थे.
कोलंबिया के बागी दल के नेता इवान मारकेज का कहना है कि उनकी ज्ञान की बातें स्थायी व लंबे समय तक टिकने वाली शांति के लिए अति महत्वपूर्ण हैं. जैसे-जैसे शांति विकसित हो रही है, श्री श्री की संस्था कोलंबिया में विश्वास बढ़ाने और दोनों दलों में विश्वास जगाने के लिए कार्य कर रही है. सितंबर 2016 में उनके स्वयंसेवकों ने फ़ार्क नेताओं और अपहृत 12 नुमाइंदों के परिवारों के बीच एक क्षमा बैठक आयोजित की. इन सभी नुमाइंदों की हत्या फार्क द्वारा की गयी थी, केवल एक जीवित लौटे थे. उस बैठक का समापन एक सामूहिक प्रार्थना से हुआ था.
2014 में श्री श्री विश्व के उन चंद नेताओं में थे, जिन्होंने यज़ीदी समुदाय के नरसंहार की ओर विश्व का ध्यान आकर्षित किया और उनको मदद पहुंचायी. इराक के पूर्व प्रधानमंत्री नॉरि अल-मलिकी श्री श्री के बारे में कहते हैं कि बहुत लोग होंगे जो अतिबलशाली होंगे, लेकिन वह लोगों के दिल व मन को जोड़ने में सक्षम नहीं हैं. यह कार्य केवल एक आध्यात्मिक गुरु ही कर सकते हैं.
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