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सैन्य प्रशिक्षण क्षेत्र में थल सेना के पूर्वी कमान का भव्य मिलिट्री टैटू, दिखी शक्ति, परंपरा और सांस्कृतिक विविधता

Updated at : 15 Dec 2025 10:22 PM (IST)
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Vijay Diwas 2025 Kolkata West Bengal

विजय दिवस की पूर्व संध्या पर कोलकाता में आयोजित हुआ मिलिट्री टैटू. फोटो : प्रभात खबर

Vijay Diwas 2025: भारतीय थल सेना के पूर्वी कमान ने 54वें विजय दिवस की पूर्व संध्या पर कोलकाता के विजय दुर्ग स्थित मंगल पांडेय सैन्य प्रशिक्षण क्षेत्र में लोगों ने भव्य सैन्य कार्यक्रम में लोगों ने सेना के वैभव, पराक्रम और सांस्कृतिक विविधता की झलक देखी. कार्यक्रम की शुरुआत सेना के लड़ाकू हेलीकॉप्टरों के शानदार फ्लाई-पास्ट से हुई.

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Vijay Diwas 2025: भारतीय थल सेना के पूर्वी कमान ने 54वें विजय दिवस की पूर्व संध्या पर कोलकाता के विजय दुर्ग स्थित मंगल पांडेय सैन्य प्रशिक्षण क्षेत्र में भव्य सैन्य कार्यक्रम का आयोजन किया. मंगलवार को मनाये जाने वाले विजय दिवस पर इस मिलिट्री टैटू में सेना की शक्ति, परंपरा और सांस्कृतिक विविधता की भव्य झलक देखने को मिली. कार्यक्रम को देखने के लिए कोलकाता और आसपास के इलाकों से बड़ी संख्या में दर्शक पहुंचे.

हेलीकॉप्टर्स के फ्लाई पास्ट से हुई कार्यक्रम की शुरुआत

कार्यक्रम की शुरुआत सेना के लड़ाकू हेलीकॉप्टरों के शानदार फ्लाई-पास्ट से हुई. सेना के घुड़सवारों द्वारा प्रस्तुत टेंट पेगिंग ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया. भारतीय सेना के एविएटर्स ने युद्धाभ्यास से जुड़े कौशल का प्रदर्शन किया, जिसमें ऑपरेशनल सटीकता और युद्धक्षेत्र की फुर्ती लोगों ने देखी. माइक्रोलाइट एयरक्राफ्ट की आकर्षक प्रस्तुति के साथ-साथ स्वार्म ड्रोन और रोबोट म्यूल्स के जरिये आधुनिक सैन्य तकनीक की झलक भी दिखायी गयी.

ईस्टर्न कमांड की ओर से आयोजित मिलिट्री टैटू में भंगड़ा डांस की प्रस्तुति. फोटो : प्रभात खबर

सांस्कृतिक कार्यक्रमों से समारोह हुआ रंगीन

सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने समारोह को और भी रंगीन बना दिया. कलारी पयट्टू, भांगड़ा, गतका और जलारी फाटक जैसी पारंपरिक प्रस्तुतियों को दर्शकों ने खूब सराहा. सेना के बैंड की ओर से पेश जोशीले सैन्य संगीत भी कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रहे. इसके अलावा आधुनिक हथियारों, उपकरणों और ड्रोन की प्रदर्शनी के जरिये दर्शकों को अत्याधुनिक सैन्य तकनीकों की जानकारी दी गयी.

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जनरल वीके सिंह ने भारत-बांग्लादेश मैत्री पर डाला प्रकाश

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जनरल वीके सिंह और लेफ्टिनेंट जनरल राम चंदर तिवारी ने भारत-बांग्लादेश मैत्री पर प्रकाश डाला. उन्होंने पूर्वी पाकिस्तान (मौजूदा बांग्लादेश) में पाकिस्तानी सेना द्वारा बंगालियों पर किये गये अत्याचारों का उल्लेख करते हुए भारतीय सशस्त्र बलों और मुक्ति योद्धाओं के साहस, बलिदान और शौर्य को याद किया.

थल सेना के जवानों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम की भी दी प्रस्तुति. फोटो : प्रभात खबर

Vijay Diwas 2025: 93 हजार पाकिस्तानी सैनिकों के सरेंडर के बाद बना बांग्लादेश

वक्ताओं ने बताया कि किस तरह वर्ष 1971 के युद्ध में 93 हजार पाकिस्तानी सैनिकों के आत्मसमर्पण के साथ एक स्वतंत्र बांग्लादेश का जन्म हुआ. सेना ईस्टर्न कमांड की ओर से आयोजित यह भव्य समारोह केवल उत्सव नहीं, बल्कि भारतीय सशस्त्र बलों के अदम्य साहस, बलिदान और भारत-बांग्लादेश की ऐतिहासिक मित्रता को समर्पित एक भावपूर्ण श्रद्धांजलि रहा. विजय दिवस की विरासत को सम्मान देते हुए यह आयोजन इतिहास, परंपरा और सैन्य उत्कृष्टता के माध्यम से जनता से गहरा भावनात्मक जुड़ाव स्थापित करने का प्रयास बना.

मिलिट्री बैंड की धुन सुन लोग रह गये मंत्रमुग्ध. फोटो : प्रभात खबर

कार्यक्रम में ये लोग हुए शामिल

इस अवसर पर मिजोरम के राज्यपाल जनरल डॉ वीके सिंह (सेवानिवृत्त) और पश्चिम बंगाल सरकार के युवा एवं खेल, आवास तथा विद्युत मंत्री अरूप विश्वास मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे. उनके साथ सेना ईस्टर्न कमांड के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ लेफ्टिनेंट जनरल राम चंदर तिवारी सहित कई वरिष्ठ सैन्य अधिकारी, असैनिक अधिकारी और विशिष्ट अतिथि मौजूद थे.

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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