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कोलकाता : 12 शहीद भारतीय सैनिकों के परिजनों को बांग्लादेश सरकार ने दिया सम्मान

Updated at : 17 Dec 2018 2:07 AM (IST)
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कोलकाता :  12 शहीद भारतीय सैनिकों के परिजनों को बांग्लादेश सरकार ने दिया सम्मान

कोलकाता : 16 दिसंबर, 1971 हर भारतीय नागरिक के लिए गौरव का दिन है, क्योंकि इसी दिन पाकिस्तानी सेना ने करारी शिकस्त का सामना करते हुए भारतीय सेना के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया था. इसी के साथ पूर्वी पाकिस्तान आजाद हो गया, जो बांग्लादेश कहलाया. प्रत्येक वर्ष 16 दिसंबर को विजय दिवस मनाया जाता है. […]

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कोलकाता : 16 दिसंबर, 1971 हर भारतीय नागरिक के लिए गौरव का दिन है, क्योंकि इसी दिन पाकिस्तानी सेना ने करारी शिकस्त का सामना करते हुए भारतीय सेना के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया था. इसी के साथ पूर्वी पाकिस्तान आजाद हो गया, जो बांग्लादेश कहलाया.
प्रत्येक वर्ष 16 दिसंबर को विजय दिवस मनाया जाता है. रविवार को 47वें विजय दिवस के उपलक्ष्य में महानगर के फोर्ट विलियम स्थित थल सेना के पूर्वी कमान मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान भारतीय शहीदों को श्रद्धांजलि दी गयी.
श्रद्धांजलि भारतीय सेना और बांग्लादेशी प्रतिनिधिमंडल की ओर से दी गयी. श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ ही बांग्लादेश सरकार ने 12 शहीद भारतीय सैनिकों के परिजनों को सम्मान दिया.
शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए भारतीय थल सेना की पूर्वी कमान के जीओसी इन चीफ, लेफ्टिनेंट जनरल एमएम नरवने ने शहीद सैनिकों के परिजनों को बांग्लादेश सरकार द्वारा सम्मान दिये जाने को एक बड़ी पहल बताया और कहा कि शहीद सैनिकों को सम्मान देने की प्रक्रिया आनेवाले वर्षों में भी जारी रहेगी.
इससे दोनों देशों के संबंध मजबूत होंगे. नरवने ने कहा तत्कालीन पश्चिमी पाकिस्तान (मौजूदा पाकिस्तान) के पूर्वी पाकिस्तान (मौजूदा बांग्लादेश) के लोगों पर अत्याचार की सीमा बढ़ गयी गयी थी. लाखों की तादाद में वहां के लोगों ने भारत में शरण लिया.
भारतीय सेना लड़ाई में उतरने को बाध्य हुई, क्योंकि देश में एक बहुत बड़ा मानवीय संकट उत्पन्न हो गया था, जिसका परिणाम पाकिस्तानी सेना के विनाश और बांग्लादेश के जन्म के तौर पर सामने आया. उन्होंने कहा, बहुत बिरले ही ऐसा हुआ है कि जब दो देशों की लड़ाई में एक तीसरे देश का जन्म हुआ हो.
बांग्लादेश सरकार ने 1600 से अधिक भारतीय सशस्त्र बल कर्मियों को सम्मानित करने का निर्णय किया है, जिन्होंने पूर्वी क्षेत्र में वर्ष 1971 में हुए भारत-पाकिस्तान युद्ध में अपने प्राणों का बलिदान दे दिया था.
बांग्लादेश सरकार के 72 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे बांग्लादेश के मुक्ति युद्ध मामलों के मंत्री एकेएमएम हक ने भारतीय थल सेना के पूर्वी कमान मुख्यालय फोर्ट विलियम में भारतीय थल सेना के शहीद हुए सात सैनिकों, वायुसेना के दो, बीएसएफ के दो और नौसेना के एक सैनिक के परिजनों को सम्मान पट्टिका प्रदान की. इससे पहले शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि देने के लिए विजय स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित किया गया.
उन्होंने कहा कि अत्याचार से पीड़ित दूसरे देश के लोगों की रक्षा करने व उनके लिए लड़ाई करने का जज्बा केवल भारतीय सैनिकों मेें ही है. पूर्वी क्षेत्र में शहीद हुए सैनिकों को सम्मानित करने की शुरूआत वर्ष 2017 में हुई, जब बांग्लादेश की प्रधानमंत्री ने सात सैनिकों के परिवारों को सम्मानित पट्टिकाएं प्रदान की थी. बांग्लादेशी प्रतिनिधिमंडल में 30 मुक्तियोद्धा शामिल थे, जिन्होंने मुक्ति संग्राम में हिस्सा लिया था.
इसके साथ ही इसमें बांग्लादेश सशस्त्र बलों के छह अधिकारी भी शामिल थे. पुष्पचक्र अर्पित करने के कार्यक्रम के बाद वायुसेना के चार हॉक ट्रेनर विमानों ने विजय स्मारक पर उड़ान भरी. इसके बाद सेना के एविएशन कोर के तीन हेलीकाॅप्टर ने भी उड़ान भरी. इनमें से एक हेलीकाॅप्टर ने गुलाब की पंखुड़ियों की वर्षा की.
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