ePaper

मैरिड वूमेन प्रॉपर्टीज एक्ट के तहत ऐसे खरीदें बीमा पॉलिसी

Updated at : 15 Oct 2018 7:02 AM (IST)
विज्ञापन
मैरिड वूमेन प्रॉपर्टीज एक्ट के तहत ऐसे खरीदें बीमा पॉलिसी

प्रवीण मुरारका निदेशक, पूनम सिक्यूरीटीज किसी भी आकस्मिक दुर्घटना की स्थिति में परिवार की आर्थिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ही जीवन बीमा लिया जाता है. इसी वजह से अधिकांश लोग पत्नी को पॉलिसी में नॉमिनी बनाते हैं. लेकिन सिर्फ नॉमिनी बनाने से भी यह सुनिश्चित नहीं होता कि बीमे की पूरी रकम सिर्फ […]

विज्ञापन
प्रवीण मुरारका
निदेशक, पूनम सिक्यूरीटीज
किसी भी आकस्मिक दुर्घटना की स्थिति में परिवार की आर्थिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ही जीवन बीमा लिया जाता है. इसी वजह से अधिकांश लोग पत्नी को पॉलिसी में नॉमिनी बनाते हैं. लेकिन सिर्फ नॉमिनी बनाने से भी यह सुनिश्चित नहीं होता कि बीमे की पूरी रकम सिर्फ पत्नी को ही मिल जायेगी. राशि मिलने के बाद परिवार के दूसरे सदस्य भी इसमें अपनी हिस्सेदारी मांग सकते हैं. लेकिन अधिकांश लोगों को एक कानून के विषय में जानकारी नहीं है जिससे वे अपने परिवार को बीमे की राशि मिल सकती है.
इसे मैरीड वूमन प्रोपर्टी एक्ट (एमडब्ल्यूपीए) कहा जाता है. मान लिया कि आप व्यवसायी है और आपने काफी अधिक कर्ज ले रखा है, तो ऐसी स्थिति में कर्ज देनेवाले का आपके बीमे पर पहला अधिकार हो जायेगा. आपके बनाये हुए नॉमिनी को बीमा का लाभ नहीं मिल सकेगा. इस परिस्थिति से ही बचाव का रास्ता देता है यह कानून. इसके लिए आपको अपने बीमा पॉलिसी को इस कानून के दायरे में लाना होगा.
बेनिफिशियल नॉमिनी बीमा (संशोधन) कानून 2015 में सुधार के बाद बेनिफिशियल नॉमिनी के नाम से एक अलग व्यवस्था की गयी. अगर बीमा खरीदते वक्त किसी को बेनिफिशियल नॉमिनी बनाया जाता है, तो नये नियम के हिसाब से नॉमिनी और बेनिफिशियल नॉमिनी, दोनों का क्लेम की राशि पर हक होगा.
खरीदने वक्त रखें ध्यान जीवन बीमा पॉलिसी लेते समय ही यह तय कर लेना चाहिए कि आप मैरिड वूमेन प्रॉपर्टीज एक्ट के सेक्शन-6 के तहत ही पॉलिसी ले रहे हैं. ऐसा करने से सिर्फ बेनिफिशियल नॉमिनी, जो आपकी पत्नी व बच्चे हो सकते हैं, को ही बीमे का पूरा अधिकार प्राप्त होता है, इस पर कोई और दावा नहीं कर सकता.
क्या कहता है कानून : मैरिड वूमेन प्रॉपर्टीज एक्ट 1874 के सेक्शन-6 में जीवन बीमा की योजनाओं को शामिल किया गया है. इसके अनुसार किसी शादीशुदा व्यक्ति की मृत्यु के बाद बीमा आदि से मिलने वाली सुविधा पर उसकी पत्नी और बच्चों का ही हक है. पॉलिसी लेने के लिए आवेदन करते वक्त ही मैरिड वूमेन प्रॉपर्टीज एक्ट के हिसाब से बनिफिशियल नॉमिनी बनाया जाना चाहिए. कोई भी व्यक्ति चाहे वह तलाकशुदा हो या पत्नी की मौत के बाद एकल हो, बीमा पॉलिसी इस कानून के तहत ले सकता है.
कैसे मिलता है लाभ : इस कानून के दायरे आये बीमा पॉलिसी को एक ट्रस्ट माना जाता है. इसलिए कानून के दायरे में लाते समय आवेदक को अपने ट्रस्टियों की जानकारी देनी होती है. यहां ट्रस्टी पत्नी, उसके वयस्क बच्चे या कोई तीसरा व्यक्ति भी हो सकता है. बीमा के नॉमिनी की घोषणा कर देने के बाद उसे भविष्य में कभी नहीं बदला जा सकता है.
लाभुकों के लिए इसका सबसे अधिक फायदा यह है कि इस योजना को कभी भी सरेंडर नहीं किया जा सकता है और न ही इस पर कोई लोन लिया जा सकता है.
कैसे लाएं कानून के दायरे में : जब भी बीमा पॉलिसी लेने के लिए आवेदन दे रहें हो, उसी समय इस विकल्प के लिए एक अलग से दिये गये फार्म को भरें. इसमें लाभुकों (नॉमिनी) के नाम, एक से अधिक होने पर उनका हिस्सा और ट्रस्टी लोगों की पूरी जानकारी देनी होती है.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola